Wednesday, July 17, 2019

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चित्रा मुद्गल

आधुनिक हिंदी कथा साहित्य की बहुचर्चित और सम्मानित लेखिका हैं। उनके लेखन में जहाँ एक ओर मानवीय संवेदनाओं का चित्रण होता है, वहीं दूसरी ओर नए जमाने की रफ्तार में फँसी जिंदगी की मजबूरियों का चित्रण है। चित्रा मुद्गल को उनके उपन्यास'आवां' के लिए 2003 में 'व्यास सम्मान' से सम्मानित किया गया था। उनका ये उपन्यास आठ भाषाओं में अनुवादित हो चुका है।

परिचय

चित्रा मुद्गल का जन्म 10 सितम्बर, 1944 को चेन्नई (तमिलनाडु) में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले में स्थित निहाली खेड़ा और उच्च शिक्षा मुंबई विश्वविद्यालय में हुई। बकौल चित्रा मुद्गल, "विद्रोह, संघर्ष और कायरता, मनुष्य को ये सभी चीजें घर से वातावरण से ही मिलती हैं। मुझे भी घर के माहौल ने विद्रोही बनाया।" संयोग देखिए कि इसी विद्रोह ने चित्रा मुद्गल को रचना संसार की राह भी दिखाई। पहली कहानीस्त्री-पुरुष संबंधों पर थी, जो 1955 में प्रकाशित हुई।

मुख्य रचनाएँ 'आवां', 'गिलिगडु', 'एक ज़मीन अपनी', 'जीवक', 'मणिमेख', 'दूर के ढोल', 'माधवी कन्नगी' आदि।
भाषा हिन्दी
पुरस्कार-उपाधि 'उदयराज सिंह स्मृति पुरस्कार' (2010), 'व्यास सम्मान' (2003)
प्रसिद्धि लेखिका
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी चित्रा मुद्गल का उपन्यास ‘आवां’ आठ भाषाओं में अनुदित हो चुका है तथा यह देश के 6 प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत 
प्रेतयोनि 

प्रेतयोनि 

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