Wednesday, June 19, 2019

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक

  • डॉ॰ वेद प्रताप वैदिक (जन्म: 30 दिसम्बर 1944, इंदौर, मध्य प्रदेश) भारतवर्ष के वरिष्ठ पत्रकार, राजनैतिक विश्लेषक, पटु वक्ता एवं हिन्दी प्रेमी हैं। हिन्दी को भारत और विश्व मंच पर स्थापित करने की दिशा में सदा प्रयत्नशील रहते हैं। भाषा के सवाल पर स्वामी दयानन्द सरस्वती, महात्मा गांधी और डॉ॰ राममनोहर लोहिया की परम्परा को आगे बढ़ाने वालों में डॉ॰ वैदिक का नाम अग्रणी है।
  • वैदिक जी अनेक भारतीय व विदेशी शोध-संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में ‘विजिटिंग प्रोफेसर’ रहे हैं। भारतीय विदेश नीति के चिन्तन और संचालन में उनकी भूमिका उल्लेखनीय है। अपने पूरे जीवन काल में उन्होंने लगभग 80 देशों की यात्रायें की हैं।
  • अंग्रेजी पत्रकारिता के मुकाबले हिन्दी में बेहतर पत्रकारिता का युग आरम्भ करने वालों में डॉ॰ वैदिक का नाम अग्रणी है। उन्होंने सन् 1958 से ही पत्रकारिता प्रारम्भ कर दी थी। नवभारत टाइम्स में पहले सह सम्पादक, बाद में विचार विभाग के सम्पादक भी रहे। उन्होंने हिन्दी समाचार एजेन्सी भाषा के संस्थापक सम्पादक के रूप में एक दशक तक प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में काम किया। सम्प्रति भारतीय भाषा सम्मेलन के अध्यक्ष तथा नेटजाल डाट काम के सम्पादकीय निदेशक हैं।

सारे चुनाव एक साथ कैसे हों ?*

मीडियावाला.इन। *देश के सारे राजनीतिक दल 19 जून को मिलकर इस मुद्दे पर विचार करेंगे कि क्या लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने चाहिए ? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आग्रह है कि वे एक साथ होने चाहिए।...

मैं सूअर और तू मेरा बच्चा

मीडियावाला.इन। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में एक ट्वीट पर पत्रकार प्रशांत कनोजिया को उप्र की पुलिस ने दिल्ली आकर गिरफ्तार कर लिया थाl सर्वोच्च न्यायालय ने इस पत्रकार को तुरंत रिहा कर दिया और कहा कि...

सरकार की पाक-दुविधा

mediawala.in भारत सरकार की यह दुविधा मेरी समझ के बाहर है। एक तरफ उसने पाकिस्तान को सबक सिखाने की ठान रखी है और दूसरी तरफ उसकी छोटी-सी कृपा पाने के लिए ववह गिड़गिड़ा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 13-14...

पाकिस्तान से बात शुरू करें

मीडियावाला.इन। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर को पत्र लिखे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच बातचीत की पहल की है। दोनों ने कहा...

भारत - पाक: दोनों की ज्यादती

मीडियावाला.इन। इस्लामाबाद के भारतीय दूतावास में ऐसा क्या हो रहा था, जिसे नाकामयाब करने के लिए पाकिस्तानी फौज और गुप्तचर विभाग ने अपने जवानों को अड़ा दिया। वहां 1 जून को और कुछ नहीं, बस एक इफ्तार पार्टी हो रही...

त्रिभाषा का पाखंड, द्विभाषा लाइए

मीडियावाला.इन।   देश की नई शिक्षा नीति का जो प्रारुप नए शिक्षा मंत्री को सौंपा गया है, उसका तमिलनाडु में तगड़ा विरोध शुरु हो गया है। अभी वह प्रारुप ही है। वह अभी तक भारत सरकार की नीति...

राहत की राजनीति काफी नहीं

मीडियावाला.इन। नए मंत्रिमंडल का स्वागत करने में देश के लोग खुशी मना रहे थे, उसी समय खबर आई कि इस समय देश में बेरोजगारी की दर 45 साल में आज सबसे ज्यादा है याने 6.1 प्रतिशत है। शहरों में 7.8...

आशा जगाए यह मंत्रिमंडल

मीडियावाला.इन। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जिन लोगों को मंत्री बनाया गया है, उन्हें देखकर यह कहा जा सकता है कि मंत्रालयों का बंटवारा काफी ठीक-ठाक हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह को बनाया गया है। इस मंत्रालय को सबसे महत्वपूर्ण माना...

इस मंत्रिमंडल के अर्थ  !

इस मंत्रिमंडल के अर्थ !

नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का यह शपथ-समारोह अपने आप में एतिहासिक है, क्योंकि यह ऐसा पहला गैर-कांग्रेसी मंत्रिमंडल है, जो अपने पहले पांच साल पूरे करके दूसरे पांच साल पूरे करने की शपथ ले रहा है। पिछले शपथ-समारोह से...

यह राहुल है या रणछोड़ दास ?

  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अजीब-सी नौटंकी में फसे हुए हैं। यदि उन्हें अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना ही है तो फिर वे मान-मनौव्वल के दौर में क्यों फंसे हैं ? चार-छह दिन ऐसी खबरें छपती रहें कि वे...

शपथः मोदी यह मौका न चूकें

मीडियावाला.इन।   नरेंद्र मोदी सरकार का यह दूसरा शपथ समारोह पहले से भी अधिक भव्य होना चाहिए। 2014 में चुनाव अभियान के दौरान मैंने दक्षेस (सार्क) देशों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया था। तालकटोरा स्टेडियम में बाबा...

मोदी का नया अवतार

mediawala.in कई वर्षों बाद मैं कल टीवी चैनलों को दो-ढाई घंटे तक देखता रहा। संसद के सेंट्रल हाल में चल रहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुन रहा था। मैंने नेहरु से लेकर अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के भाषण...

अब विरोधी दल क्या करें ?

mediawala.in इस चुनाव के परिणाम आने के बाद देश के विरोधी दलों की हवा निकली हुई-सी क्यों लग रही है ? चुनाव के पहले वे एकजुट न हो सके तो चुनाव के बाद क्या वे एकजुट हो सकेंगे ? उन्हें...

डांवाडोल विपक्ष

मीडियावाला.इन। भारत के विपक्षी दलों की दुर्दशा देखने लायक है। चुनाव के पहले वे कोई संयुक्त मोर्चा खड़ा नहीं कर सके और चुनाव के बाद चार दिन निकल गए लेकिन अभी तक वे हवा में लट्ठ घुमा रहे हैं। वे...

एक्जिट पोलः अंदाजी घोड़े

एक्जिट पोल की खबरों ने विपक्षी दलों का दिल बैठा दिया है। एकाध को छोड़कर सभी कह रहे हैं कि दुबारा मोदी सरकार बनेगी। विपक्षी नेता अब या तो मौनी बाबा बन गए हैं या हकला रहे हैं।...

अब कमान राष्ट्रपति के हाथों

अब कमान राष्ट्रपति के हाथों

मीडियावाला.इन।यदि इस 2019 के चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल जाए और एक स्थिर सरकार बन जाए तो भारतीय लोकतंत्र के लिए इससे बढ़िया बात तो कोई हो ही नहीं सकती। वह सरकार पिछले पांच साल की सरकार से...

मोदी की एतिहासिक पत्रकार-परिषद्

मोदी की एतिहासिक पत्रकार-परिषद्

मीडियावाला.इन।नरेंद्र मोदी भारत के ऐसे पहले और एकमात्र प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में एक भी प्रेस-काॅन्फ्रेंस नहीं की। उम्मीद बंधी थी कि अपने प्रधानमंत्री की अवधि के अंतिम दौर में वे कम से कम एक बार तो पत्रकारों...

प्रज्ञा अपनी उम्मीदवारी वापिस ले

प्रज्ञा अपनी उम्मीदवारी वापिस ले

मीडियावाला.इन। भोपाल से भाजपा की लोकसभा उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने भाजपा को गहरा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने महाराष्ट्र के स्वर्गीय पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के विरुद्ध बयान देकर महाराष्ट्र में भाजपा को चोट पहुंचाई है। बाबरी मस्जिद गिराने में अपनी...

उसे बहुमत तो मिलने से रहा

उसे बहुमत तो मिलने से रहा

मीडियावाला.इन। 2019 का चुनाव अब अंतिम चरण में है। लोग पूछ रहे हैं कि सरकार किसकी बनेगी ? यह क्यों पूछ रहे हैं ? क्योंकि किसी की भी बनती नहीं दिख रही है याने किसी की भी...

अयोध्या-विवाद का हल यह है

अयोध्या-विवाद का हल यह है

मीडियावाला.इन। कि अदालत सारे मामले को टाले जा रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के इस एतिहासिक मामले को सर्वोच्च न्यायालय में आए 10 साल हो गए और वह अभी तक इसे लटकाए हुए हैं, इसका क्या मतलब निकाला जाए...