Sunday, April 21, 2019

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक

  • डॉ॰ वेद प्रताप वैदिक (जन्म: 30 दिसम्बर 1944, इंदौर, मध्य प्रदेश) भारतवर्ष के वरिष्ठ पत्रकार, राजनैतिक विश्लेषक, पटु वक्ता एवं हिन्दी प्रेमी हैं। हिन्दी को भारत और विश्व मंच पर स्थापित करने की दिशा में सदा प्रयत्नशील रहते हैं। भाषा के सवाल पर स्वामी दयानन्द सरस्वती, महात्मा गांधी और डॉ॰ राममनोहर लोहिया की परम्परा को आगे बढ़ाने वालों में डॉ॰ वैदिक का नाम अग्रणी है।
  • वैदिक जी अनेक भारतीय व विदेशी शोध-संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में ‘विजिटिंग प्रोफेसर’ रहे हैं। भारतीय विदेश नीति के चिन्तन और संचालन में उनकी भूमिका उल्लेखनीय है। अपने पूरे जीवन काल में उन्होंने लगभग 80 देशों की यात्रायें की हैं।
  • अंग्रेजी पत्रकारिता के मुकाबले हिन्दी में बेहतर पत्रकारिता का युग आरम्भ करने वालों में डॉ॰ वैदिक का नाम अग्रणी है। उन्होंने सन् 1958 से ही पत्रकारिता प्रारम्भ कर दी थी। नवभारत टाइम्स में पहले सह सम्पादक, बाद में विचार विभाग के सम्पादक भी रहे। उन्होंने हिन्दी समाचार एजेन्सी भाषा के संस्थापक सम्पादक के रूप में एक दशक तक प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में काम किया। सम्प्रति भारतीय भाषा सम्मेलन के अध्यक्ष तथा नेटजाल डाट काम के सम्पादकीय निदेशक हैं।

यूपी: माया हुई मुलायम

मीडिया वाला.इन मुलायमसिंह यादव मैनपुरी से संसद का चुनाव लड़ रहे हैं और मायावती उनका चुनाव-प्रचार करने वहां पहुंच गईं। अनहोनी हो गई। मुलायम पर माया छा गईं और माया खुद मुलायम हो गईं। उप्र के इन दोनों नेताओं के...

मोदी की भी जांच क्यों न हो ?

मोदी की भी जांच क्यों न हो ?

चुनाव आयोग ने अपने एक अफसर को मुअत्तिल कर दिया, क्योंकि उसने ओडिशा में प्र.मं. नरेंद्र मोदी के हेलिकाॅप्टर को जांच के लिए 15 मिनिट तक रोक लिया था। आयोग ने अपने हिसाब से ठीक किया, क्योंकि आयोग...

हिंसक सत्ता की नाकामी

महावीर जयंति के अवसर पर हार्वर्ड केनेडी स्कूल की एक रपट दुनिया के आंदोलनों पर छपी है। यह खोजपूर्ण रपट इस मुद्दे पर छपी है कि पिछले 100 वर्षों में कितने हिंसक आंदोलन सफल हुए हैं और कितने...

अब हम चुनाव-पद्धति बदल दें

अभी चुनाव का पहला दौर शुरु हुआ है। अभी कई दौर पूरे होने बाकी है। इस पहले मतदान में याने सिर मुंडाते ही ओले पड़ गए। चुनाव आयोग ने लगभग 25000 करोड़ रु. का माल जब्त किया है,...

चुनावी बॉण्ड: यह नरमी क्यों?

मीडियावाला.इन सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार और भाजपा को अब एक और झटका दे दिया है। उसने कहा है कि सभी राजनीतिक दल 15 मई तक मिलनेवाले सभी चुनावी बांडों का ब्यौरा चुनाव आयोग को 30 मई तक सौंप दें। ब्यौरा...

मोदी पर तीन-तीन मुसीबतें

मोदी पर तीन-तीन मुसीबतें

मीडियावाला. इन   मोदी सरकार पर तीन-तीन मुसीबतें एक साथ आन पड़ी हैं। रफाल-सौदा, फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ और ‘नमो टीवी’-- इन तीनों पर सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग की गाज़ गिरी है। रफाल-सौदे पर छपे गोपनीय दस्तावेजों पर...

इमरान खान का मोदी - प्रेम

इमरान खान का मोदी - प्रेम

मीडियावाला.इन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का एक बड़ा मजेदार बयान अखबारों में छपा है। उनका कहना है कि यदि नरेंद्र मोदी की जीत हो गई और वे प्रधानमंत्री बन गए तो कश्मीर का मसला हल हो सकता है। एक...

सुमित्रा जी जैसा कोई और नहीं

सुमित्रा जी जैसा कोई और नहीं

मीडियावाला.इन भाजपा की नेता और भारत की लोकसभा-अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने घोषणा की है कि वे इस बार संसद का चुनाव नहीं लड़ेंगी। मप्र के भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची में उनका नाम नहीं था। उन्होंने अपनी बेइज्जती का इंतजार...

पहले मैं, फिर पार्टी, फिर देश !

पहले मैं, फिर पार्टी, फिर देश !

भाजपा के बुजुर्ग नेता श्री लालकृष्ण आडवाणी ने अपने ब्लाॅग में अपना मुंह खोलने की कोशिश की है। जब मोदी-राज शुरु हुआ था तब उन्होंने थोड़ी हिम्मत की थी और कहा था कि भारत में आपात्काल जैसे हालात...

घोषणा-पत्र अच्छा है लेकिन......

घोषणा-पत्र अच्छा है लेकिन......

मीडियावाला.इन कांग्रेस पार्टी का चुनावी घोषणा-पत्र यदि पढ़ें तो ऐसा लगता है कि यदि उसकी सरकार बन गई तो भारत के ‘अच्छे-दिन’ शुरु हो जाएंगे लेकिन डर यही है कि जैसे ‘अच्छे दिन’ वर्तमान सरकार लाई है, क्या वैसे ही...

इसमें ‘भयंकर’, ‘भयंकर’ क्या है ?

मीडियावाला.इन। कांग्रेस के चुनाव घोषणा-पत्र पर आज मैं अपनी प्रतिक्रिया देना चाहता था लेकिन हमारे उपग्रहभेदी प्रक्षेपास्त्र पर अमेरिका ने एक नई बहस छेड़ दी है। यह बहस कुछ ऐसी ही है, जैसे हमारी फौज के बालाकोट हमले पर...

कश्मीर: धारा 35 ए पर बहस

कश्मीर: धारा 35 ए पर बहस

मीडियावाला.इन  आजकल भाजपा और मोदी सरकार के प्रभावशाली प्रवक्ता बने हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कश्मीर पर फिर एक बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा है कि धारा 35 ए खत्म की जानी चाहिए और यह भारतीय संविधान में...

प्रक्षेपास्त्र: अंतरिक्ष में या चुनाव में ?

मीडियावाला.इन। भारत ने एक उपग्रहभेदी प्रक्षेपास्त्र अंतरिक्ष में छोड़ा, यह उसके लिए बड़ी उपलब्धि है। ऐसी क्षमतावाला वह दुनिया का चौथा राष्ट्र बन गया है। उसके पहले अमेरिका, रुस और चीन के पास ही यह क्षमता थी। यह अलग...

हिंदुत्व का औरंगजेबी चेहरा ?

मीडियावाला.इन। लोकसभा चुनावों के लिए पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर रही हैं। कई नामी-गिरामी उम्मीदवार रातों-रात पार्टियां बदल रहे हैं, उनकी चर्चा सुर्खियों में हैं लेकिन भाजपा ने अपने जिन वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किया है, उनकी चर्चा...

राहुल ने मारा तुरुप का पत्ता

राहुल ने मारा तुरुप का पत्ता

मीडियावाला.इन। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनावी खेल में तुरुप का पत्ता मार दिया है। राहुल ने कहा है कि किसी भी गरीब परिवार की आमदनी 12 हजार रु. महिने से कम नहीं होनी चाहिए। अगर कांग्रेस की सरकार बन...

लोहियाजी को पढ़ें मोदी

मीडियावाला.इन। मुझे खुशी हुई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डाॅ. राममनोहर लोहिया को उनके जन्म दिन पर याद किया। उन्होंने यह इसलिए नहीं किया कि लोहियाजी के प्रति उनकी कोई श्रद्धा है या फिर वे उनकी समाजवादी विचारधारा को...

आतंक का जवाब आतंक नहीं

मीडियावाला.इन। अब से 12 साल पहले जिन तीन मामलों ने ‘भगवा आतंक’ शब्द को जन्म दिया था, उन तीनों के आरोपियों को पूरी तरह से बरी कर दिया गया है। हैदराबाद की मक्का मस्जिद और अजमेर के हत्याकांड के...

आखिर, आ ही गया लोकपाल

मीडियावाला.इन। आखिर लोकपाल की नियुक्ति हो ही गई। इस आंदोलन की शुरुआत अब से लगभग पचास साल पहले सांसद डाॅ. लक्ष्मीमल्ल सिंघवी और डाॅ. सुभाष काश्यप ने की थी और फिर यही आंदोलन दस साल पहले अरविंद केजरीवाल और...

मनोहर पर्रिकर: विलक्षण नेता

मनोहर पर्रिकर: विलक्षण नेता

मीडियावाला.इन। गोवा देश के सबसे छोटे राज्यों में से है लेकिन उसने देश को एक बड़ा नेता दिया है। यों तो पर्रिकर देश भर में जाने गए केंद्रीय रक्षा मंत्री बनने के बाद लेकिन चार बार वे गोवा के...

मस्जिदों पर आतंकी हमला

मस्जिदों पर आतंकी हमला

न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों पर हमला हुआ और 50 लोग मारे गए। ये मारे जानेवाले कौन थे ? ये मुसलमान थे। वे नमाज पढ़ने गए थे, मस्जिदों में ! इन्हें मारनेवाला कौन था ? एक आस्ट्रेलिया नागरिक !...