Monday, August 26, 2019

Blog

डॉ. वेदप्रताप वैदिक

  • डॉ॰ वेद प्रताप वैदिक (जन्म: 30 दिसम्बर 1944, इंदौर, मध्य प्रदेश) भारतवर्ष के वरिष्ठ पत्रकार, राजनैतिक विश्लेषक, पटु वक्ता एवं हिन्दी प्रेमी हैं। हिन्दी को भारत और विश्व मंच पर स्थापित करने की दिशा में सदा प्रयत्नशील रहते हैं। भाषा के सवाल पर स्वामी दयानन्द सरस्वती, महात्मा गांधी और डॉ॰ राममनोहर लोहिया की परम्परा को आगे बढ़ाने वालों में डॉ॰ वैदिक का नाम अग्रणी है।
  • वैदिक जी अनेक भारतीय व विदेशी शोध-संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में ‘विजिटिंग प्रोफेसर’ रहे हैं। भारतीय विदेश नीति के चिन्तन और संचालन में उनकी भूमिका उल्लेखनीय है। अपने पूरे जीवन काल में उन्होंने लगभग 80 देशों की यात्रायें की हैं।
  • अंग्रेजी पत्रकारिता के मुकाबले हिन्दी में बेहतर पत्रकारिता का युग आरम्भ करने वालों में डॉ॰ वैदिक का नाम अग्रणी है। उन्होंने सन् 1958 से ही पत्रकारिता प्रारम्भ कर दी थी। नवभारत टाइम्स में पहले सह सम्पादक, बाद में विचार विभाग के सम्पादक भी रहे। उन्होंने हिन्दी समाचार एजेन्सी भाषा के संस्थापक सम्पादक के रूप में एक दशक तक प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में काम किया। सम्प्रति भारतीय भाषा सम्मेलन के अध्यक्ष तथा नेटजाल डाट काम के सम्पादकीय निदेशक हैं।

चिंदंबरम: यह खाला का घर नहीं है

मीडियावाला.इन। कांग्रेसी नेता और पूर्व वित्तंत्री पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी को इतना नाटकीय रुप देने की जरुरत क्या थी ? यदि उच्च न्यायालय ने उन्हें अग्रिम जमानत नहीं दी तो कौनसा आसमान टूट रहा था ? वे...

ट्रंप का गोरखधंधा

मीडियावाला.इन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गोरखधंधा भी बड़ा मजेदार है। भारत सरकार द्वारा उनकी मध्यस्थता से इंकार के बावजूद वे मध्यस्थता किए जा रहे हैं। कभी वे नरेंद्र मोदी से बात करते हैं तो कभी...

परमाणु बमः शाब्दिक बल्लेबाजी

मीडियावाला.इन। रक्षा मंत्री राजनाथसिंह ने भारत के परमाणु शस्त्रास्त्रों के इस्तेमाल के बारे में ऐसा बयान दे दिया है, जिस पर दुनिया के सभी देशों का ध्यान जाए बिना नहीं रहेगा, खासतौर से पाकिस्तान का। उन्होंने कहा...

लाल किले से नया मोदी

लाल किले से नया मोदी

मीडियावाला.इन।                                   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किले से अब तक जितने भी भाषण दिए हैं, उनमें आज का भाषण सर्वश्रेष्ठ रहा, हालांकि उसमें कुछ जरुरी बातें और भी होनी चाहिए थीं। इस भाषण की सबसे बड़ी खूबी यह रही...

कश्मीरः खस्ता-हाल पाकिस्तान

कश्मीरः खस्ता-हाल पाकिस्तान

मीडियावाला.इन। विदेश मंत्री जयशंकर बिल्कुल ठीक मौके पर चीन पहुंचे। उनके पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन जाकर खाली हाथ लौट चुके थे लेकिन चीन कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तानी दबाव में आकर कोई अप्रिय रवैया अख्तियार...

कैसे चुनें कांग्रेस अध्यक्ष

कैसे चुनें कांग्रेस अध्यक्ष

मीडियावाला.इन। कांग्रेस-जैसी महान पार्टी कैसी दुर्दशा को प्राप्त हो गई है ? उसकी कार्यसमिति जैसी अंधी गुफा में आजकल फंसी हुई है, वैसी वह सुभाषचंद्र बोस और पट्टाभिसीतारमय्या तथा नेहरु और पटेल की टक्कर के समय भी नहीं फंसी...

कश्मीरः अब आगे क्या करें ?

मीडियावाला.इन। कश्मीर के सवाल पर भारत को रोज़ ही किसी न किसी राष्ट्र का सीधा या घुमा-फिराकर समर्थन मिलता जा रहा है। अब तो रुस ने भी कह दिया है कि यह भारत का आतंरिक मामला है।...

कश्मीर की यह एतिहासिक ईद

कश्मीर की यह एतिहासिक ईद

मीडियावाला.इन।   कश्मीर ने कांग्रेस तथा कई अन्य विपक्षी दलों को बड़ी दुविधा में डाल दिया है। इन दलों के कई प्रमुख नेता (कश्मीर के मामले में) खुलकर सरकार का समर्थन कर रहे हैं बल्कि कश्मीर के पूर्व महाराजा...

अब कश्मीर को सच्ची आजादी

मीडियावाला.इन। जम्मू-कश्मीर के सवाल को मोदी सरकार ने हमेशा के लिए हल कर दिया है। भाजपा की इस सरकार ने जैसी हिम्मत दिखाई है, वैसी हिम्मत अब तक की कोई भी सरकार नहीं दिखा पाई। यदि इंदिरा...

ज़हर के सौदागार हैं, ये लोग !

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश की सरकार एक ऐसा काम कर रही है, जिसका अनुकरण देश की सभी सरकारों को करना चाहिए और केंद्रीय सरकार को इस मामले में विशेष पहल करनी चाहिए । मप्र में मुख्यमंत्री कमलनाथ की कांग्रेस...

कश्मीर में हड़कंप क्यों है ?

मीडियावाला.इन। कश्मीर की घाटी में अचानक हजारों सुरक्षाकर्मियों के पहुंचने से बड़ा हड़कंप मच गया है। कश्मीर के इतिहास में ऐसा शायद पहली बार हुआ है कि अमरनाथ-यात्रियों और सारे देशी-विदेशी पर्यटकों को तुरंत कश्मीर छोड़ने के...

दिल्ली से सीखे सब सरकारें

मीडियावाला.इन। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने ऐसा एतिहासिक काम कर दिखाया है, जिसका अनुकरण भारत की सभी प्रांतीय सरकारों को तो करना ही चाहिए, हमारे पड़ौसी देशों की सरकारें भी उससे प्रेरणा ले सकती है। ‘आप’ पार्टी...

तीन तलाक को तलाक: बधाई

मीडियावाला.इन। तीन तलाक को सरकार ने आखिरकार तलाक दे ही दिया। संसद के दोनों सदनों ने बहुमत से इस कानून पर मुहर लगा दी है। राज्यसभा में सरकार का अल्पमत होते हुए भी उसने इस कानून को...

भीड़ की हिंसाः सरकारें ज़रा जागें

मीडियावाला.इन। भीड़ की हिंसा को लेकर इधर भारत के बुद्धिजीवी और कलाकार दो खेमों में बंट गए हैं। एक खेमा सारा दोष सरकार के मत्थे मढ़ रहा है और दूसरा खेमा सरकार को निर्दोष सिद्ध करते हुए दिखाई पड़...

कश्मीरः भारत-पाक अपना ढोंग खत्म करें

मीडियावाला.इन। कश्मीर में 10 हजार नए पुलिसवालों की तैनाती से हड़कंप मचा हुआ है। कश्मीरी नेता और अलगाववादी लोग भी यह मान रहे हैं कि यह तैनाती इसलिए की जा रही है कि सरकार धारा 370 और...

इमरान पर भरोसा क्यों न करें ?

इमरान पर भरोसा क्यों न करें ?

मीडियावाला.इन। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कमाल कर दिया। उन्होंने अमेरिका में अपने आतंकवादियों के बारे में ऐसी बात कह दी, जो आज तक किसी भी पाकिस्तानी नेता ने कहने की हिम्मत नहीं की। उन्होंने अमेरिका के एक...

राजनीति तो वेश्या है: भर्तृहरि

राजनीति तो वेश्या है: भर्तृहरि

मीडियावाला.इन। हम समझ रहे हैं कि कर्नाटक के नाटक का समापन हो गया। विधानसभा में विश्वास का प्रस्ताव क्या गिरा और मुख्यमंत्री डी. कुमारस्वामी ने इस्तीफा क्या दिया, देश के लोगों ने चैन की सांस ले ली लेकिन पिछले 18...

अल्पसंख्यकता मीठा जहर है

अल्पसंख्यकता मीठा जहर है

मीडियावाला.इन। सर्वोच्च न्यायालय के सामने एक बड़ी मजेदार याचिका आई है। इस याचिका में अश्विनी उपाध्याय ने तर्क दिया है कि भारत में अल्पसंख्यक की परिभाषा बदली जाए। किसी भी मजहब के आदमी को अल्पसंख्यक घोषित करते समय उसके संप्रदाय...

भारत-पाक: सुनहरा मौका

भारत-पाक: सुनहरा मौका

mediawala.in कर्तारपुर गलियारे को संचालित करने पर भाजपा और पाकिस्तान के बीच सैद्धांतिक सहमति हो गई है। इस्लामाबाद ने विश्वास दिलाया है कि वह कर्तारपुर गुरुद्वारे के नाम पर चलनेवाली हर भारत-विरोधी गतिविधि पर प्रतिबंध लगाएगा। उसने यह घोषणा भी...

गरीबी का मजाक है यह

मीडियावाला.इन। संयुक्तराष्ट्र संघ की एक ताजा रपट के मुताबिक दुनिया में गरीबी को सबसे ज्यादा खत्म करनेवाला कोई देश है तो भारत ही है। भारत में सन 2006 से 2016 तक याने 10 साल में 27 करोड़ 10 लाख...