Tuesday, September 17, 2019

Blog

राकेश अचल

राकेश अचल ग्वालियर - चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ और जाने माने पत्रकार है। वर्तमान वे फ्री लांस पत्रकार है। वे आज तक के ग्वालियर के रिपोर्टर रहे है।

निरुत्तर हैं उत्तर भारतीय

निरुत्तर हैं उत्तर भारतीय

मीडियावाला.इन। उत्तर भारत में बरेली का मांजा और झुमका ही नहीं बरेली का संतोष और वहां का गंवारपन भी दुनिया में मशहूर है।मुझे इस भाग्य का सौभाग्य है कि मेरी गर्भनाल उत्तरभारत के उत्तर प्रदेश में है और मै...

बैंकों की कठिन होती डगर

बैंकों की कठिन होती डगर

मीडियावाला.इन। जनता और जनता में शामिल मै सरकार के हर कदम का समर्थन करने का जब-जब मन बनाता हूँ सरकार एक न एक काम ऐसा कर देती है कि ये सपना चकनाचूर हो जाता है ।नए मोटर व्हीकल क़ानून का...

मेरे अँगने में तुम्हारा क्या काम है ?

मेरे अँगने में तुम्हारा क्या काम है ?

मीडियावाला.इन। भोजपुरी फिल्मों के नायक रविकिशन हमारे चंबल में राजयसभा सांसद प्रभाद झा के बेटे की पैरवी करने आये तो सबको हैरानी हुई ।भाजपा वालों की तो भवें तन गयीं ।तनना ही चाहिए ।ग्वालियर चाम्ब्ल में दूसरों...

अंतर्विरोधों में उलझे  मध्यप्रदेश के नेता

अंतर्विरोधों में उलझे मध्यप्रदेश के नेता

मीडियावाला.इन। मध्य्प्रदेश का दुर्भाग्य है की यहां लम्बे समय बाद सत्ता परिवर्तन के बावजूद हालात जस-के तस हैं ।सत्तारूढ़ दल के साथ ही विपक्ष के नेता भी अंतर्विरोधों में उलझे हैं,किसी को अवाम की फ़िक्र नहीं है ।प्रदेश में...

रिजर्ब बैंक की दरियादिली या मजबूरी ?

रिजर्ब बैंक की दरियादिली या मजबूरी ?

मीडियावाला.इन। रिजर्ब बैंक के गवर्नर श्री शक्तिकांत दास की ही तरह मैंने अर्थशास्त्र में कोई उपाधि नहीं ली है लेकिन मेरे मन में भी आज वे सब सवाल खदबदा रहे हैं जो आम भारतीय के मन में हैं ।...

हे प्रिय  पाहुन अब न पधारो  !

हे प्रिय पाहुन अब न पधारो !

मीडियावाला.इन। हमारे देश में पाहुना भगवान के समान होता है ,लेकिन अब जमाना बदल गया है।आप अपने पाहुने को न्यौता देकर बुलाएं और दरवाजे से लाठियाकर वापस कर दें तो भी आपका कोई कुछ नहीं कर सकता,क्योंकि अब देश...

मंदी भी तो मुमकिन है

मंदी भी तो मुमकिन है

मीडियावाला.इन। देश अचानक मंदी की चपेट में आ गया है तो घबड़ाने की जरूरत नहीं है।मंदी भी तो एक मुमकिन चीज है ।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रहे जब कश्मीर से अनुच्छेद 370  समाप्त हो सकता है...

कश्मीर पर दुःसाहसिक प्रयोग

कश्मीर पर दुःसाहसिक प्रयोग

मीडियावाला.इन। भारत सरकार जम्मू-कश्मीर की सनातन समस्या सुलझाने के लिए एक दुःसाहसिक प्रयोग कर रही है. पूरे देश और दुनिया की नजर इस दुःसाहसिक प्रयोग पर है क्योंकि इसके नतीजे न केवल देश को बल्कि आसपड़ोस और...

हास्य-व्यंग्य घोड़ों पर सवार लोकतंत्र

हास्य-व्यंग्य घोड़ों पर सवार लोकतंत्र

मीडियावाला.इन। पहली बार जब अश्व शक्ति के बारे में सुना था,तब भरोसा नहीं हुआ था ,लेकिन बाद में धीरे-धीरे सब कुछ समझ आने लगा .हर युग में 'अश्व शक्ति' का महत्व रहा है .ये बात अलग है की ये...

लिंचिंग पर दिमागों का विभाजन खतरनाक

लिंचिंग पर दिमागों का विभाजन खतरनाक

मीडियावाला.इन। सियासत केवल 'हॉर्स ट्रेडिंग'नहीं कर रही है बल्कि अब बुद्धिजीवियों को भी बाँट रहीहै .लिंचिंग विवाद पर देश के बुद्धिजीवियों का दो खेमों में बांटना इसका ताजा उदाहरण है. देश के ४९ बुद्धिजीवियों ने लिंचिंग के लिए 'जय...

प्रियंका में नहीं तलाशना चाहिए इंदिरा गांधी

प्रियंका में नहीं तलाशना चाहिए इंदिरा गांधी

मीडियावाला.इन। फिलहाल भारतीय राजनीति में सबसे बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस पार्टी की महासचिव रही श्रीमती प्रियंका वाड्रा में पूर्व प्रधानमंत्री की तलाश कर रही है। बिना अध्यक्ष के चल रही कांग्रेस में प्रियंका में इंदिरा गांधी की...

सिंधिया की प्रासंगिकता पर सवाल

सिंधिया की प्रासंगिकता पर सवाल

मीडियावाला.इन। जय विलास पैलेस के सामने खड़े प्रशासन की ये तस्वीर आजकल सुर्ख़ियों में है।सुर्ख़ियों में ही नहीं है बल्कि इस तस्वीर के जरिये सवाल उठाये जा रहे हैं की प्रशासन आखिर महल की चाय पीने क्यों गया और...

लोकतंत्र बचाओ ,आगे आओ

लोकतंत्र बचाओ ,आगे आओ

मीडियावाला.इन। गोवा और कर्नाटक में इन दिनों जो हो रहा है वो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की न पहली घटना है  और न अभूतपूर्व ,इसलिए इस पर चींटी होनेके बजाय इस बात पर संसद को बहस करना चाहिए कि...

किस्मत वाली उंगली कमलनाथ की

किस्मत वाली उंगली कमलनाथ की

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के दाएं हाथ की उंगली किस्मत वाली निकली।कमलनाथ की इस उंगली का आपरेशन भोपाल के सरकारी अस्पताल में क्या हुया पूरे देश में हल्ला मच गया कि वीआईपी उंगली का आपरेशन सरकारी अस्पताल में...

मप्र में सत्ता के 'गर्भपात' के लक्षण 

मीडियावाला.इन।   मुझे कांग्रेस का समर्थक माना जाता है ये अलग बात है लेकिन अपने सूबे की सियासत के बारे में मै सदैव सचेत रहता हूं । सात समंदर पार से भी मुझे इस समय प्रदेश में कांग्रेस...

भारत में हड़ताल पर हैं भगवान

मीडियावाला.इन। दुनिया का तो पता नहीं लेकिन भारत जैसे भीड़-भाड़ वाले देश में आम आदमी डाक्टर को भगवान मानता है लेकिन दुर्भाग्य देखिये की भारत के अनेक राज्यों के डाक्टर इन दिनों हड़ताल पर हैं।बंगाल में एक डाक्टर के...

तो क्या लड़ना भूल गयी है कांग्रेस ?

तो क्या लड़ना भूल गयी है कांग्रेस ?

मीडियावाला.इन। बीते पांच साल से विपक्ष में बैठी कांग्रेस लगता है जनता की लड़ाई लड़ना ही भूल गयी है ,कांग्रेस का मौथरापन ही उसके लिए घातक साबित हो रहा है।कांग्रेस से ठीक उलट पांच साल से केंद्र की सत्ता...

अब तो चल कर दिखाइए सरकार

mediawala.in ​​​​​देश में नई सरकार बने दस दिन हो रहे हैं लेकिन सरकार अभी भी चुनावी खुमार से बाहर नहीं निकली है।केवल सरकार ही नहीं बल्कि विपक्ष भी इसी खुमार में डूबा है ,देश सेवा का संकल्प अभी भी खूंटी...

'डेंजर जोन' में कमलनाथ

मीडियावाला.इन। मेरे इस आलेख से भक्तगण खुश हो सकते हैं क्योंकि मै इसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ की खबर लेने जा रहा हूँ।आगामी १३ जून को कमलनाथ को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री पद सम्हाले छह महीने पूरे हो जायेंगे ।इन...

Postcard war: ये जंग नहीं आसां बस इतना समझ लीजे 

Postcard war: ये जंग नहीं आसां बस इतना समझ लीजे 

मीडियावाला.इन। सियासत बड़ी हरजाई होती है.बंगाल में सियासत अब पोस्टकार्डों पर केंद्रित हो गयी है.आम चुनाव के दौरान भाजपा और तृमूकां के बीच उपजी कड़वाहट अब बैमनष्य में बदल गयी ही .अब पार्टियां मुद्दों पर नहीं अ-मुद्दों पर पोस्टकार्डों के...