Wednesday, February 20, 2019

Blog

राकेश अचल

राकेश अचल ग्वालियर - चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ और जाने माने पत्रकार है। वर्तमान वे फ्री लांस पत्रकार है। वे आज तक के ग्वालियर के रिपोर्टर रहे है।

युद्ध से ज्यादा त्रासद है सड़क का हादसा

मीडियावाला.इन।   देश में आदमी की जान की कीमत कुछ भी नहीं है.सड़क पर मरे तो बिलकुल भी नहीं .शायद इसीलिए सड़क पर होने वाली मौतों के प्रति हमारी संवेदना न जाने कब की मर चुकी है .राज्य...

इस शहादत की कीमत कौन चुकाएगा ?

पुलवामा में सीआरपीएफ के 42  जवानों की नृशंस हत्या को खून का घूँट समझकर नहीं पिया जा सकता .इस नृशंसता की कीमत भी वसूल करना होगी और इसका समुचित जबाब भी देना होगा ,ये जिम्मेदारी हमारे हुक्मरानों की है...

मोदी-ममता टकराव एक दुःस्वप्न 

मोदी-ममता टकराव एक दुःस्वप्न 

बंगाल और दिली के बीच टकराव देश के संघीय ढाँचे पर इस दशक की सबसे बुरी दुर्घटना है ,दिल्ली की और से बंगाल पर प्रभुत्व जमाने के लिए की गयी कोशिश के फलस्वरूप ये नौबत आयी है और...

पुरुषार्थ और पदलिप्सा का फेर 

पुरुषार्थ और पदलिप्सा का फेर 

एक बीमार व्यक्ति के बारे में कड़वा सच लिखने के कारण मुझे आलोचनाओं का शिकार बनना पडेगा ये जानते हुए मै गोवा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर पर्रिकर के बारे में लिख रहा हूँ.वे लम्बे अरसे से अग्नाशय के...

ना-ना करके प्रियंका का राजनीति में आना

ना-ना करके प्रियंका का राजनीति में आना

पूरे 47 साल की प्रियंका बाड्रा का ना ना करके अचानक से सक्रिय राजनीति में आना भाजपा को भले हैरान-परेशान करे किन्तु कांग्रेस को पता था कि प्रियंका के बिना आने वाले आम चुनाव में कांग्रेस का डंका...

सियासत के आदित्य हैं ज्योतिरादित्य 

सियासत के आदित्य हैं ज्योतिरादित्य 

किसी राजनेता के जन्मदिन पर लिखने की मेरी आदत नहीं है ,अक्सर ऐसे लेखन से मै बचता हूँ.बीते तरह साल में एक बार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के जन्मदिन पर लिखा था वो भी सहमते हुए ,क्योंकि आप...

कच्छ में उज्जैन की पुनरावृत्ति

देश में भाजपा के अखंड राज का असर आज टीवी के परदे पर देखा तो सिहिर उठा .कच्छ विवि में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता एक प्रोफेसर को न सिर्फ पीट रहे थे बल्कि उन्होंने प्रोफेसर का मुंह...