Sunday, April 21, 2019

Blog

राकेश अचल

राकेश अचल ग्वालियर - चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ और जाने माने पत्रकार है। वर्तमान वे फ्री लांस पत्रकार है। वे आज तक के ग्वालियर के रिपोर्टर रहे है।

स्मृतिशेष:एक कहकहे का अवसान

स्मृतिशेष:एक कहकहे का अवसान

मीडियावाला.इन। अमेरिका में आज शाम जब फेसबुक खोली तो एक मनहूस खबर मिली की हास्य सम्राट प्रदीप चौबे हमारे बीच नहीं रहे .प्रदीप चौबे के अचानक जाने की खबर मेरे लिए किसी वज्रपात   से कम नहीं हैं .इस खबर से...

घोषणापत्र बनाम रिश्वतनामा

घोषणापत्र बनाम रिश्वतनामा

मीडियावाला.इन  आजकल घोषणापत्रों की खूब चर्चा है,खासकर कांग्रेस के घोषणापत्र की।कांग्रेस की तमाम घोषणाओं से प्रतिद्वंदियों में हड़कंप है।मुझे लगता है कि आज की सियासत में घोषणापत्र सत्ता संघर्ष का सबसे धारदार औजार हो सकता है लेकिन राजनीतिक दलों...

कलाकारों पर आश्रित होती सियासत

कलाकारों पर आश्रित होती सियासत

मीडियावाला.इन भारत की सियासत को घुन लगने लगी है.किसी भी राजनितिक दल के पास आज की तारीख में कोई ऐसा नेता नहीं है जिसे सर्वमान्य रूप से देश अपना 'हीरो' स्वीकार कर ले .हालात ऐसे बन गए हैं की अब...

दिग्गी राजा हैं ,अभिमन्यु नहीं...

दिग्गी राजा हैं ,अभिमन्यु नहीं...

मीडियावाला.इन।भाजपा मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लोकसभा में जाने से रोकने को तो आतुर है लेकिन अब तक भाजपा भोपाल सीट से कोई मजबूत प्रत्याशी तय नहीं कर पायी है। आम धारणा है कि कांग्रेस ने दिग्गी राजा...

कब तक कांग्रेस का हौवा काम आएगा ?

कब तक कांग्रेस का हौवा काम आएगा ?

ये पहली बार है कि कांग्रेस बार-बार भाजपा के काम आ रही है ।एक लंबी लड़ाई के बाद भाजपा पांच साल पहले जब सत्ता में आई थी तब भी भाजपा ने कांग्रेस का हौवा खड़ा किया था और...

आडवाणी के लिए स्यापा अब व्यर्थ

आडवाणी के लिए स्यापा अब व्यर्थ

मीडियावाला.इन। नयी लोकसभा में भाजपा के संस्थापक लालकृष्ण आडवाणी आपको नजर नहीं आएंगे ,क्योंकि अब उन्हीं की पार्टी ने उन्हें लोकसभा के लिए चुनाव न लड़ाने का फैसला  किया है. ये आडवाणी जी के सक्रिय राजनीतिक जीवन का समापन...

प्रत्याशियों की घोषणा की संहिता

प्रत्याशियों की घोषणा की संहिता

देश में आम चुनावों की घोषणा के साथ ही प्रत्याशियों के नाम की घोषणा भी होना चाहिए ,इस बारे में चुनाव आयोग का हस्तक्षेप अब तक नहीं हुआ है .'मोदी है तो मुमकिन है'में आस्था रखने वालों  के...

राजनीति में मनोहर होना कोई आसान काम नहीं

राजनीति में मनोहर होना कोई आसान काम नहीं

एक ईमानदार और आम आदमी के बीच के नेता मनोहर पर्रिकर के असमय निधन से देश शोकग्रस्त है .मनोहर पर्रिकर गोवा की राजनीति के लिए जन्मे थे लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें केंद्र की राजनीति में ले आये...

प्रचार की नहीं, प्रारूप की जरूरत

प्रचार की नहीं, प्रारूप की जरूरत

देश  में होने वाले आम चुनावों की घोषणा के बाद राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में अपनी समूची ताकत झौंकने में जुट गए हैं,जबकि अब प्रचार की नहीं बल्कि उस प्रारूप की जरूरत है जो नयी सरकार बनाने वालों...

आचार संहिता की नयी चुनौतियाँ

आचार संहिता की नयी चुनौतियाँ

लोकसभा चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होते ही नयी चुनौतियां भी सामने आकर खड़ी हो गयीं हैं,चुनाव आयोग के लिए इन नयी चुनौतियों से निबटना इस बार की सबसे बड़ी "अग्निपरीक्षा"है .ये चुनौतियां तकनीक की हैं...

बारास्ता सड़क से संसद की मुहिम

बारास्ता सड़क से संसद की मुहिम

मीडियावाला.इन।संतोष की बात ये है की प्रदेश में लगातार 15 साल सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा के नेता और कार्यकर्ता संघर्ष करना भूले नहीं हैं .प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के तीन महीने के भीतर ही भाजपा ने अपने...

मध्यप्रदेश में तबादलों की गंगा

मध्यप्रदेश में तबादलों की गंगा

मीडियावाला.इन।मध्यप्रदेश में तबादलों की गंगा पूरे उफान पर है,आप कह सकते हैं कि खतरे के निशाँ तक आ पहुंची है लेकिन सर्कार है कि उसे इस उफान कि कोई फ़िक्र ही नहीं है .प्रदेश में नयी सरकार बनने के बाद...

शिलालेखों पर खड़ी सियासत

शिलालेखों पर खड़ी सियासत

सियासत में शिलालेखों का बड़ा महत्व है और आज से नहीं सदियों से है.हर व्यक्ति इन शिलालेखों के जरिये अजर-अमर हो जाना चाहता है. हकीकत भी है की यदि शिलालेख अच्छे पत्थर पर तरीके से उत्कीर्णन किये गए...

अभिनंदन का बाजार और कारोबार

अभिनंदन का बाजार और कारोबार

मीडियावाला.इन।  आशंकाएं अनुभवों के कन्धों पर सवार होतीं हैं,इसलिए इन्हें दूर तक का दिखाई देता है.भविष्य की सुरक्षा के लिए आशंकाओं की अनदेखी कभी नहीं करना चाहिए,ऐसा कारण कभी-कभी बहुत भारी पड़ जाता है.पाकिस्तान की कैद से रिहा...

अभिनन्दन की वापसी का अभिनन्दन

अभिनन्दन की वापसी का अभिनन्दन

मीडियावाला.इन। भारतीय वायुसेना के जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन वरतनम की पाकिस्तान से सकुशल वापसी का तहेदिल से अभिनंदन करते हुए मुझे खुशी है कि भारत के कूटनीतिक प्रयास आश्चर्यजनक रूप से सफल रहे,इस सफलता का श्रेय भारत सरकार और...

सेना के पुरुषार्थ को सलाम ,पर सावधान रहिये 

सेना के पुरुषार्थ को सलाम ,पर सावधान रहिये 

आज का दिन संतोष का दिन है,सूरज की पहली किरण के साथ ही खबर मिली की भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर में संचालित जैश के शिविरों को नेस्तनाबूद कर दिया .ये कार्रवाई पिछले दिनों पुलवामा में शहीद...

छाया नटों से घिरती कमलनाथ सरकार

डेढ़ दशक के बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस की कमलनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार "छाया नटों" से घिरती नजर आ रही है .शिवराज सिंह चौहान की पूर्ववर्ती  कमल छाप सरकार के मुकाबले इस सरकार के इर्द-गिर्द  "छाया नट"...

आपका मुस्कुराना गजब ढा गया

आपका मुस्कुराना गजब ढा गया

मीडियावाला.इन बात सन 1973 की है .तब एक  फिल्म बनी थी "अनौखी अदा".इस फिल्म की एक कव्वाली आज के अखबारों में छपी प्रधानमंत्री जी की तस्वीर देखकर अचानक याद आ गयी .हमारी पीढ़ी के तमाम लोगों को ये कव्वाली याद...

असल मुख्यमंत्री का सवाल

मीडियावाला.इन मध्यप्रदेश में आखिर कितने मुख्यमंत्री हैं ये यक्ष प्रश्न बार-बार उठने लगा है और इसकी वजह भी है .हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के दो मंत्रियों द्वारा विधानसभा में दिए गए जबाब  के बाद जिस...