Wednesday, June 26, 2019

Blog

राकेश अचल

राकेश अचल ग्वालियर - चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ और जाने माने पत्रकार है। वर्तमान वे फ्री लांस पत्रकार है। वे आज तक के ग्वालियर के रिपोर्टर रहे है।

किस्मत वाली उंगली कमलनाथ की

किस्मत वाली उंगली कमलनाथ की

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के दाएं हाथ की उंगली किस्मत वाली निकली।कमलनाथ की इस उंगली का आपरेशन भोपाल के सरकारी अस्पताल में क्या हुया पूरे देश में हल्ला मच गया कि वीआईपी उंगली का आपरेशन सरकारी अस्पताल में...

मप्र में सत्ता के 'गर्भपात' के लक्षण 

मीडियावाला.इन।   मुझे कांग्रेस का समर्थक माना जाता है ये अलग बात है लेकिन अपने सूबे की सियासत के बारे में मै सदैव सचेत रहता हूं । सात समंदर पार से भी मुझे इस समय प्रदेश में कांग्रेस...

भारत में हड़ताल पर हैं भगवान

मीडियावाला.इन। दुनिया का तो पता नहीं लेकिन भारत जैसे भीड़-भाड़ वाले देश में आम आदमी डाक्टर को भगवान मानता है लेकिन दुर्भाग्य देखिये की भारत के अनेक राज्यों के डाक्टर इन दिनों हड़ताल पर हैं।बंगाल में एक डाक्टर के...

तो क्या लड़ना भूल गयी है कांग्रेस ?

तो क्या लड़ना भूल गयी है कांग्रेस ?

मीडियावाला.इन। बीते पांच साल से विपक्ष में बैठी कांग्रेस लगता है जनता की लड़ाई लड़ना ही भूल गयी है ,कांग्रेस का मौथरापन ही उसके लिए घातक साबित हो रहा है।कांग्रेस से ठीक उलट पांच साल से केंद्र की सत्ता...

अब तो चल कर दिखाइए सरकार

mediawala.in ​​​​​देश में नई सरकार बने दस दिन हो रहे हैं लेकिन सरकार अभी भी चुनावी खुमार से बाहर नहीं निकली है।केवल सरकार ही नहीं बल्कि विपक्ष भी इसी खुमार में डूबा है ,देश सेवा का संकल्प अभी भी खूंटी...

'डेंजर जोन' में कमलनाथ

मीडियावाला.इन। मेरे इस आलेख से भक्तगण खुश हो सकते हैं क्योंकि मै इसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ की खबर लेने जा रहा हूँ।आगामी १३ जून को कमलनाथ को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री पद सम्हाले छह महीने पूरे हो जायेंगे ।इन...

Postcard war: ये जंग नहीं आसां बस इतना समझ लीजे 

Postcard war: ये जंग नहीं आसां बस इतना समझ लीजे 

मीडियावाला.इन। सियासत बड़ी हरजाई होती है.बंगाल में सियासत अब पोस्टकार्डों पर केंद्रित हो गयी है.आम चुनाव के दौरान भाजपा और तृमूकां के बीच उपजी कड़वाहट अब बैमनष्य में बदल गयी ही .अब पार्टियां मुद्दों पर नहीं अ-मुद्दों पर पोस्टकार्डों के...

किसानमेव जयते 

किसानमेव जयते 

मीडियावाला. इन भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए इस देश की सरकार को भी कृषि प्रधान होना चाहिए.देश की नयी नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में किसानों को केंद्र में रखकर एक...

स्वागतम :मुखिया मुख सो चाहिए

स्वागतम :मुखिया मुख सो चाहिए

तमाम असहमतियों के बावजूद आज भारत के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले रहे श्री नरेंद्र मोदी जी  को बधाइयां देने का दिन है.उन्हें शुभकामनाएं देना हैं  की वे अगले पांच साल देश को प्रगति,समृद्धि और सुदृढ़ता...

जनादेश_सिर_माथे,  बेशक़...यह_मोदी_नाम_के_तिलिस्म_की_जीत_है_बधाई

जनादेश_सिर_माथे, बेशक़...यह_मोदी_नाम_के_तिलिस्म_की_जीत_है_बधाई

मीडियावाला.इन।राकेश पाठक की कलम से  अंततः इस महादेश ने नरेंद्र मोदी नाम के तिलिस्म पर अपनी मोहर लगा दी है..वो भी ऐसी वैसी नहीं सुनहरी मोहर..।  बिना किंतु परंतु, अगर मगर, आदि ,इत्यादि के जनता के इस फैसले...

भानुमती कौन बनेगा इस बार ?

भानुमती कौन बनेगा इस बार ?

वो जमाना गया जब भारत में किसी एक दल की सरकार बन जाती थी .1977  में नाकाम हुआ गठबंधन का दौर आज चार दशक बाद गठबंधन धर्म में तब्दील हो चुका है. इस गठबंधन सियासत में हर बार...

सटोरियों के देश में लोकतंत्र

सटोरियों के देश में लोकतंत्र

जब तक देश में टीवी नहीं था तब तक सब ठीक-ठाक था .न जिंटा हमराह होती थी और न खामखां की अटकलबाजियां चुनाव और मतदाता को प्रभावित करती थीं लेकिन जब से टीवी आया है और जब से...

नहीं है हिंसा का जबाब हिंसा

नहीं है हिंसा का जबाब हिंसा

मीडियावाला.इन। लोकसभा चुनाव में बंगाल का रंग हमेशा की तरह लाल है .पहले यहां का रंग वामपंथियों की वजह से लाल हुआ करता था ,उन्होंने यहां से कांग्रेस का तम्बू उखाड़ा और लगातार 25  साल राज किया .कांग्रेस...

पानी में मीन पियासी रे

पानी में मीन पियासी रे

मीडियावाला.इन।सत्रहवीं लोकसभा के लिए चुनाव प्रचार थमने में अब कुछ ही दिन बाक़ी है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अपनी अंतिम चुनावी सभा अपने निर्वाचन क्षेत्र काशी में कर 23 मई तक के लिए आराम करने चले जायेंगे .खबर है...

गडकरी उवाच,झूठ या साँच

गडकरी उवाच,झूठ या साँच

मीडियावाला.इन।नितिन गडकरी भाजपा के वरिष्ठ और गंभीर नेता हैं.वे जब कुछ बोलते हैं तो उसे गंभीरता से लिए जाता है ,क्योंकि उनकी बातें भविष्य को ध्वनित करती हैं.गडकरी ने आज ही कहा है की भाजपा कभी भी व्यक्तिनिष्ठ पार्टी नहीं...

पंडित जी मेरे मरने के बाद

पंडित जी मेरे मरने के बाद

मीडियावाला.इन।मरने के बाद भी आदमी चैन से नहीं रह सकता ,भाई लोग न जाने कब,कैसे और कहाँ मरने वाले के पीछे पड़ जाएँ ?मरने वालों के पीछे पड़ने के लिए हाथ धोने की भी जरूरत नहीं होती ,पास आपके पास...

क्लीनचिट ले लो,क्लीनचिट 

क्लीनचिट ले लो,क्लीनचिट 

मीडियावाला.इन हमारे मुल्क में सब कुछ आसानी से मिलता है .फिर 'क्लीनचिट  'का तो कहना ही क्या ?'क्लीनचिट 'पाने के लिए आपका क्लीनचिट देने वालों से सौहार्दपूर्ण रिश्ता होना चाहिए .आप चाहे जितना काला-पीला कीजिये लेकिन...

कसौटी पर चढ़ती सियासत

कसौटी पर चढ़ती सियासत

एक पखवाड़े बाद देश की सियासत का नया चेहरा दुनिया के सामने होगा .बुंदेलखंड में एक कहावत है कि-'मौ दूर कई थापर 'यानि प्रतीक्षा की घड़ियां ज्यादा दूर नहीं है ,इसलिए ज्यादा उतावला होने की जरूरत नहीं है.देश...

थप्पड़,जूते का लोकतंत्र 

थप्पड़,जूते का लोकतंत्र 

मीडियावाला.इन। आज गर्व से नहीं,लज्जा से ,ग्लानि से भरा हूँ इसलिए नहीं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को किसी ने फिर थप्पड़ मारा बल्कि इसलिए कि इस घ्रणित वारदात पर भी देश विभाजित है .एक तरफ वारदात की निंदा...

गुब्बारा और आलपिन

गुब्बारा और आलपिन

मीडियावाला.इन।   दुनिया जानती है कि महाकार हाथी एक हाथ के अंकुश से और एक बड़ा गुब्बारा छोटी सी आलपिन से डरता है .ठीक ऐसा ही काशी के तेज बहादुर से लोग डर गए.लोकतंत्र के महायज्ञ में जोर आजमाइश...