Monday, February 18, 2019

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अजय बोकिल

जन्म तिथि : 17/07/1958, इंदौर

शिक्षा : एमएस्सी (वनस्पतिशास्त्र), एम.ए. (हिंदी साहित्य)

पता : ई 18/ 45 बंगले,  नार्थ टी टी नगर भोपाल

मो. 9893699939

अनुभव :

पत्रकारिता का 33 वर्ष का अनुभव। शुरूआत प्रभात किरण’ इंदौर में सह संपादक से। इसके बाद नईदुनिया/नवदुनिया में सह संपादक से एसोसिएट संपादक तक। फिर संपादक प्रदेश टुडे पत्रिका। सम्प्रति : वरिष्ठ संपादक ‘सुबह सवेरे।‘

लेखन : 

लोकप्रिय स्तम्भ लेखन, यथा हस्तक्षेप ( सा. राज्य  की नईदुनिया) बतोलेबाज व टेस्ट काॅर्नर ( नवदुनिया) राइट क्लिक सुबह सवेरे।

शोध कार्य : 

पं. माखनलाल  चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विवि में श्री अरविंद पीठ पर शोध अध्येता के  रूप में कार्य। शोध ग्रंथ ‘श्री अरविंद की संचार अवधारणा’ प्रकाशित।

प्रकाशन : 

कहानी संग्रह ‘पास पडोस’ प्रकाशित। कई रिपोर्ताज व आलेख प्रकाशित। मातृ भाषा मराठी में भी लेखन। दूरदर्शन आकाशवाणी तथा विधानसभा के लिए समीक्षा लेखन।  

पुरस्कार : 

स्व: जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी उत्कृष्ट युवा पुरस्कार, मप्र मराठी साहित्य संघ द्वारा जीवन गौरव पुरस्कार, मप्र मराठी अकादमी द्वारा मराठी प्रतिभा सम्मान व कई और सम्मान।

विदेश यात्रा : 

समकाालीन हिंदी साहित्य सम्मेलन कोलंबो (श्रीलंका)  में सहभागिता। नेपाल व भूटान का भ्रमण।

कमलनाथ का आत्मविश्वास और भार्गव का ‘रंगाई’ रूपक !

कमलनाथ का आत्मविश्वास और भार्गव का ‘रंगाई’ रूपक !

‘जय किसान कर्ज माफी योजना’ के शुभारंभ अवसर पर मंगलवार को प्रदेश में अपनी अन्य दलों के समर्थन से बनी सरकार की स्थिरता को लेकर मुख्यनमंत्री कमलनाथ की बाॅडी लैंग्वेज में एक अलग तरह का आत्मविश्वास और बेफिकरी...

क्या महागठबंधन का ‘केक’ बहनजी को सत्ता शीर्ष पर पहुंचा देगा?

क्या महागठबंधन का ‘केक’ बहनजी को सत्ता शीर्ष पर पहुंचा देगा?

मीडियावाला.इन। क्या ‍किसी नेता का ‘बर्थ डे सेलीब्रेशन’ उसे प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा सकता है? यह सवाल इसलिए कि इस देश में ज्यादातर प्रधानमंत्रियों के जन्म दिन उनके इस पद पर विराजमान होने के बाद ही देश ने जानें या...

बेटी आशा की बाप पासवान के खिलाफ इस बगावत के मायने..!

बेटी आशा की बाप पासवान के खिलाफ इस बगावत के मायने..!

मीडियावाला.इन।  इसे शुद्ध राजनीति या परिवार में आंतरिक मतभेदो के दर्शन से हटकर देखा जाना चाहिए कि एक बेटी अपने ही रसूखदार बाप ‍के खिलाफ इसलिए सड़क पर धरना दे रही है कि उसने बिहार की एक...

आर्थिक आरक्षण से विषमता की नई लामबंदियां शुरू  ...!

आर्थिक आरक्षण से विषमता की नई लामबंदियां शुरू  ...!

जैसी कि आशंका थी, सामान्य वर्ग और खासकर सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू होने के पहले ही विवादो में घिर गया है। जातिवादी आरक्षण का घोर विरोध करने वाली संस्था ‘यूथ फाॅर इक्वेलिटी’ ने इसके खिलाफ...

सवर्णों को आरक्षण से ज्यादा जरूरत रोजगार के अवसरों की है..! 

सवर्णों को आरक्षण से ज्यादा जरूरत रोजगार के अवसरों की है..! 

मोदी सरकार द्वारा सामान्य वर्ग को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण को भाजपा और सहयोगी दल भले लोकसभा चुनाव की दृष्टि से भले ‘गेम चेंजर’ मान रहे हों, लेकिन व्यावहारिक दृष्टि से यह दांव ‘गेम चेंजर’ साबित...

खिचड़ी खिलाने से सामाजिक विषमता का अपच कैसे दूर होगा?

खिचड़ी खिलाने से सामाजिक विषमता का अपच कैसे दूर होगा?

अगर यह मात्रा की दृष्टि से खिचड़ी पकाने के वर्ल्ड रिकाॅर्ड कायमी की कवायद थी तो यकीनन सफल थी, क्योंकि देश के सेलेब्रिटी शेफ विष्णु मनोहर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे 5 हजार किलो...

पुलिस की मुस्तैद जिंदगी में ‘वीकली ऑफ’ की बाल सुलभ खुशी !

पुलिस की मुस्तैद जिंदगी में ‘वीकली ऑफ’ की बाल सुलभ खुशी !

‘सरकारी नौकरी’ और ‘छुट्टी’ काफी हद तक समानार्थी शब्द हैं, क्योंकि वहां अधिकृत छुट्टी न होते हुए भी अमूमन छुट्टी जैसा माहौल ही होता है।  लेकिन संदर्भ अगर पुलिस का हो तो यही शब्द  विरूद्धार्थी माने जाते रहे...

राष्ट्रीय चेतना के चिर स्वरूप ‘वंदे मातरम्’ में बदलाव क्या होगा ?

राष्ट्रीय चेतना के चिर स्वरूप ‘वंदे मातरम्’ में बदलाव क्या होगा ?

समझना कठिन है कि जो गीत ‘दिल की गहराइयों’ में हो, उसे सचिवालयकर्मियों द्वारा हर माह की पहली तारीख को गाने में दिक्कत क्या है? जो गीत जन्मा ही राष्ट्रवाद की भावभूमि पर हो, उसे ‘राष्ट्रवादी’ कहकर खारिज...

‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ से रूबरू होने का कांग्रेस का सराहनीय साहस

‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ से रूबरू होने का कांग्रेस का सराहनीय साहस

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने विवादास्पद बनाने की कोशिशों के बीच फिल्म ‘ द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को मप्र में बैन नहीं करने का फैसला किया है तो यह एक सही और विवेकसम्मत निर्णय है। इसलिए...

सोशल मीडिया में  मंत्रिमंडल विभाग वितरण का महामनोरंजक एपीसोड...!

सोशल मीडिया में  मंत्रिमंडल विभाग वितरण का महामनोरंजक एपीसोड...!

मध्यप्रदेश में नवगठित कमलनाथ मंत्रिमंडल में मंत्रियों को महकमों के बंटवारे को लेकर जितनी व्याकुलता और ‘अंदर’ की जानकारी सोशल मीडिया के पास थी, उतनी तो खुद मुख्यकमंत्री और उन मंत्रियों को भी शायद नहीं थी, जो शपथ...

नसीरूद्दीन शाह के बयान पर बवाल और भीतर दबे सवाल...

नसीरूद्दीन शाह के बयान पर बवाल और भीतर दबे सवाल...

जाने- माने और संवेदनशील अभिनेता नसीरूद्दीन शाह द्वारा अपने बच्चों के भविष्य और इस देश में इंसानी जान से ज्यादा गाय को बचाने की चिंता को लेकर हाल में ‍िकए गए कमेंट पर बचे बवाल जितना ही यह...

सदन में ‘पोर्न दर्शन’ को ‘वधु अन्वेषण’ बताने की सियासी दलील के मायने? 

कर्नाटक के इन विधायक की सफाई सदन में उनके द्वारा मोबाइल पर देखे गए पोर्न से भी ज्यादा दिलचस्प है। राज्य में बसपा के इकलौते विधायक एन. महेश ने हाल में कहा कि हां, मैं मोबाइल फोन लेकर...

मप्र की माली सेहत: किसका डायग्नोसिस सही, कमल या शिव ?

मप्र की माली सेहत: किसका डायग्नोसिस सही, कमल या शिव ?

मध्यप्रदेश की माली हालत वास्तव में क्या है? यह कर्ज में डूबा प्रदेश है या फिर इसकी गुल्लक में अभी भी कुछ सिक्के पड़े हुए हैं? राज्य की आर्थिक कंगाली को लेकर कांग्रेस के आरोप सही हैं या...

कमलनाथ: सत्ता की सप्तपदी में सियासी सौजन्य का पहला ‘वचन’...!

कमलनाथ: सत्ता की सप्तपदी में सियासी सौजन्य का पहला ‘वचन’...!

मध्यप्रदेश के नए मुख्य्मंत्री के रूप में कमलनाथ की बैटिंग का पहला अोवर ही चौकों-छक्कों से भरा रहा। यह बैटिंग भी दो तरफा थी। पहला तो किसी भी नए मुख्यटमंत्री की पारी के मंगलाचरण में सियासी स्वस्तिवाचकों का...

जादूगर गहलोत का सियासी जादू और सिद्धू का काला तीतर...!

जादूगर गहलोत का सियासी जादू और सिद्धू का काला तीतर...!

चुनावी  उठापटक,  सरकारें बदलने और  तीन राज्यों में कांग्रेस में मुख्य मंत्री बनने के लिए चली जोर आजमाइश  से हटके दो ऐसी खबरें भी आईं, जो अराजनीतिक होते हुए भी गहरा राजनीतिक अर्थ रखती हैं। ये खबरें  भी...

चुनाव में ‘नोटा’ की तासीर और करामात को लेकर कुछ सवाल 

चुनाव में ‘नोटा’ की तासीर और करामात को लेकर कुछ सवाल 

ताजा विधानसभा चुनाव नतीजों से एक बात साफ है कि आने वाले समय में भी नोटा राजनीतिक दलों के लिए एक अदृश्य शत्रु होगा। ऐसा शत्रु, जो वायरस की तरह गुपचुप नतीजों को बदलने में निष्णात होगा। मप्र...

पराजय की भाजपाई स्वीकारोक्ति में छिपा कांग्रेसी कल्चर...? 

पराजय की भाजपाई स्वीकारोक्ति में छिपा कांग्रेसी कल्चर...? 

क्या भाजपा भी चुनावी हार की जिम्मेदारी तथा जीत के श्रेय के मामले में अब कांग्रेस के नक्शे कदम पर चलने लगी है? यह सवाल  ‍इसलिए कि मध्यप्रदेश सहित तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार...

आज तय होगा: कौन काॅन्फीडेंस में था और कौन अोवर काॅन्फीडेंस में ?

आज तय होगा: कौन काॅन्फीडेंस में था और कौन अोवर काॅन्फीडेंस में ?

बहुत संभव है कि इस स्तम्भ को पढ़ने से ज्यादा आपकी निगाहें मप्र विधानसभा चुनाव नतीजों के ट्रेंड पर गड़ी हों। नतीजा जो हो, इस बात को आसानी से भुलाया नहीं जा सकेगा कि चुनाव परिणामों से पहले...

पाक की माली सेहत सुधारने ‘गूगल साल्यूशन’ और ‘गुनाह टैक्स’!

पाक की माली सेहत सुधारने ‘गूगल साल्यूशन’ और ‘गुनाह टैक्स’!

अपने भारत में घटिया चुनावी राजनीति के बीच पड़ोसी पाकिस्तान से आर्थिक सुधार के अनोखे कदमों की रोचक खबरें आ रही हैं। पाकिस्तान की कमान पूर्व क्रिकेटर और राजनीतिक शादियां करने वाले इमरान खान के हाथों में है।...

‘उल्लू बनाविंग’ का सियासी फार्मूला और तेलंगाना में उल्लुअों की शामत !

‘उल्लू बनाविंग’ का सियासी फार्मूला और तेलंगाना में उल्लुअों की शामत !

कुछ साल पहले राजनेताअों पर कटाक्ष करता आइडिया का एक विज्ञापन बहुत चर्चित हुआ था-‘नो उल्लू बनाविंग।‘ लेकिन तेलंगाना विधानसभा चुनाव में तो नेताअों के कारण खुद उल्लुअों की ही शामत आ गई है। वहां 7 दिसंबर...