Tuesday, September 17, 2019

Blog

ब्रजेश राजपूत

तकरीबन पच्चीस साल के पत्रकारिता करियर में अधिकतर वक्त टीवी चैनल की रिपोर्टिंग करते हुये गुजारा। सहारा टीवी से होते हुये स्टार न्यूज में जो अब एबीपी न्यूज के नाम से चल रहा है। इसी एबीपी न्यूज चैनल के लिये पंद्रह साल से भोपाल में विशेष संवाददाता। इस दौरान रोजमर्रा की खबरों के अलावा एमपी यूपी उत्तराखंड गुजरात और महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों की रिपार्टिंग कर इन प्रदेशों के चुनावी रंग देखे और जाना कि चुनावी रिपोर्टिग नहीं आसान एक आग का दरिया सा है जिसमें डूब के जाना है। चुनावी रिपोर्टिंग में डूबते उतराने के दौरान मिले अनुभवों के आधार पर अखबारों में लिखे गये लेख, आंकडों और किस्सों के आधार पर किताब चुनाव राजनीति और रिपोर्टिंग मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव २०१३ लिखी है जिसमें देश के पहले आम चुनाव की रोचक जानकारियां भी है।

लेखक टीवी में प्रवेश के पहले दिल्ली और भोपाल के अखबारों में उप संपादक और रिपोर्टर रहे। जैसा कि होता है इस लंबे अंतराल में कुछ इनाम इकराम भी हिस्से आये जिनमें मुंबई प्रेस क्लब का रेड इंक अवार्ड, दिल्ली का मीडिया एक्सीलेंस अवार्ड, देहरादून का यूथ आइकान अवार्ड, मध्यप्रदेश राष्टभाषा प्रचार समिति भोपाल का पत्रकारिता सम्मान, माधवराव सप्रे संग्रहालय का झाबरमल्ल शर्मा अवार्ड और शिवना सम्मान।

पढाई लिखाई एमपी के नरसिंहपुर जिले के करेली कस्बे के सरकारी स्कूल से करने के बाद सागर की डॉ हरिसिंह गौर विश्वविदयालय से बीएससी, एम ए, पत्रकारिता स्नातक और स्नातकोत्तर करने के बाद भोपाल की माखनलाल चतुर्वेदी राष्टीय पत्रकारिता विश्वविघालय से पीएचडी भी कर रखी है।

छोटे तालाब में बड़ा हादसा और नेताओं, मीडिया का पीपली लाइव ...

छोटे तालाब में बड़ा हादसा और नेताओं, मीडिया का पीपली लाइव ...

मीडियावाला.इन। रोज की तरह उस दिन भी जल्दी ही उठ गया था, उठते ही अंधेरे में ही मोबाइल में वाटस अप पर आये मैसेज चैक भी कर लिये थे। कहीं से कोई वैसी खबर नहीं थी जिससे सिर के...

शेहला मसूद : एक बेवजह किया गया कत्ल

शेहला मसूद : एक बेवजह किया गया कत्ल

मीडियावाला.इन। वो आठ साल पुरानी अगस्त की ही तो बात थी जब अन्ना आंदोलन के दौरान भोपाल में हुआ मर्डर देश भर की सुर्खियों में लंबे वक्त तक रहा। जी हां वो मर्डर था शेहला मसूद का। जिसे दिन...

मुरैना में चंबल की रेत से भरे वो धडधडाते ट्रैक्टर.....

मुरैना में चंबल की रेत से भरे वो धडधडाते ट्रैक्टर.....

मीडियावाला.इन। तो सर, दूध की कहानी तो निपटा ली अब चंबल की रेत के अवैध उत्खनन पर भी घंटी बजा ही दीजिये। ये थे हमारे मुरैना के मित्र उपेंद्र गौतम। अरे छोडो यार कितनी बार चंबल का उत्खनन दिखायेंगे।...

संवादहीनता के दौर में गौर और जेटली का जाना ,,,,

संवादहीनता के दौर में गौर और जेटली का जाना ,,,,

मीडियावाला.इन। सच बहुत ही अजीब लग रहा है कि ग्राउंड रिपोर्ट के लिये अपने प्रिय नेता बाबूलाल गौर पर लिखने बैठा हूं और टीवी स्क्रीन पर अरूण जेटली के निधन की दुखद खबर चल रही है। जेटली के कुछ...

बारिश की मार से बेजार टीवी रिपोर्टर,,

बारिश की मार से बेजार टीवी रिपोर्टर,,

मीडियावाला.इन। दृश्य एक :  सर एक चीज समझ नहीं आ रही कि इतनी अच्छी बारिश हो रही है मगर कोई चैनल तो क्या कोई अखबार भी एक फोटो नहीं छाप रहा कि किसानों के चेहरे बारिश से चमके। सब...

कहीं अटके तो कहीं लटके मकान यानिकी पीएम आवास ..

मीडियावाला.इन।   पत्रकारिता करते करते कुछ मसलों या कहें  कि मुददों से प्यार सा हो जाता है। होते हैं कुछ मसले दिल के करीब जिन पर कहानी करने...

एमपी में कमलनाथ के आपरेशन कमल की आंखो देखी....

एमपी में कमलनाथ के आपरेशन कमल की आंखो देखी....

मीडियावाला.इन। कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार क्या गिरी हमारे लिये नयी मुसीबत हो गयी। रोज सुबह दफ्तर से यही फोन आता था कि और कब तक है कमलनाथ सरकार ? दिल्ली से दोस्तों के फोन पर भी यही सवाल और...

छोटा पोस्टर बड़ा धमाका उर्फ कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष...

छोटा पोस्टर बड़ा धमाका उर्फ कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष...

mediawala.in  कौन बनेगा करोडपति.. की तर्ज पर हमने कौन बनेगा मुख्यमंत्री... और फिर कौन बनेगा प्रधानमंत्री... जैसे शो पिछले कुछ दिनों में चैनलों पर देखे। अमिताभ बच्चन जी के करोडपति की तलाश कई दफा पूरी हुयी। हमारे मध्यप्रदेश में...

दास्तान ए रागदरबारी व्हाया दास्तानगोई...

दास्तान ए रागदरबारी व्हाया दास्तानगोई...

मीडियावाला.इन। राग दरबारी पर कुछ लिखना ठीक वैसा ही है जैसा नदी के पानी को अंजुली में उठाकर फिर सोचना कि अरे बहुत सारा पानी तो नीचे रह गया। राग दरबारी हमारे कालेज के दिनों की पसंदीदा किताब रही है।...

और इंदौर के मकान के साथ वो मूर्ति भी टूट गयी,,,,,

और इंदौर के मकान के साथ वो मूर्ति भी टूट गयी,,,,,

मीडियावाला.इन। इंदौर के गंजी कंपाउंड की गली के अंदर वो छोटा सा तीन तरफ का प्लाट था जिस पर तीनों ओर से पुराने जर्जर से मकान पर नगर निगम की तीन जेसीबी और दो पोकलैंड मशीनें चौतरफा हमला सा...

करण थापर की अनसुनी कहानियां, साक्षात्कार जो यादगार बन गये: पुस्तक समीक्षा

करण थापर की अनसुनी कहानियां, साक्षात्कार जो यादगार बन गये: पुस्तक समीक्षा

मीडियावाला.इन।                          इसमें कोई दो मत नहीं कि पत्रकार करण थापर हमारे जमाने के वो टेलीविजन पत्रकार हैं जो देश विदेश के नेताओं से अपनी विशेष शैली में लिये गये तीखे और मारक साक्षात्कारों के लिये जाने जाते हैं। ये...

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर : सन्यास और राजनीति का विस्फोटक मेल...

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर : सन्यास और राजनीति का विस्फोटक मेल...

मीडियावाला.इन।छोटा कद, पैर से कंधे तक भगवा रंग के वस्त्र और सर पर सरदारों की तरह की भगवा पगडी। चलती धीरे हैं मगर बोलती हैं तो आग सी लगाती है। उमर होगी कोई पैंतालीस पचास के आसपास। अपने आपको साध्वी...

सबसे बडा सवाल, अब कौन जीतेगा भोपाल ? 

सबसे बडा सवाल, अब कौन जीतेगा भोपाल ? 

मीडियावाला.इन। फोन चाहे हाल चाल जानने के लिये ही आया हो मगर आखिर का पुछल्ला यही होता था कि क्या हो रहा है भाई आपके भोपाल में, बता तो दो कौन जीतेगा भोपाल। हम पत्रकारों से भी लोग कुछ ज्यादा...

भैय्यू महाराज : सपनों सी जिंदगी का इस तरह टूटकर बिखरना....

भैय्यू महाराज : सपनों सी जिंदगी का इस तरह टूटकर बिखरना....

मीडियावाला.इन। सोचा तो था इस शनिवार को अपना जन्मदिन है तो बजाय छुट्टी लेने के दोपहर में कोई छोटी मोटी खबर कर शाम को दोस्तों के साथ केक शेक खाते पीते और रात को बुलबुल बेटू के मनपसंद रेस्तरां में...

अबकी बदली बदली सी सरकार नजर आती है..

अबकी बदली बदली सी सरकार नजर आती है..

दृश्य एक: मध्यप्रदेश की पंद्रहवीं विधानसभा का पहला सत्र। इंदिरा विधान भवन के बाहर जहां प्रवेश पत्र बनाये जाते हैं उस काउंटर पर उतावले लोगों की भीड। सभी को अंदर जाने की बेताबी। हर तरफ  चार पहिया वाहनों...

करेली की गलियों से गोयनका अवार्ड तक

करेली की गलियों से गोयनका अवार्ड तक

दिल्ली की हयात होटल का वाल रूम। लगातार आ रहीं मीडिया और राजनीति की हस्तियां। हाल के अंदर और बाहर लगे रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड के बडे पोस्टर और फ्लेक्स। छोटा सा मंच जहां गृह मंत्री...

बदलाव के मौसम की बयार है ये, आनंद लीजिये 

बदलाव के मौसम की बयार है ये, आनंद लीजिये 

दृश्य एक। नये नवेले केबिनेट मंत्री पीसी शर्मा आये हैं भोपाल में शिवाजी नगर के दुष्यंत कुमार स्मृति संग्रहालय के सालाना समारोह में। जब वो भाषण देने आते हैं तो कुछ सकुचाते हुये कहते हैं आप मंत्री कहते...

शिवराज सिंह की नयी फिल्म टाइगर अभी जिंदा है

शिवराज सिंह की नयी फिल्म टाइगर अभी जिंदा है

वो उनका उस घर में आखिरी दिन था जिस घर में वो पिछले तेरह सालों से रह रहे थे। बहुत भावुक हो रहे थे इस घर से उनकी ना जानें कितनी अच्छी यादें जुडी हुयीं थीं। और ये...

और मध्यप्रदेश में देखते वक्त बदल गया

और मध्यप्रदेश में देखते वक्त बदल गया

भोपाल के लिंक रोड पर कांग्रेस दफतर इंदिरा गांधी भवन के बाहर ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा। रोड के दोनों रास्ते दूर से ही बंद और रास्तों पर दोनों तरफ गाडियों जिनमें ज्यादातर एसयूवी ही थीं की...

ग्यारह को ग्यारह बजे किसके बारह बजेंगें..

बहुत दिनों के बाद उनका फोन आया। नाम देख मैं चौंका। पहले गाहे बगाहे फोन करते थे, मगर पूरे चुनाव के दौरान मुझे भुलाये रखा और राजस्थान चुनाव की वोटिंग खत्म होने के अगले दिन दोपहर को फोन...