Wednesday, December 12, 2018

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लोकतंत्र की छाती, शनि की साढे साती 

लोकतंत्र की छाती, शनि की साढे साती 

अपने देश की हर समस्या के इलाज के लिए टोने टोटके हैं। कठिन से कठिन समस्या का समाधान उसी से निकलता है। 11 को चुनाव परिणाम आने हैं, एक अखबार ने ब्योरा छापा कौन उम्मीदवार किस मंदिर की...

अकथ कहानी, इंडियन काँफी हाऊस की

अकथ कहानी, इंडियन काँफी हाऊस की

अपनी झील नगरी भोपाल विरोधाभासों का कंट्रास्ट लेकर जीती है। इसकी रंगीन झिलमिलाहट सिर्फ इश्तहारों में है। वास्तव में है ये ब्लैक एन्ड ह्वाइट।  अब जैसे भोपाल के न्यू मार्केट वाले इंडियन काँफी हाउस को...

दुखिया एक किसान है रोवै औ खोवै

लगता है भगवान ने किसान और बैल की किस्मत एक साथ गढी है। दोनों परस्पर पूरक हैं इसलिए जब बैल का नाम लो तो किसान की आकृति उभरती है।  दोनों के भाग्य में डंडा...

दो और दो का जोड़ हमेशा चार कहाँ होता है..!

दो और दो का जोड़ हमेशा चार कहाँ होता है..!

अब 11 दिसम्बर तक अखबारों में वर्गपहेली न भी छपे तो पाठकों को कोई ऐतराज़ नहीं। चुनाव आयोग ने बैठे-ठाले गुणाभाग लगाने का मौका दे दिया है। परिणाम आने के पहले तक एक-एक बार सभी प्रत्याशियों की पतंगें...

विंध्य की तासीर में बदलाव की भाँप

विंध्य की तासीर में बदलाव की भाँप

चुनाव के आखिरी दौर की रिपोर्टिंग और आँकलन सबसे ज्यादा माथापच्ची का काम है। माहौल भाँग के नशे की तरह तरंगित होता रहता है, फिर भी सन् 85 से लेकर पिछले चुनाव तक की रिपोर्टिंग का तजुर्बा चुप...

एक गांधीवादी की चुनाव कथा

मुद्दतों बाद महात्मा गांधी ने सोचा कि भारतवर्ष में जाकर क्यों न चुनाव लड़ कर देखा जाए कि अब क्या हाल है। पुनर्जन्म की झंझट में फंसे बिना वे अपने अनुयायी दादूदयाल दयापति की आत्मा में प्रवेश कर...

मनु महराज को पूजें कि गरियाएं.!

इस देश में पिछले दो दशकों से सबसे ज्यादा गाली खाने वाले महापुरुष का नाम है ‘मनु’। मनु महाराज पर आरोप है कि उन्होंने समाज को वर्ण और जातियों में बांटा है। दलित विद्वानों की इस  थ्योरी...

इस मीडियावी दुनिया में हमारे बच्चों के लिए क्या!

अभी कुछ दिन पहले एक कवि सम्मेलन में जाना हुआ। कभी कविताई भी कर लेता था सो पुराना कवि मानते हुए आयोजकों ने अध्यक्ष बना दिया। संगोष्ठी और कवि सम्मेलन की अध्यक्षता करना बड़ा दुश्कर काम है। सबकी...

आगे निकल,पल्टी..मार, पाला बदल

  इनदिनों अपने सूबे में राजनीति और मौसम का मिजाज एक सा है। दोनों कब धोखा देदें किसको पता..! घर से निकले टी शर्ट पहनकर लौटे तो निमोनिया हो गया। गए थे भाजपा की टिकट...

काश ऐसी रातों की कोई सुबह न हो

काश ऐसी रातों की कोई सुबह न हो

..दीपावली की रात के बाद होने वाली सुबह अजीब मनहूसियत से भरी होती है। वैसे भी यह परीबा(प्रतिपदा) का दिन होता है, इसमें आना-जाना निषिद्ध माना जाता है।  परंपरा के इस विधान के पीछे पुरखों...

हमारी संस्कृति बारूद नहीं बाँसुरी

हमारी संस्कृति बारूद नहीं बाँसुरी

हाँ मैं पटाखे और आतिशबाजी के खिलाफ हूँ। इसमें मुझे ऐसी कोई भी बात नजर नहीं आती जो किसी त्योहार की गरिमा को बढ़ाती हो। वैसे भी यह सनातनी वैदिक संस्कृति का हिस्सा नहीं।  हमारी...

इसलिए जानना जरूरी है 'विंध्यप्रदेश' की हत्याकथा

हर साल 1 नवंबर की तारीख मेरे जैसे लाखों विंध्यवासियों को हूक देकर जाती है। चुनाव का मौका न होता तो भोपाल के लाल परेड़ के मैदान में फिल्मी दुनिया के तमाशाई नाच गा के मध्यप्रदेश के स्थापना...

राम का चित्रकूट रावणों के हवाले

राम का चित्रकूट रावणों के हवाले

कोई 45 साल पहले मैं अपनी दादी के साथ दीपावली मनाने चित्रकूटधाम गया था। दादी ने बताया था कि मंदाकिनी में दीपदान करने से सरग (स्वर्ग) का दरवाजा सीधे खुल जाता है।मेरे अवचेतन में हमेशा दादी द्वारा बखान...

ये किस्से चुनावी: तब जातिपाँति से उठकर वोट पड़ते थे...!

ये किस्से चुनावी: तब जातिपाँति से उठकर वोट पड़ते थे...!

इंंदौर के कामरेड होमीदाजी और सतना की कांताबेन पारेख के व्यक्तित्वों में जमीन आसमान का फर्क था लेकिन जो एक अद्वितीय समानता थी वो यह कि दोनों ही अपने-अपने शहर में अति अल्पसंख्य पारसी व गुजराती परिवारों से...

जिन्हें रावण से हमदर्दी है उनके लिए

जिन्हें रावण से हमदर्दी है उनके लिए

"त्रिलोक विजेता प्रकांड पंडित प्रचंड पराक्रमी परम शिवभक्त महान साहित्यकार लंकेश दशानन को षडयंत्र पूर्वक उसके भाई को मिला कर उसकी हत्या कर इस कपटी दुनिया से मुक्त कराने के दिन की बधाई।" पिछले दशहरे में...

हमारे भीतर जो एक राक्षस है आइए पहले उसका दहन करें ..

हमारे भीतर जो एक राक्षस है आइए पहले उसका दहन करें ..

स्कूल के दिनों में फिल्में देखने की लत थी। बुरी इसलिए नहीं कहेंगे कि फिल्में भी एक पाठशाला ही होती हैं। कई बातें जो स्कूल में नहीं सिखाई जातीं वे फिल्मों से मिल जाती हैं। आदमी जो दिखता...

आज माता भगवती की भी कुछ सुनिए !

आज माता भगवती की भी कुछ सुनिए !

चौतरफा भक्ति भाव का वातावरण है। इन नौ दिनों सभी झंझटों को ताक पर रखकर भक्तगण प्रमुदित, आनंदित रहते हैं। त्योहारों के रूप में आनंद का बंदोबस्त हमारे पुरखे कर गए। हर त्योहार मनुष्य की जिजीविषा बढा देता...

अन्नपूर्णा-रविशंकर के संबंधों पर ऋषिकेश मुखर्जी ने बनाई थी 'अभिमान' फिल्म

अन्नपूर्णा-रविशंकर के संबंधों पर ऋषिकेश मुखर्जी ने बनाई थी 'अभिमान' फिल्म

इन दिनों माँ शारदा की पवित्र नगरी मैहर में भक्तिभाव का समागम है। माँ शारदा ग्यान की देवी हैं, वे वीणावादिनी संगीत की देवी भी हैं। इसी नवदुर्गा में ही बाबा अलाउद्दीन खाँ साहब की बेटी अन्नपूर्णा देवी...

फिर भी जलती रहेगी लोहिया के विचारों की मशाल

फिर भी जलती रहेगी लोहिया के विचारों की मशाल

राजनीति ऐसा तिलस्म है कभी सपनों को यथार्थ में बदल देता है तो कभी यथार्थ को काँच की तरह चूर चूर कर देता है। काँग्रेसमुक्त भारत की सोच डाक्टर राममनोहर लोहिया की थी। आज देश लगभग कांग्रेस मुक्त...

काँग्रेस का गुरूर ही कहीं उसे ले न डूबे

काँग्रेस का गुरूर ही कहीं उसे ले न डूबे

अखिलेश यादव का यह कदम मौका देखकर चौका नहीं अपितु आहत मन से किया गया जवाबी प्राहार है।  मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड इलाके की एक सभा में उन्होंने टिकट वंचित काँग्रेस नेताओं को समाजवादी पार्टी से लड़ने का न्योता...