Monday, September 23, 2019

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मोहन सगोरिया

जन्म- 25 दिसम्बर 1975, भौंरा बैतूल. यहीं आरंभिक पढ़ाई.  स्नातकोत्तर इटारसी से.

रचनाएं-- 'जैसे अभी-अभी', 'दिन में मोमबत्तियाँ'.

पुरस्कार/सम्मान-- रज़ा पुरस्कार, लक्ष्मणप्रसाद स्मृति मंडलोई सम्मान,  शिवा सम्मान,  अम्बिकाप्रसाद दिव्य सम्मान.

संपादन-- साक्षात्कार, पल प्रतिबल,  रचना समय, समझ झरोखा के संपादन  से संबद्ध .

शब्द संगत,  प्रबुद्ध भारती का संपादन--.

विज्ञान कथा संचयन "सुपरनोवा का रहस्य" एवं "संगत" जलतरंग उपन्यास पर समीक्षा ग्पुस्तक का संपादन.

फिलहाल रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में विज्ञान पत्रिका "इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए" के सह संपादक.




बैतूल और बैतूल के कस्बे

बैतूल और बैतूल के कस्बे

मीडियावाला.इन। बैतूल नहीं बे-तूल की बातें  अनुभूति उजले दिन सी संवेदना  काली रातें  गुज़रती ज़िंदगी आदिवासियों की  एकमात्र बस्तर को छोड़  मध्यप्रदेश का सबसे पिछड़ा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र  भोपाल-नागपुर 60 हाईवे पर ...