Sunday, April 21, 2019

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डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी

डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी जाने-माने पत्रकार और ब्लॉगर हैं। वे हिन्दी में सोशल मीडिया के पहले और महत्वपूर्ण विश्लेषक हैं। जब लोग सोशल मीडिया से परिचित भी नहीं थे, तब से वे इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। पत्रकार के रूप में वे 30 से अधिक वर्ष तक नईदुनिया, धर्मयुग, नवभारत टाइम्स, दैनिक भास्कर आदि पत्र-पत्रिकाओं में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वे हिन्दी के पहले वेब पोर्टल के संस्थापक संपादक भी हैं। टीवी चैनल पर भी उन्हें कार्य का अनुभव हैं। कह सकते है कि वे एक ऐसे पत्रकार है, जिन्हें प्रिंट, टेलीविजन और वेब मीडिया में कार्य करने का अनुभव हैं। हिन्दी को इंटरनेट पर स्थापित करने में उनकी प्रमुख भूमिका रही हैं। वे जाने-माने ब्लॉगर भी हैं और एबीपी न्यूज चैनल द्वारा उन्हें देश के टॉप-10 ब्लॉगर्स में शामिल कर सम्मानित किया जा चुका हैं। इसके अलावा वे एक ब्लॉगर के रूप में देश के अलावा भूटान और श्रीलंका में भी सम्मानित हो चुके हैं। अमेरिका के रटगर्स विश्वविद्यालय में उन्होंने हिन्दी इंटरनेट पत्रकारिता पर अपना शोध पत्र भी पढ़ा था। हिन्दी इंटरनेट पत्रकारिता पर पीएच-डी करने वाले वे पहले शोधार्थी हैं। अपनी निजी वेबसाइट्स शुरू करने वाले भी वे भारत के पहले पत्रकार हैं, जिनकी वेबसाइट 1999 में शुरू हो चुकी थी। पहले यह वेबसाइट अंग्रेजी में थी और अब हिन्दी में है। 


डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी ने नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर एक किताब भी लिखी, जो केवल चार दिन में लिखी गई और दो दिन में मुद्रित हुई। इस किताब का विमोचन श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के एक दिन पहले 25 मई 2014 को इंदौर प्रेस क्लब में हुआ था। इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया पर ही डॉ. अमित नागपाल के साथ मिलकर अंग्रेजी में एक किताब पर्सनल ब्रांडिंग, स्टोरी टेलिंग एंड बियांड भी लिखी है, जो केवल छह माह में ही अमेजॉन द्वारा बेस्ट सेलर घोषित की जा चुकी है। अब इस किताब का दूसरा संस्करण भी आ चुका है। 

पीरियड (कॉस्ट्यूम) ड्रामा के नाम पर ‘कलंक’

पीरियड (कॉस्ट्यूम) ड्रामा के नाम पर ‘कलंक’

फिल्म प्रमाणन बोर्ड को ‘पी’ सर्टिफिकेट भी देना चाहिए, जिसका अर्थ होगा - ‘पकाऊ’। कलंक कोई पीरियड ड्रामा नहीं, बल्कि पीरियड कॉस्ट्यूम ड्रामा फिल्म है। दर्जियों को यह फिल्म बहुत पसंद आएगी। बॉलीवुड की फिल्मों का स्तर दिन...

सट्टे के धंधे पर ज़िंदा है आईपीएल की इकॉनोमी 

सट्टे के धंधे पर ज़िंदा है आईपीएल की इकॉनोमी 

भारत और पाकिस्तान की सीमाओं पर ही तनाव नहीं है। तनाव क्रिकेट में ही है। पुलवामा आतंकी हमले के बाद इस तरह की मांग हो रही है कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट न खेला जाएं। आईपीएल में पाकिस्तानी...

सोशल मीडिया पर माता-पिता को सबक सीखा रहे है बच्चे

सोशल मीडिया पर माता-पिता को सबक सीखा रहे है बच्चे

मीडियावाला.इन। आमतौर पर माता-पिता बच्चों को शिक्षा देते रहते है और कई बार सजा भी देते है, लेकिन सोशल मीडिया के जमाने में अब बच्चे अपने माता-पिता को सबक सीखा रहे है। वे सोशल मीडिया पर अपने माता-पिता...

तथ्यों और कल्पनाओं का घालमेल

तथ्यों और कल्पनाओं का घालमेल

द ताशकंद फाइल्स का डायलॉग है - ट्रूथ इज़ ए लग्ज़री। फिल्म यह लग्जरी बर्दाश्त नहीं कर पाई। दूसरे डायलाॅग भी कम दिलचस्प नहीं है। जैसे टीवी के सामने बोलने के लिए नहीं, चुप रहने के लिए...

साफ-सुथरी और खूबसूरत ‘नोटबुक’

साफ-सुथरी और खूबसूरत ‘नोटबुक’

मीडियावाला.इन।  सलमान खान प्रोडक्शन की नोटबुक काश्मीर की पृष्ठभूमि पर बनी एक ऐसी फिल्म है, जो पुराने जमाने की रोमांटिक फिल्मों की याद दिलाती है, लेकिन फिर भी फिल्म में ताजगी और नयापन है। श्रीनगर की डल झील...

फोटोग्राफ फिल्म नहीं, आपके धीरज की परीक्षा है

फोटोग्राफ फिल्म नहीं, आपके धीरज की परीक्षा है

नवाजुद्दीन सिद्दीकी और दंगल गर्ल सानिया मल्होत्रा की फोटोग्राफ फिल्म नहीं, आपके धीरज की परीक्षा है। फिल्म इतनी मंथर गति से चलती है कि अगर आप नींद में हो तो ही इसे पसंद कर सकते हैं। गेट वे...

शानदार एक्शन थ्रिलर ‘बदला’

शानदार एक्शन थ्रिलर ‘बदला’

मीडियावाला.इन। फिल्म बदला एक मर्डर बेस्ड डाॅक्यु-ड्रामा है। एक वकील और उसकी युवा, सुंदर, पढ़ी-लिखी, पावरफुल और अनैतिक कार्य करने वाली मुवक्किल के बीच। तमाम झोल के बावजूद फिल्म लगभग 2 घंटे दर्शकों को बांधे रखती है और...

बच्चों के लिए खतरनाक है यह ऐप

बच्चों के लिए खतरनाक है यह ऐप

मीडियावाला.इन।  कानून विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के लिए कुछ मोबाइल ऐप बहुत ही खतरनाक है। अगर आपके करीबी किसी बच्चे ने ये ऐप अपने मोबाइल में अपलोड कर रखे हो, तो कोशिश कीजिए कि उन्हें...

आ ही गया गली बॉय का टाइम

आ ही गया गली बॉय का टाइम

गली बॉय फिल्म का गाना है अपना टाइम आएगा, नंगा ही तू आएगा, क्या घंटा लेकर जाएगा। फिल्म देखकर लगता है कि वाकई रणवीर सिंह, आलिया भट्ट और जोया अख्तर का टाइम आया हुआ है। भारत में भले...

सोशल मीडिया स्टार बना अल सल्वाडोर का राष्ट्रपति

सोशल मीडिया स्टार बना अल सल्वाडोर का राष्ट्रपति

अल सल्वाडोर में सोशल मीडिया के स्टार की जीत राष्ट्रपति चुनाव में होना सोशल मीडिया के बढ़ते महत्व को बताता है। हाल ही हुए राष्ट्रपति चुनाव में 37 वर्ष के नायिब बुकेले को बहुमत मिला है। बुकेले इसके...

एक लड़की ने एक लड़की को देखा तो...

एक लड़की ने एक लड़की को देखा तो...

मीडियावाला.इन। एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा फिल्म का 25 साल पहले आई 1942 : ए लव स्टोरी फिल्म से कुछ भी लेना-देना नहीं है। उसके गाने की लाइन को फिल्म का नाम बनाया गया है और...

नमो ऐप खुद फैला रहा है फेक न्यूज

नमो ऐप खुद फैला रहा है फेक न्यूज

क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नमो ऐप खुद अफवाहें फैलाने का काम कर रहा है? ऐसे में फेक न्यूज से कैसे निपटा जा सकता है? वरिष्ठ पत्रकार समर्थ बंसल ने इस बारे में एक अध्ययन किया तो पाया...

मणिकर्णिका :  झांसी की रानी या बॉलीवुड की ?

मणिकर्णिका :  झांसी की रानी या बॉलीवुड की ?

मीडियावाला.इन।  ''बेटी खड़ी होगी, तभी तो जीत बड़ी होगी !"  ना ना, इस बात का प्रियंका गांधी वाड्रा या आगामी लोकसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।  यह तो केवल एक फ़िल्मी डॉयलॉग है।  मणिकर्णिका फिल्म का।...

शिक्षा व्यवस्था जैसी भटकती फिल्म 'व्हाय चीट इंडिया'

शिक्षा व्यवस्था जैसी भटकती फिल्म 'व्हाय चीट इंडिया'

मीडियावाला.इन। 'व्हाय चीट इंडिया' फिल्म शुरू तो होती है शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करने से, फिर वह खुद शिक्षा व्यवस्था जैसी भटकने लगती है। पहले लगा था कि इसमें व्यापम जैसे घोटाले बेनक़ाब होंगे, लेकिन नहीं होते।...

इंस्टाग्राम पर काइली जेनर को पीछे छोड़ दिया अंडा गिरोह ने

इंस्टाग्राम पर काइली जेनर को पीछे छोड़ दिया अंडा गिरोह ने

सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म उपलब्ध है, उनमें इंस्टाग्राम भी एक प्रमुख प्लेटफार्म है। जहां यूजर अपने फोटो और वीडियो किसी एक ग्रुप में या सभी के लिए खुलेआम शेयर कर सकता है। 9 साल पहले इंस्टाग्राम एक...

दीवार बनाने के नाम पर टूटा अमेरिका, ऐतिहासिक शटडाउन

दीवार बनाने के नाम पर टूटा अमेरिका, ऐतिहासिक शटडाउन

मीडियावाला.इन। 15 जनवरी को अमेरिकी के ऐतिहासिक शटडाउन का 25वां दिन है। अमेरिकी इतिहास में इतना बड़ा शटडाउन कभी नहीं हुआ। यह एक तरह की ‘सरकारी हड़ताल’ ही है। दरअसल अमेरिका में एक एंटी डेफिशिएंसी कानून है। इसके अंतर्गत जब...

जुलियन असांजे को बचाने के लिए धन संग्रहण हुआ शुरू

जुलियन असांजे को बचाने के लिए धन संग्रहण हुआ शुरू

मीडियावाला.इन। विकिलिक्स के जुलियन असांजे के पक्ष में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए धन इकट्ठा करने का अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए 5 लाख डाॅलर एकत्र करने का लक्ष्य है। इसमें अभी तक 801 डॉलर ही जमा हो...

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर, एक्सीडेंटल मीडिया एडवाइजर की कहानी

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर, एक्सीडेंटल मीडिया एडवाइजर की कहानी

संजय बारू सवा चार साल तक तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाइजर रहे, लेकिन कहानी उन्होंने 10 साल की बयां कर दी। फिल्म देखते हुए लगता है कि इसका मकसद कांग्रेस और राहुल का मजाक उड़ाना और...

सोशल मीडिया पर अति से बचें

मीडियावाला.इन। सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान की बातें, तो अकसर होती ही रहती है। यह भी कहा जाता है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग व्यक्ति को आत्मकेन्द्रित बना देता है। कुछ लोग सुबह उठते ही पहला...

चीन के वर्कर नागरिक कब बनेंगे?

चीन के वर्कर नागरिक कब बनेंगे?

मीडियावाला.इन। भारत में हम लोग कहते हैं कि हम, भारत के नागरिक। लेकिन चीन में लोग कहते हैं कि हम वर्कर हैं। हाल ही में चीन के एक कुंठित नागरिक ने इस तरह का बयान एक अंतरराष्ट्रीय समाचार...