Tuesday, October 23, 2018

Blog

रमण रावल

संपादक - वीकेंड पोस्ट 

स्थानीय संपादक - पीपुल्स समाचार,इंदौर                               

संपादक - चौथासंसार, इंदौर                                                            

प्रधान संपादक - भास्कर टीवी(बीटीवी), इंदौर

शहर संपादक - नईदुनिया, इंदौर

समाचार संपादक - दैनिक भास्कर, इंदौर 

कार्यकारी संपादक  - चौथा संसार, इंदौर  

उप संपादक - नवभारत, इंदौर

साहित्य संपादक - चौथासंसार, इंदौर                                                             

समाचार संपादक - प्रभातकिरण, इंदौर                                                            


1979 से 1981 तक साप्ताहिक अखबार युग प्रभात,स्पूतनिक और दैनिक अखबार इंदौर समाचार में उप संपादक और नगर प्रतिनिधि के दायित्व का निर्वाह किया । 


शिक्षा - वाणिज्य स्नातक (1976), विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन


उल्लेखनीय-

० १९९० में एक दैनिक अखबार के लिये इंदौर के 50 से अधिक उद्योगपतियों , कारोबारियों से साक्षात्कार लेकर उनके उत्थान की दास्तान का प्रकाशन । इंदौर के इतिहास में पहली बार कॉर्पोरेट प्रोफाइल दिया गया।

० अनेक विख्यात हस्तियों का साक्षात्कार-बाबा आमटे,अटल बिहारी वाजपेयी,चंद्रशेखर,चौधरी चरणसिंह,संत लोंगोवाल,हरिवंश राय बच्चन,गुलाम अली,श्रीराम लागू,सदाशिवराव अमरापुरकर,सुनील दत्त,जगदगुरु शंकाराचार्य,दिग्विजयसिंह,कैलाश जोशी,वीरेंद्र कुमार सखलेचा,सुब्रमण्यम स्वामी, लोकमान्य टिळक के प्रपोत्र दीपक टिळक।

० 1984 के आम चुनाव का कवरेज करने उ.प्र. का दौरा,जहां अमेठी,रायबरेली,इलाहाबाद के राजनीतिक समीकरण का जायजा लिया

० अमिताभ बच्चन से साक्षात्कार, 1985

० म.प्र., छत्तीसगढ़ व राजस्थान के विधानसभा चुनाव 2013 के तमाम विश्लेषण सटीक रहे, जिनमें सीटों का भी उल्लेख था।

० 2014 के लोकसभा चुनाव में म.प्र. की सीटों का विश्लेषण शत-प्रतिशत व देश में भाजपा की 260 व गठबंधन की 300 सीटों का सटीक आकलन। साथ ही 2011 से नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना वाले अनेक लेखों का प्रकाशन भी किया, जिसके संकलन की किताब मोदी युग का विमोचन जुलाई 2014 में किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भी किताब भेंट की गयी। 


सम्मान- मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा स्थापित राहुल बारपुते आंचलिक पत्रकाारिता सम्मान-2016 से सम्मानित।


विशेष-  भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा 18 से 20 अगस्त तक मॉरीशस में आयोजित 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन में सरकारी प्रतिनिधिमंडल में बतौर सदस्य शरीक।


मनोनयन- म.प्र. शासन के जनसंपर्क विभाग की राज्य स्तरीय पत्रकार अधिमान्यता समिति के दो बार सदस्य मनोनीत।


किताबें- इंदौर के सितारे (2014), इंदौर के सितारे भाग-2(2015) , इंदौर के सितारे भाग-3(2018), मोदी युग(2014), अंगदान(2016) सहित 7 किताबें प्रकाशित ।


भाषा-हिंदी,मराठी,गुजराती,सामान्य अंग्रेजी


रुचि-मानवीय,सामाजिक,राजनीतिक मुद्दों पर लेखन,साक्षात्कार 


संप्रति- भास्कर, नईदुनिया,प्रभातकिरण, दबंग दुनिया, आचरण , लोकमत समाचार , राज एक्सप्रेस, वेबदुनिया , मीडियावाला डॉट इन  आदि में नियमित लेखन।

स्वप्निल संसार से कठोर धरातल पर उतरे स्वप्निल कोठारी 

स्वप्निल संसार से कठोर धरातल पर उतरे स्वप्निल कोठारी 

क्षेत्र क्रमांक 5 से विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान पेशे से वह सीए हैं। फितरत से शिक्षक। आजीविका से शिक्षण संस्थानों के मालिक। शौकिया तौर पर मोटीवेशनल स्पीकर हैं और अब समाज में गंदगी का...

श्राद्ध पक्ष अपने पुरखों के प्रति श्रद्धा तक सीमित नहीं 

श्राद्ध पक्ष अपने पुरखों के प्रति श्रद्धा तक सीमित नहीं 

हाल ही में हिन्दू धर्म का श्राद्ध पक्ष समाप्त हुआ।  प्रत्येक धर्म-पंथ में ऐसे अवसर, प्रसंग, पररंपराएं होती हैं , जब आप अपने परिवार के उन पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद कर सकते हैं, जो परलोक सिधार चुके हैं।...

प्रेमसुख पुल देगा कितने दुख ?

प्रेमसुख पुल देगा कितने दुख ?

शुक्रवार-शनिवार(21-22 सितंबर) रात की बारिश ने एक बार फिर इंदौर की शहर सरकार को बेनकाब कर दिया। साथ ही यह भी बता दिया कि उसका भरोसा गड्ढे भरने में है, गड्ढे न हो इसमें नहीं । महज 58 साल...

पुणे नहीं ग्वालियर से शुरू हुआ था  गणेशोत्सव

पुणे नहीं ग्वालियर से शुरू हुआ था गणेशोत्सव

पुणे में इस समय गणेशोत्सव स्थापना की 125 वीं  जयंती मनाई जा रही है। जानते तो सभी यहीं है कि गणेशोत्सव की शुरूआत लोकमान्य तिलक ने 1893 में पुणे से की थी, लेकिन हकीकत यह है कि उससे काफी...

जैन समाज के पर्युषण पर बोहरा समाज मांसाहार क्यों न करें?

जैन समाज के पर्युषण पर बोहरा समाज मांसाहार क्यों न करें?

इधर, बोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफदल सैफुद्दीन साहब 6 सितंबर को इंदौर आ रहे हैं और उधर जैन समाज का सबसे बड़ा पर्व पर्युषण प्रारंभ हो रहा है। ऐसे में जैन समाज ने बोहरा समाज से अपील...

जब अटलजी ने इंदौर प्रेस क्लब में खूब हंसी-ठट्टा किया

जब अटलजी ने इंदौर प्रेस क्लब में खूब हंसी-ठट्टा किया

मीडियावाला.इन। यह वो दौर था , जब अटल बिहारी वाजपेई नाम की शख्सियत पूरे देश में प्रमुख विपक्षी नेता , ओजस्वी वक्ता  , वाक  पटु व्यक्ति के तौर पर विख्यात थे।  देश के  प्रमुख विपक्षी राजनितिक दल भारतीय...

हर साल क्यों नहीं हो सकता विश्व हिन्दी सम्मेलन ?

हर साल क्यों नहीं हो सकता विश्व हिन्दी सम्मेलन ?

मॉरीशस में तीसरी बार 18 से 20 अगस्त तक होगा आयोजन  इस बार 11वां विश्व हिन्दी सम्मेेलन मॉरीशस में होने जा रहा है और यह तीसरा मौका है, जब इस देश को मेजबानी का मौका मिला ।...

यूं ही कोई अपना गुलशन नहीं उजाड़ता

यूं ही कोई अपना गुलशन नहीं उजाड़ता

यूं ही कोई अपना गुलशन नहीं उजाड़ता  यह कैसा विचित्र संयोग है और इनके बीच क्या संबंध है , यह तो मुझे नहीं पता, लेकिन इतना जरूर है कि दोनों घटनायें घनघोर अवसाद-तनाव का नतीजा है। ठीक...

क्या पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां शेरसिंह राणा भारत लाया है?

क्या पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां शेरसिंह राणा भारत लाया है?

यदि ऐसा है तो फूलन के हत्यारे का नाम सम्मान से लिया  जायेगा जब से व्हाट्स एप्प नाम का हरे जादू का पिटारा दुनिया में ईजाद हुआ है, तब से नाना प्रकार का ज्ञान, जानकारियां, सूचनायें , चरित्र हत्या, दुष्प्रचार...

स्मृति शेष : भय्यू महाराज - गृहस्थ संत का दुखद अंत

स्मृति शेष : भय्यू महाराज - गृहस्थ संत का दुखद अंत

भय्यू महाराज  मानते रहे  कि हर व्यक्ति अपनी सीमाओं में रहकर वे सारे काम कर सकता है, जो उसे ईश्वर के समकक्ष ले जाते हैं। जरूरत केवल इस बात की है कि व्यक्ति यह तय तो करे कि...

सुमित्रा महाजन अपराजेय ताई

सुमित्रा महाजन अपराजेय ताई

मीडियावाला.इन। महाराष्ट्र से दो बहुएं ऐसी इंदौर आईं जिनकी ख्याति पूरे देश में फैली-मां अहिल्याबाई और सुमित्रा महाजन। 30 बरस पहले तक एक घरेलू महिला ने तब डंका बजा दिया जब 1989 में देश के दिग्गज नेता...

कांग्रेस को हमेशा कोई नाथ ही क्यों लगता है ?

मीडियावाला.इन। यह कांग्रेस का चरित्र है, मजबूरी, परंपरा या कमजोरी कि उसे संकट से उबरने के लिये सदैव कोई व्यक्ति की जरूरत होती है। कोई नीति, कोई विचार, कोई एजेंडा कभी उसकी प्राथमिकता नहीं रहता।...

अटारी सीमा पर जब हमारा पसीना छूटा

अटारी सीमा पर जब हमारा पसीना छूटा

लफ्जों से तो कई बार हम कहते हैं कि सीमा पर जब हमारे सिपाही जागते रहते हैं तब हम अपने घरों में चैन की नींद सोये रहते हैं। झुलसा देने वाली धूप, हाड़ कंपकंपा देने वाली ठंड और...

बेटी बचाओ में महाराष्ट्र के करमला तालुका ने रचा इतिहास

बेटी बचाओ में महाराष्ट्र के करमला तालुका ने रचा इतिहास

डॉक्टर, वकील, कोचिंग, कटिंग वाले नहीं लेंगे बेटी के पिता से पैसे पुणे के डॉ. गणेश राख की मुहिम रंग ला रही है बेटी के जन्म पर निशुल्क प्रसूति करने वाले डॉ.गणेश राख ने...

कैंसर रोगियों का जीवन अमृत - सिप्ला फाउंडेशन

कैंसर रोगियों का जीवन अमृत - सिप्ला फाउंडेशन

रोग का इलाज करना और रोगी में जीवन के प्रति अनुराग पैदा करना ये दोनों अलग-अलग मसले हैं। इस मामले में पुणे का सिप्ला पेलिएटिव केयर  सेंटर अपने आप में  अकेला, अदभुत और अनुकरणीय है। यहाँ कैंसर जैसे जानलेवा...