Wednesday, June 19, 2019

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बचपन के एक बाबूजी थे दोनों का सुन्दर था बंधन :एक था बचपन .

बचपन के एक बाबूजी थे दोनों का सुन्दर था बंधन :एक था बचपन .

मीडियावाला.इन। फादर्स डे पर  मित्र प्रज्ञा ने आज झोले का जिक्र कर बहुत सारी स्मृतियों को खंगाल दिया .नजर में वे दो झोले आकर ठहर गए .घर में तब एक मात्र वाहन साइकल होती थी ,बेटियों के...

ऊर्जा का भरपूर खजाना फलीदार  सब्जियां :फ्रेंच बीन्स 

ऊर्जा का भरपूर खजाना फलीदार  सब्जियां :फ्रेंच बीन्स 

मीडियावाला.इन। ऊर्जा का भरपूर खजाना फलीदार  सब्जियां :फ्रेंच बीन्स   सब्जी  मंडी इन दिनों  फ्रेंच बीन , बरबटी की फली और गंवार फली  से सजी दिखाई देती है |हालांकी स्वादिष्ट होने के बावजूद यह किचन से गायब हो रही...

आखिर कब तक हम शर्मसार होते रहेंगे ?

आखिर कब तक हम शर्मसार होते रहेंगे ?

मीडियावाला.इन। जेसिकालाल से लेकर निर्भया और अब ऐसी अनेक घटनाएं ,भूलिए मत इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली कठुआ और उन्नाव गैंग रेप की घटनाओं से लेकर इन दिनों देश में हो रही घटनाओं पर नजर डालिए, ...

बूंद गुलाबजल की

बूंद गुलाबजल की

मीडियावाला.इन। इस बार हरिद्वार जाना है, यह सोच लिया था। बाबूजी का अस्थिकलश भी वहीं गंगाजी में प्रवाहित करना है। इसी बहाने तीर्थ भी हो जाएगा और तीन साल से रमिया बुआ से नहीं मिली थी, सो उनसे मिलना...

पत्रकारों के बींच सम्मान से बापू पुकारे जाते थे:स्मृति शेष महेंद्र बाफना

पत्रकारों के बींच सम्मान से बापू पुकारे जाते थे:स्मृति शेष महेंद्र बाफना

मीडियावाला.इन।इंदौर |पारिवारिक मित्र ,शहर के जानेमाने पत्रकार साथी महेंद्र भैया का  जाना कर गया स्तब्ध ..यूँ अचानक ?कितने ख्याल आये क्या  सोच कर निकले  होंगे ,कहाँ जा रहे होंगे ,खबर  ने परिवार पर कैसा वज्रपात किया होगा ?मन का बेहद...

उन्होंने कहा"जीवित मिट्टी वह होती है जिसका हम बार-बार उपयोग कर सकें :शशिकांत मुंडी को श्रद्धांजलि

उन्होंने कहा"जीवित मिट्टी वह होती है जिसका हम बार-बार उपयोग कर सकें :शशिकांत मुंडी को श्रद्धांजलि

मीडियावाला.इन।टालस्टॉय का कला के लिए कहा गया यह कथन महत्वपूर्ण है ‘रंग, ध्वनी, शब्द, कार्य आदि के द्वारा भावों की वह अभिव्यक्ति जो श्रोता, दर्शक आैर पाठक के मन में वही भाव उत्पन्न कर दे कला है।’मेरे  घर के ड्राइंग...

यात्रा संस्मरण  ड्रीम ऑफ़ लाइफ द गोल्डन गेट ब्रिज- सेन फ्रांसिस्को

यात्रा संस्मरण ड्रीम ऑफ़ लाइफ द गोल्डन गेट ब्रिज- सेन फ्रांसिस्को

मीडियावाला.इन। में एक कहानी सुनी थी एक गाँव में एक बार तूफान आया और कई पेड़ गिर पड़े| तूफ़ान थमने पर लोगों ने देखा नदी किनारे वाला विशाल वृक्ष उखड़ कर गिर गया था| नदी के पाट को पार कर...

स्वप्न महल

स्वप्न महल

मीडियावाला.इन। पिछले एक साल से हमारे बीच स्वयं का घर और घर में शिफ्ट होना एक ऐसा मुद्दा बना हुआ है, जिसके चलते हम सहज बात शुरू होने पर भी लड़ने लगते और कई बार चुप इसलिये होना पड़ता कि...

स्त्री मुक्ति का यूटोपिया

स्त्री मुक्ति का यूटोपिया

मीडियावाला.इन। डा. स्वाति तिवारी   प्रथम दृष्टा सब कुछ अद्भुत अलौकिक असाधारण था उसके घर में। सर्वप्रथम तो जान लीजिए कि उसके घर की पारिवारिक व्यवस्था ऐसी बनी थी जिसकी ना पितृसत्तामकता थी ना मातृसत्तात्मकता। वहाँ व्यक्तिवादी सत्ता का...

व्यक्ति का पद नहीं, जाने के बाद उसका कद दिखाई देता है: एक अद्भुत व्यक्तित्व प्रकाश शर्माजी

व्यक्ति का पद नहीं, जाने के बाद उसका कद दिखाई देता है: एक अद्भुत व्यक्तित्व प्रकाश शर्माजी

श्री प्रकाश शर्माजी को सादर श्रद्धांजलि आज लम्हों में नमी सी क्यूँ है , साँसे भी थमी थमी सी क्यूँ है | रोशनी गम हो गई है अम्बर में , अंधेरों मेंअजब सीबेबसी क्यूँ है...

कैसे सुरक्षित रखें आधार डाटा, करें अपने बायोमेट्रिक डाटा लॉक?

कैसे सुरक्षित रखें आधार डाटा, करें अपने बायोमेट्रिक डाटा लॉक?

मीडियावाला.इन। भोपाल । इन दिनों आधार की सुरक्षा को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, यूआईडीएआई ने इसकी सुरक्षा को किसी तरह के खतरे से इनकार किया है। लेकिन इसके बावजूद अगर आप चाहते हैं कि...

वो जो भी है, मुझे पसंद है

वो जो भी है, मुझे पसंद है

मीडियावाला .इन   स्वाति तिवारी "कब आ रही हैं आप?" "परसों रात की फ्लाइट है... अच्छा मैं तुम्हें अपना टिकट मेल करती हूँ। तुम समय देख लेना।" "जी, आप बेफिक्र होकर आइए मैं आपको लेने पहुंच जाऊंगी।"...

अंतराल

अंतराल

मीडियावाला.इन। धूप लगातार तेज हो रही थी। लू ऐसी चल रही थी, मानो धूल का गुबार उड़ाकर मनुष्य का मजाक उड़ाना चाहती हो! शायद वह चुनौती दे रही थी कि मगना देखती हूँ, तू तेज चलता है या मैं?...

स्त्री

स्त्री

मीडियावाला.इन। स्त्री के कष्ट पहचानिए ,उसे सम्मान दीजिये .जीवन और मृत्यु के संघर्ष के साथ एक बच्चे को जन्म देती है   

एक फलसफा जिन्दगी

एक फलसफा जिन्दगी

मीडियावाला.इन। ''शाम का अखबार पढ़ा?'' अमन ने शाम को दफ्तर से घर आकर अपनी टाई ढीली टाई ढीली करते हुए मेरी तरफ देखकर पूछा। ''नहीं, अखबार आया ही नहीं।'' ''मेरी फाइल के अंदर रखा है।'' अमन यह कहते हुए...

स्त्री अधिकारों की सुरक्षा और मीडिया का दायित्व

स्त्री अधिकारों की सुरक्षा और मीडिया का दायित्व

मीडियावाला.इन। वह बार-बार भागती रहीं, बार-बार, हर रात एक ही सपना देखती, ताकि भूल ना जाए मुक्ति की इच्छा, मुक्ति ना भी मिले तो बना रहे मुक्ति का स्वप्न, बदले ना भी जीवन तो जीवित बचे बदलने का यत्न।...

हम फेक्ट और फिक्शन  के इस समय में मात्र एक खबर हो गए है

हम फेक्ट और फिक्शन के इस समय में मात्र एक खबर हो गए है

मीडियावाला.इन।   एक सवाल सतत मन को उद्वेलित कर रहा है कि क्या आज हम फेक्ट और फिक्शन  के इस समय में मात्र एक खबर हो गए है ?क्या जीवन की वेल्युव एक वायरल पर  टिकी है ?क्या हमारी सामाजिकता...

किचन के कुछ महत्वपूर्ण मसालों का विज्ञान

किचन के कुछ महत्वपूर्ण मसालों का विज्ञान

मीडियावाला.इन। मसाले हमारे भोजन के स्वाद को दुगना कर देते हैं, यदि मैं कहूँ चटपटा तो सुननेवाला उस स्वाद का अंदाज खुद लगा लेता है या कहा जाए खट्टा तो आप उस स्वाद का अहसास करने लगते हैं,...

यात्रा संस्मरण : जहाँ सदियाँ सोई हैं और कोई सदियों से जाग रहा है

यात्रा संस्मरण : जहाँ सदियाँ सोई हैं और कोई सदियों से जाग रहा है

दुर्ग शब्द का तात्पर्य है ऐसा गढ़ जहाँ पहुँचना कठिन हो। याग्वल्क ने कहा कि दुर्ग से राजा और प्रजा की सुरक्षा, स्थिति और सामर्थ ज्ञात होती थी लेकिन साथ में यह भी कहा जाता है कि किसी...