Monday, September 23, 2019

कॉलम / नजरिया

कश्मीर पर तू-तू मैं-मैं ठीक नहीं

कश्मीर पर तू-तू मैं-मैं ठीक नहीं

मीडियावाला.इन। जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन अब छह महिने और चलेगा। गृहमंत्री अमित शाह की इस घोषणा पर कश्मीरी नेताओं और विपक्ष ने नाराजी जाहिर की है। उनकी नाराजी स्वाभाविक है लेकिन अमित शाह का कहना है कि लोकसभा...

हक़ बनते ही क्यों शुरू होती है बर्बादी

हक़ बनते ही क्यों शुरू होती है बर्बादी

मीडियावाला.इन। आप अपने आसपास खुद देखें.फिर बताएं कि शिक्षा पर दिए जाने वाले भाषणों या सुन्दर और रंग बिरंगे विज्ञापनों और संविधान से जनता को मिले 'शिक्षा के अधिकार' पर आपको भरोसा होता है ?   भारत में,शायद भगवान...

क्या इन इस्तीफों के बाद कांग्रेस का खुद पर भरोसा लौटेगा? 

क्या इन इस्तीफों के बाद कांग्रेस का खुद पर भरोसा लौटेगा? 

मीडियावाला.इन।क्या इन इस्तीफों के बाद कांग्रेस का खुद पर भरोसा लौटेगा?  देश की सबसे पुरानी और आजादी के बाद सबसे ज्यादा सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी में अजब नजारा है। हाल के लोकसभा चुनाव में करारी हार के...

लीक से हटकर है अनुभव सिन्हा की ‘आर्टिकल 15’

लीक से हटकर है अनुभव सिन्हा की ‘आर्टिकल 15’

मीडियावाला.इन। फिल्म समीक्षा : आर्टिकल 15 जो लोग केवल मनोरंजन के लिए फिल्में देखते है, वे आर्टिकल 15 न देखें। इसमें आम मसाला फिल्मों जैसा कोई मसाला नहीं है। न फूहड़ता, न किसिंग सीन, न फाइटिंग, न नाच-गाने,...

"इमरजेन्सी के कंलक के काले धब्बे इतने गहरे हैं कि भारत में जब तक लोकतंत्र जिंदा बचा रहेगा तब तक वे बिजुरके की भाँति टँगे दिखाई देते रहेंगे"

"इमरजेन्सी के कंलक के काले धब्बे इतने गहरे हैं कि भारत में जब तक लोकतंत्र जिंदा बचा रहेगा तब तक वे बिजुरके की भाँति टँगे दिखाई देते रहेंगे"

मीडियावाला.इन। यादों में आपातकाल- समापन --चाटुकारिता भी कभी-कभी इतिहास में सम्मान योग्य बन जाती है। आपातकाल  के उत्तरार्ध में यही हुआ। पूरे देश भर से चाटुकार काँग्रेसियों और गुलाम सरकारी मशीनरी ने इंदिरा गांधी को जब यह फीडबैक दिया कि...

जनप्रतिनिधि को वोटों के बदले जनता के काम का सौदा करना जायज है ?

जनप्रतिनिधि को वोटों के बदले जनता के काम का सौदा करना जायज है ?

मीडियावाला.इन। क्या जनप्रतिनिधि वोट के बदले जनता के काम का सौदा कर सकता है? क्या ऐसा करना जायज है? लोकतं‍त्र में सरेआम यह कहना कितना नैतिक है कि अगर आप मुझे वोट नहीं देंगे तो मुझसे अपने काम करवाने...

जब छात्रों की हुंकार से सिंहासन हिल उठे

जब छात्रों की हुंकार से सिंहासन हिल उठे

मीडियावाला.इन। यादों में आपातकाल-दो कांग्रेस के अध्यक्ष देवकांत बरुआ का नारा इंदिरा इज इंडिया गली कूँचों तक गूँजने लगा। इसी बीच मध्यप्रदेश में पीसी सेठी को हटाकर श्यामाचरण शुक्ल को मुख्यमंत्री बनाया गया। अखबारों की हालत यह कि पहले पन्ने...

भगवा की जगह रक्ताभ जामा पहन लो..

भगवा की जगह रक्ताभ जामा पहन लो..

मीडियावाला.इन। भीड़ ने तबरेज को नहीं मारा श्री राम की पावन मूरत को खंडित किया है श्री राम के लिए ही सही केसरिया रंग को बख्श दो...बख्श दो उनके नाम को....बहुत पहले लिखा था अयोध्या राम मंदिर विवाद पर....राम...

नेहरू-गांधी ब्रांड ठप्पे से कांग्रेस अपने मूल चरित्र में कब लौटेगी?

नेहरू-गांधी ब्रांड ठप्पे से कांग्रेस अपने मूल चरित्र में कब लौटेगी?

मीडियावाला.इन। आपातकाल और कांग्रेस  कांग्रेस पार्टी आज जिस दौर से गुजर रही है वह सब देख रहे हैं कि वह एक कमजोर पार्टी और कमजोर नेतृत्व की सिवाय कुछ नहीं बची है, जबकि एक समय में वह...

जबरिया नसबन्दी ने सारे किए धरे पर पानी फेर दिया..!

जबरिया नसबन्दी ने सारे किए धरे पर पानी फेर दिया..!

मीडियावाला.इन। यादों में आपातकाल.. एक   पंद्रह अगस्त, छब्बीस जनवरी यदि सरकारी आयोजन न होते तो पब्लिक इन्हें कब का भुला चुकी होती। लेकिन कुछ ऐसी तिथियां हैं जिन्हें राजनीति तब तक भूलने नहीं देगी जब तक...

अभिनंदन का शौर्य अभिनंदनीय है या उनकी मूंछे ?

अभिनंदन का शौर्य अभिनंदनीय है या उनकी मूंछे ?

मीडियावाला.इन। विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान बालाकोट एयर स्ट्राइक ( इसे सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले वायुवीरों के नाम अभी भी अज्ञात हैं) के बाद एक पाक युद्धक विमान को मार गिराने और इसी चक्कर में उन्हें पाक द्वारा बंदी बनाने तथा...

वह काला अध्याय और आनेवाला दौर

वह काला अध्याय और आनेवाला दौर

मीडियावाला.इन। आपातकाल की बरसी , 25 जून के लिए विशेष  आपातकाल स्वतंत्र भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की सबसे प्रमुख घटना है आपातकाल। 25 जून 1975 की रात को वह लागू किया गया था,...

किस्मत वाली उंगली कमलनाथ की

किस्मत वाली उंगली कमलनाथ की

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के दाएं हाथ की उंगली किस्मत वाली निकली।कमलनाथ की इस उंगली का आपरेशन भोपाल के सरकारी अस्पताल में क्या हुया पूरे देश में हल्ला मच गया कि वीआईपी उंगली का आपरेशन सरकारी अस्पताल में...

इन आधुनिक भगीरथों को पानी भरा सलाम !

इन आधुनिक भगीरथों को पानी भरा सलाम !

मीडियावाला.इन।  जब सारी निगाहें घुमड़ते बादलों की तरफ हों, चेन्नई जैसे महानगर भीषण जल संकट से तड़प रहे हों, तमाम राजनीतिक लफ्फाजी के बावजूद ऊपर से बरसने वाला 54 फीसदी पानी बेकार बह रहा हो, तब ऐसे बेकल...

गलती सबकी है तो 'सफ़ेद कोट ही खून से लाल' क्यों ?

गलती सबकी है तो 'सफ़ेद कोट ही खून से लाल' क्यों ?

मीडियावाला.इन। मुजफ्फरपुर में डेढ़ सौ बच्चों का दिमागी बुखार से मरना,आजाद भारत और यहाँ के सभ्य समाज पर,एक बहुत बड़ा कलंक है.इस घटना के कवरेज के लिए एक-दो दिन पहले वहां गई एक टीवी एंकर लगभग दहाड़ते हुए,एक डाक्टर...

“ बिनती राय प्रवीण की सुनियो शाह सुजान , झूठी पातर भक़त हैं बारी बायस स्वान “ |

“ बिनती राय प्रवीण की सुनियो शाह सुजान , झूठी पातर भक़त हैं बारी बायस स्वान “ |

मीडियावाला.इन।रविवारीय गपशप ——————- पर्यटन के लिहाज़ से अब हमारे प्रदेश का स्थान सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले प्रदेशों में पाँचवा है , एक सर्वे के मुताबिक़ एम पी आने वाले पर्यटकों की संख्या में पिछले वर्षों में...

ट्रंप का हास्यास्पद दावा

ट्रंप का हास्यास्पद दावा

मीडियावाला.इन। फारस की खाड़ी में पिछले कुछ दिनों से वैसे ही भयानक दृश्य दिखाई पड़ रहे हैं, जैसे 1962 में क्यूबा के समुद्रतट पर दिखाई पड़ रहे थे। जैसे अमेरिका ने क्यूबा पर हमले की तैयारी कर ली थी,...

योग की माया

योग की माया

मीडियावाला.इन।   एक पूरा दिन योग के बारे में सुन-सुनकर शर्मा जी को बड़ी कोफ्त होने लगी। जहां जाए, वहां बस एक ही जिक्र। पड़ोस की छत से लेकर सोशल मीडिया तक बस एक ही कहानी। आदमी जाएं भी...

दक्षिण की हिट फ़िल्मों की रिमेक - कबीर सिंह

दक्षिण की हिट फ़िल्मों की रिमेक - कबीर सिंह

मीडियावाला.इन।                         हमारे समाज में अन्य प्रोफ़ेशन की तुलना में डाक्टर के पेशे का अलग स्थान और महत्व है , और चिकित्सक दरअसल मूलतः कलाकार होता है क्योंकि मानव मन के तारों को पकड़ कर उसकी पीड़ा को हरने का...

इंटरवल तक झेलनीय, फिर पकाऊ ‘कबीर सिंह’

इंटरवल तक झेलनीय, फिर पकाऊ ‘कबीर सिंह’

mediawala.in कबीर सिंह देखकर निकलते वक्त दो दर्शक बात कर रहे थे कि बन गए ना ट्रेलर देखकर उल्लू। 3 घंटे पका दिया। तेलुगु फिल्म अर्जुन रेड्डी का रिमेक कबीर सिंह बेहद इरीटेटिंग फिल्म है। पता नहीं तेलुगु में यह...