Monday, September 23, 2019

कॉलम / नजरिया

सुमित्रा जी जैसा कोई और नहीं

सुमित्रा जी जैसा कोई और नहीं

मीडियावाला.इन भाजपा की नेता और भारत की लोकसभा-अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने घोषणा की है कि वे इस बार संसद का चुनाव नहीं लड़ेंगी। मप्र के भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची में उनका नाम नहीं था। उन्होंने अपनी बेइज्जती का इंतजार...

पहले मैं, फिर पार्टी, फिर देश !

पहले मैं, फिर पार्टी, फिर देश !

भाजपा के बुजुर्ग नेता श्री लालकृष्ण आडवाणी ने अपने ब्लाॅग में अपना मुंह खोलने की कोशिश की है। जब मोदी-राज शुरु हुआ था तब उन्होंने थोड़ी हिम्मत की थी और कहा था कि भारत में आपात्काल जैसे हालात...

घोषणापत्र बनाम रिश्वतनामा

घोषणापत्र बनाम रिश्वतनामा

मीडियावाला.इन  आजकल घोषणापत्रों की खूब चर्चा है,खासकर कांग्रेस के घोषणापत्र की।कांग्रेस की तमाम घोषणाओं से प्रतिद्वंदियों में हड़कंप है।मुझे लगता है कि आज की सियासत में घोषणापत्र सत्ता संघर्ष का सबसे धारदार औजार हो सकता है लेकिन राजनीतिक दलों...

इससे अच्छी विदाई की हकदार थी ताई

इससे अच्छी विदाई की हकदार थी ताई

मीडियावाला.इन। सुमित्रा महाजन के चुनाव लडऩे से इनकार के साथ ही इंदौर की सियासत का एक बड़ा अध्याय पूरा हो गया। आठ लोकसभा चुनाव से वे इंदौर का चेहरा रही हैं। 38 वर्ष से भी अधिक लंबी पारी...

घोषणा-पत्र अच्छा है लेकिन......

घोषणा-पत्र अच्छा है लेकिन......

मीडियावाला.इन कांग्रेस पार्टी का चुनावी घोषणा-पत्र यदि पढ़ें तो ऐसा लगता है कि यदि उसकी सरकार बन गई तो भारत के ‘अच्छे-दिन’ शुरु हो जाएंगे लेकिन डर यही है कि जैसे ‘अच्छे दिन’ वर्तमान सरकार लाई है, क्या वैसे ही...

इसमें ‘भयंकर’, ‘भयंकर’ क्या है ?

इसमें ‘भयंकर’, ‘भयंकर’ क्या है ?

मीडियावाला.इन। कांग्रेस के चुनाव घोषणा-पत्र पर आज मैं अपनी प्रतिक्रिया देना चाहता था लेकिन हमारे उपग्रहभेदी प्रक्षेपास्त्र पर अमेरिका ने एक नई बहस छेड़ दी है। यह बहस कुछ ऐसी ही है, जैसे हमारी फौज के बालाकोट हमले पर...

कलाकारों पर आश्रित होती सियासत

कलाकारों पर आश्रित होती सियासत

मीडियावाला.इन भारत की सियासत को घुन लगने लगी है.किसी भी राजनितिक दल के पास आज की तारीख में कोई ऐसा नेता नहीं है जिसे सर्वमान्य रूप से देश अपना 'हीरो' स्वीकार कर ले .हालात ऐसे बन गए हैं की अब...

भाजपा के कितने टिकिट कटेंगे और कितने बचेंगे?

भाजपा के कितने टिकिट कटेंगे और कितने बचेंगे?

मीडियावाला.इन।  भाजपा को यदि मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करना है, तो उसे आरएसएस की सर्वे रिपोर्ट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जैसा कि उसने विधानसभा चुनाव के समय किया था! ऐसा किया गया...

जिगर की आग से कैसे जलाएं बीड़ी

जिगर की आग से कैसे जलाएं बीड़ी

जिस सीने पर हाथ रखता हूं, झुलस उठता हूं। लगता है, अंदर शोले धधक रहे हैं। हर सांस, हर धडक़न के साथ तपीश बढ़ती जाती है। लपटें और ऊंची होती जाती हैं। बेचैनी उग्र हो रही है। छटपटाहट...

'नरवई'की आग नीति से नहीं अच्छी नीयत से बुझेगी

'नरवई'की आग नीति से नहीं अच्छी नीयत से बुझेगी

मीडियावाला.इन। अनिश्चितताओं के,दुनिया में जितने भी खेल होते होंगे,या विरोधाभासों के जितने भी मुहावरे सभी भाषाओँ में होंगे,वे सब भारत की खेती-बाड़ी पर लागू होते हैं.सांप,छछूंदर,नेवले,कुँओं-खाइयों आदि वाले सारे मुहावरों का सच या सांप-सीढ़ी के खेल की अनिश्चितता आदि सब...

अप्रैल फूल डे का इतिहास

अप्रैल फूल डे का इतिहास

मीडियावाला.इन। अप्रैल फूल्स डे यानी 1 अप्रैल का दिन। कुछ लोग इसे हिंदी में मूर्ख दिवस भी कहते हैं। कहा जाता है कि इस दिन आप बिना किसी को नुकसान पहुंचाए उसका मजाक बना सकते हैं। इसका लोग बुरा...

अप्रैल फूल डे का इतिहास

अप्रैल फूल डे का इतिहास

अप्रैल फूल्स डे यानी 1 अप्रैल का दिन। कुछ लोग इसे हिंदी में मूर्ख दिवस भी कहते हैं। कहा जाता है कि इस दिन आप बिना किसी को नुकसान पहुंचाए उसका मजाक बना सकते हैं। इसका लोग बुरा...

'नरवई'की आग नीति से नहीं अच्छी नीयत से बुझेगी

'नरवई'की आग नीति से नहीं अच्छी नीयत से बुझेगी

अनिश्चितताओं के,दुनिया में जितने भी खेल होते होंगे,या विरोधाभासों के जितने भी मुहावरे सभी भाषाओँ में होंगे,वे सब भारत की खेती-बाड़ी पर लागू होते हैं.सांप,छछूंदर,नेवले,कुँओं-खाइयों आदि वाले सारे मुहावरों का सच या सांप-सीढ़ी के खेल की अनिश्चितता आदि ...

साफ-सुथरी और खूबसूरत ‘नोटबुक’

साफ-सुथरी और खूबसूरत ‘नोटबुक’

मीडियावाला.इन।  सलमान खान प्रोडक्शन की नोटबुक काश्मीर की पृष्ठभूमि पर बनी एक ऐसी फिल्म है, जो पुराने जमाने की रोमांटिक फिल्मों की याद दिलाती है, लेकिन फिर भी फिल्म में ताजगी और नयापन है। श्रीनगर की डल झील...

कश्मीर: धारा 35 ए पर बहस

कश्मीर: धारा 35 ए पर बहस

मीडियावाला.इन  आजकल भाजपा और मोदी सरकार के प्रभावशाली प्रवक्ता बने हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कश्मीर पर फिर एक बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा है कि धारा 35 ए खत्म की जानी चाहिए और यह भारतीय संविधान में...

दिग्गी राजा हैं ,अभिमन्यु नहीं...

दिग्गी राजा हैं ,अभिमन्यु नहीं...

मीडियावाला.इन।भाजपा मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लोकसभा में जाने से रोकने को तो आतुर है लेकिन अब तक भाजपा भोपाल सीट से कोई मजबूत प्रत्याशी तय नहीं कर पायी है। आम धारणा है कि कांग्रेस ने दिग्गी राजा...

कब तक कांग्रेस का हौवा काम आएगा ?

कब तक कांग्रेस का हौवा काम आएगा ?

ये पहली बार है कि कांग्रेस बार-बार भाजपा के काम आ रही है ।एक लंबी लड़ाई के बाद भाजपा पांच साल पहले जब सत्ता में आई थी तब भी भाजपा ने कांग्रेस का हौवा खड़ा किया था और...

अखबारों में विचार अब घाटे का सौदा!

अखबारों में विचार अब घाटे का सौदा!

आज बाबूजी(पुण्यस्मरणीय मायाराम सुरजन) का जन्मदिन है। संयोग देखिए कि आज ही के दिन भवानी प्रसाद मिश्र भी जन्मे। दोनों महापुरूषों का अवतरण उस माटी में हुआ जहाँ सतपुड़ा की छाँह में माँ नर्मदा आशीष लुटाती हैं। आज...

प्रक्षेपास्त्र: अंतरिक्ष में या चुनाव में ?

प्रक्षेपास्त्र: अंतरिक्ष में या चुनाव में ?

मीडियावाला.इन। भारत ने एक उपग्रहभेदी प्रक्षेपास्त्र अंतरिक्ष में छोड़ा, यह उसके लिए बड़ी उपलब्धि है। ऐसी क्षमतावाला वह दुनिया का चौथा राष्ट्र बन गया है। उसके पहले अमेरिका, रुस और चीन के पास ही यह क्षमता थी। यह अलग...

सियासी स्वयंवर

सियासी स्वयंवर

मीडियावाला.इन। बड़ा दु:ख हो रहा है पार्टियों की हालत देख कर। खुद को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का साबित करने में लगी हुई पार्टियों को कई सीटों पर उम्मीदवार ही नहीं मिल रहे हैं। जो गली-गली में मजबूत संगठन होने का दावा...