Monday, September 23, 2019

कॉलम / नजरिया

पुरुषार्थ और पदलिप्सा का फेर 

पुरुषार्थ और पदलिप्सा का फेर 

एक बीमार व्यक्ति के बारे में कड़वा सच लिखने के कारण मुझे आलोचनाओं का शिकार बनना पडेगा ये जानते हुए मै गोवा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर पर्रिकर के बारे में लिख रहा हूँ.वे लम्बे अरसे से अग्नाशय के...

मोदी का चुनावी बिगुल है ये बजट

मोदी का चुनावी बिगुल है ये बजट

वित्त मंत्री पीयूष गोयल के द्वारा जो बजट प्रस्तुत किया गया है वह निश्चित रूप से मोदी सरकार का चुनावी बिगुल है।यह एक अंतरिम बजट है जो पूरी तरह से चुनाव को ध्यान में रखकर बनाया गया है...

आँखों के इतने ऑपरेशन कर दिए कि डॉ हार्डिया की अंगुली ही टेढ़ी हो गई!

आँखों के इतने ऑपरेशन कर दिए कि डॉ हार्डिया की अंगुली ही टेढ़ी हो गई!

सुनकर आश्चर्य हो सकता है लेकिन यह हकीकत है, डॉ पीएस हार्डिया आँखों के 6.50 लाख ऑपरेशन कर चुके हैं। इसी विशिष्ट सेवा के लिए उन्हें पद्मश्री से अलंकृत करने का निर्णय केंद्र सरकार ने लिया है। भेंगापन...

जार्ज फर्नांडीसः कुछ संस्मरण

जार्ज फर्नांडीसः कुछ संस्मरण

जाॅर्ज फर्नांडीस जब 1967 में पहली बार लोकसभा में चुनकर आए तो सारे देश में उनके नाम की धूम मची हुई थी। वे बंबई के सबसे लोकप्रिय मजदूर नेता थे। उन्होंने कांग्रेस के महारथी एस के पाटील को...

उन्होंने कहा"जीवित मिट्टी वह होती है जिसका हम बार-बार उपयोग कर सकें :शशिकांत मुंडी को श्रद्धांजलि

उन्होंने कहा"जीवित मिट्टी वह होती है जिसका हम बार-बार उपयोग कर सकें :शशिकांत मुंडी को श्रद्धांजलि

मीडियावाला.इन।टालस्टॉय का कला के लिए कहा गया यह कथन महत्वपूर्ण है ‘रंग, ध्वनी, शब्द, कार्य आदि के द्वारा भावों की वह अभिव्यक्ति जो श्रोता, दर्शक आैर पाठक के मन में वही भाव उत्पन्न कर दे कला है।’मेरे  घर के ड्राइंग...

'ताई' की नौवीं दावेदारी पर 'भाई' का भी दावा!    

'ताई' की नौवीं दावेदारी पर 'भाई' का भी दावा!    

30 सालों में हुए 8 लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सबसे सुरक्षित सीटों में एक इंदौर सीट भी रही है। यहाँ की सांसद सुमित्रा महाजन (ताई) ही इस बार चुनाव लड़ेंगी या फिर किसी नए चेहरे को मौका दिया जाएगा,...

नमो ऐप खुद फैला रहा है फेक न्यूज

नमो ऐप खुद फैला रहा है फेक न्यूज

क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नमो ऐप खुद अफवाहें फैलाने का काम कर रहा है? ऐसे में फेक न्यूज से कैसे निपटा जा सकता है? वरिष्ठ पत्रकार समर्थ बंसल ने इस बारे में एक अध्ययन किया तो पाया...

मूछों पर ताव अब और नहीं..!

मूछों पर ताव अब और नहीं..!

हम अतीतजीवी हैं। वर्तमान के हर बदलाव को विद्रूप बताते हुए उस पर नाहक ही लट्ठ लेकर पिल पड़ते हैं। अक्सर सुनते हैं कि हमारा जमाना कितना अच्छा था। यहां तक कि लोग अँग्रजों और राजशाही के जमाने...

माफ करो सरकार, नहीं चाहिए आपकी यह कर्ज माफी

माफ करो सरकार, नहीं चाहिए आपकी यह कर्ज माफी

जनता संविधान में मिले अधिकारों का जश्न मना रही है। तिरंगे के सामने खड़ी हो वंदे मातरम के तराने गाती जनता अपने आप से यह सवाल पूछ रही है कि उसकी आशा, अपेक्षा को राजनीति कब गंभीरता से...

सरकार और विहिप की मजबूरी में उलझा राम मंदिर

सरकार और विहिप की मजबूरी में उलझा राम मंदिर

मीडियावाला.इन।   मोदी सरकार से लेकर संघ विहिप आदि चाहते हैं कि राम मंदिर निर्माण जल्द से जल्द शुरु हो जाए लेकिन मजबूरी के कारण निर्माण अटका हुआ है। कुछ मजबूरी मोदी सरकार की और सरकार की मजबूरी...

वेनेजुएला: नया शीत युद्ध ?

वेनेजुएला: नया शीत युद्ध ?

मीडियावाला.इन।   लातीन अमेरिका के देश वेनेजुएला में वैसी ही स्थिति बनती दिखाई पड़ रही है, जैसी कि 1962 में क्यूबा में बन रही थी। जो तनाव वहां अभी चल रहा है, यदि एक हफ्ते में वह नहीं सुलझा...

बाबूलाल गौर को प्रासंगिक बने रहना आता है

बाबूलाल गौर को प्रासंगिक बने रहना आता है

मीडियावाला.इन।     उनके प्रतिस्‍पर्धियों को उनकी किस्‍मत से रश्‍क होता है। कई लोग हद की सीमा तक ईर्ष्‍या कर सकते हैं। वे कई राजनेताओं की आंखों में खटकते हैं मगर उनका कुछ बिगाड़ पाने में स्‍वयं...

ईश्वरीय पद से गिर जाने का डर

ईश्वरीय पद से गिर जाने का डर

एक अजीब संयोग। दो शख्सियत। दोनों का कार्यक्षेत्र एक शहर। दोनों अपने अपने क्षेत्रों में स्वयं के द्वारा निर्मित ईश्वरीय आभामंडल में स्थित। दोनों का एक जैसा अंत और कारण भी लगभग एक। और दोनों का अंत सिर्फ...

ये कैसे भारत रत्न है

ये कैसे भारत रत्न है

मीडियावाला.इन। ‘भारत-रत्न’ सम्मान को देश का सबसे ऊंचा सम्मान कहा जाता है लेकिन इस बार जिन तीन लोगों को यह सम्मान दिया गया है, उन्हें देकर ऐसा लगता है कि मोदी सरकार अपना अपमान करवा रही है। कई अखबारों और...

मणिकर्णिका :  झांसी की रानी या बॉलीवुड की ?

मणिकर्णिका :  झांसी की रानी या बॉलीवुड की ?

मीडियावाला.इन।  ''बेटी खड़ी होगी, तभी तो जीत बड़ी होगी !"  ना ना, इस बात का प्रियंका गांधी वाड्रा या आगामी लोकसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।  यह तो केवल एक फ़िल्मी डॉयलॉग है।  मणिकर्णिका फिल्म का।...

गणतंत्र के सलामती की फिक्र किसे..!

गणतंत्र के सलामती की फिक्र किसे..!

अपने लोकतंत्र की खासियत यही है कि अब तक इसकी कोई कुंजी नहीं बन पाई।  भारत के गणतांत्रिक राष्ट्र घोषित होने के बाद से सभी राजनीतिक दल उसी एक कुंजी की तलाश में लगे हैं। सबकी बस एक...

राजनीति की "प्रियंका" आखिर किसकी उम्मीद !

राजनीति की "प्रियंका" आखिर किसकी उम्मीद !

देश की राजनीति कितनी दरिद्र है कि वह अपने कार्यों के नहीं व्यक्ति के करिश्मे में सत्ता खोजने निकली है। अकेले चुनाव मैदान में मुकाबला करने में असमर्थ लोग बेमेल समझौते को मजबूर हैं। गठबंधन के इस दौर...

ना-ना करके प्रियंका का राजनीति में आना

ना-ना करके प्रियंका का राजनीति में आना

पूरे 47 साल की प्रियंका बाड्रा का ना ना करके अचानक से सक्रिय राजनीति में आना भाजपा को भले हैरान-परेशान करे किन्तु कांग्रेस को पता था कि प्रियंका के बिना आने वाले आम चुनाव में कांग्रेस का डंका...

राम मंदिर सबक ले सबरीमाला से

राम मंदिर सबक ले सबरीमाला से

कितनी विडंबना है कि सबरीमाला मंदिर में केरल की जिन दो महिलाओं ने अंदर जाकर पूजा करने की हिम्मत दिखाई, उनके साथ निकृष्ट कोटि का बर्ताव किया जा रहा है। ये दो महिलाएं हैं, कनकदुर्गा और बिन्दु !...

बनने लगी राहुल कांग्रेस!

बनने लगी राहुल कांग्रेस!

मीडियावाला.इन। प्रियंका का कांग्रेस में विधिवत गृह प्रवेश के दो मायने समझ आते हैं। एक राहुल को अपने सिपहसलारों से उतना सपोर्ट नहीं मिल पा रहा है, जिसकी उन्हें जरूरत है। दूसरा अब वे इस लड़ाई में...