Monday, September 23, 2019

कॉलम / नजरिया

ट्रेन में दम तोड़ते यात्री की जान बचाई डॉ पुष्पा ने

ट्रेन में दम तोड़ते यात्री की जान बचाई डॉ पुष्पा ने

मीडियावाला.इन।थपेड़े मारती हवाओं के बीच तेजी से दौड़ती ट्रेन...बोगी नंबर चार के एक यात्री की रुकती सांसें...पसीने में तरबतर ठंडा पड़ता शरीर...आसपास के यात्रियों का कोलाहल....बोगी नंबर पांच की तरफ दौड़ते इस बोगी के यात्री चिल्लाते जा रहे हैं कोई...

राष्ट्रीय चेतना के चिर स्वरूप ‘वंदे मातरम्’ में बदलाव क्या होगा ?

राष्ट्रीय चेतना के चिर स्वरूप ‘वंदे मातरम्’ में बदलाव क्या होगा ?

समझना कठिन है कि जो गीत ‘दिल की गहराइयों’ में हो, उसे सचिवालयकर्मियों द्वारा हर माह की पहली तारीख को गाने में दिक्कत क्या है? जो गीत जन्मा ही राष्ट्रवाद की भावभूमि पर हो, उसे ‘राष्ट्रवादी’ कहकर खारिज...

सच का सामना

सच का सामना

बहुत शोर मचा कि साहब आईना देखने से कतरा रहे हैं। भाग रहे हैं, बच रहे हैं। लोग खुलेआम चुनौती देने लगे कि एक बार मेरे सामने हॉट सीट पर बैठ जाइये, सारी हकीकत सामने आ जाएगी। दो-तीन...

कलेक्टर के कक्ष में कैलेंडर से गायब हुए शिवराज!

कलेक्टर के कक्ष में कैलेंडर से गायब हुए शिवराज!

हवा का रुख भाँपने वाले आयएएस हुक्मरान के चुप रहने पर भी सुन-समझ लेते हैं बहुत कुछ शासकीय सेवा के विभिन्न वर्गों में आयएएस को ही क्यों सिरमौर माना जाता है इसे एक छोटे से वाकये...

क्या स्वर्ण युग के पहले ही नेटफ्लिक्स का दौर खत्म हो जाएगा?

क्या स्वर्ण युग के पहले ही नेटफ्लिक्स का दौर खत्म हो जाएगा?

मीडियावाला.इन। नेटफ्लिक्स के आने से फिल्मों के प्रदर्शन का एक नया दौर शुरू हुआ है। लोग घर बैठे फिल्में देख रहे हैं और काफी कम कीमत पर। पूरी दुनिया में नेटफ्लिक्स के 15 करोड़ ग्राहक भी बन चुके...

भारत-बांग्ला नई ऊंचाइयां

भारत-बांग्ला नई ऊंचाइयां

बांग्लादेश में शेख हसीना वाजिद की अपूर्व विजय भारत-बांग्ला संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यदि हसीना हार जातीं और खालिदा ज़िया जीत जातीं तो वह पाकिस्तान के लिए बड़ी खुशखबरी होती, क्योंकि खालिदा ने सत्ता में...

मैं नफरत भी लिखना चाहू तो प्यार लिखा जाता है

मैं नफरत भी लिखना चाहू तो प्यार लिखा जाता है

मीडियावाला.इन। नफरत....ये शब्द किसने बनाया। किसने बनाया, बेचारा जैसा शब्द। याद है, पापाजी को माथे पर आए बल भी पसन्द ना थे, ना ही खुद को कभी बेचारा कहना। कुछ ऐसी ही मैं होती जा रही हूं, हर गुजरते साल...

हर पल मनाए जिन्दगी का जश्न

हर पल मनाए जिन्दगी का जश्न

समय की गति के हिसाब से हर नया विहान ही नया वर्ष है। हर क्षण अगले क्षण की पृष्ठभूमि बनता जाता है। सृष्टि के अस्तित्व में आने के बाद से समय की गति ऐसी ही है... ऐसी ही...

सूदखोरों का ब्याज मरने पर मजबूर करता है किसानों को!

सूदखोरों का ब्याज मरने पर मजबूर करता है किसानों को!

मध्यप्रदेश की नई कमलनाथ सरकार ने अपना चुनावी वादा पूरा करते हुए किसानों के 2 लाख तक का कर्ज माफ़ कर दिया। ये अलग बात है कि इस घोषणा से कितने किसानों का कर्ज माफ़ हुआ और किसे...

इंदौर के एमवायएच ऑपरेशन कायाकल्प ने दिलाई मोहंती को अंतरराष्ट्रीय ख्याति 

इंदौर के एमवायएच ऑपरेशन कायाकल्प ने दिलाई मोहंती को अंतरराष्ट्रीय ख्याति 

नई सरकार, नए मुख्यमंत्री के साथ नए बने मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती की प्रशासनिक सफलताओं में इंदौर कलेक्टरी मील का पत्थर रही है। मध्य प्रदेश के किसी आयएएस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली तो वह इंदौर कलेक्टर...

सियासत के आदित्य हैं ज्योतिरादित्य 

सियासत के आदित्य हैं ज्योतिरादित्य 

किसी राजनेता के जन्मदिन पर लिखने की मेरी आदत नहीं है ,अक्सर ऐसे लेखन से मै बचता हूँ.बीते तरह साल में एक बार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के जन्मदिन पर लिखा था वो भी सहमते हुए ,क्योंकि आप...

कमलनाथजी, आपकी पीठ भी थपथपायेंगे, बकअप...!

कमलनाथजी, आपकी पीठ भी थपथपायेंगे, बकअप...!

मध्यप्रदेश के नए 'नाथ' कमलनाथ ने योजनाओं को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी तंत्र को दी है। अंग्रेजों के पहले जनपदों में कारकून सरकारी कामकाज की डूंडी पिटा करते थे। चौपाल, गांव, खेत-खलिहान के बीच सरकार की मंशा...

दो चेहरे, दो फ़िल्में और असली राजनीति

दो चेहरे, दो फ़िल्में और असली राजनीति

सिनेमा की दुनिया हमेशा ही राजनीति से बचकर चलती है। क्योंकि, सिनेमा का मकसद सिर्फ लोगों का मनोरंजन होता है। लेकिन, इसे संयोग माना जाना चाहिए कि आने वाले दिनों में दो ऐसी फ़िल्में रिलीज हो रही है,...

शपथ ग्रहण से विभाग वितरण तक आंतरिक लोकतंत्र की दिखी झलक....

शपथ ग्रहण से विभाग वितरण तक आंतरिक लोकतंत्र की दिखी झलक....

कांग्रेस के दिग्गज नेता यह कहने में कोई संकोच नहीं करते कि पार्टी में नेताओं की वैचारिक भिन्नता उनकी पार्टी का आंतरिक लोकतंत्र है। इसी आंतरिक लोकतंत्र में कांग्रेस की गुटबाज़ी और एकता को बख़ूबी परिभाषित किया जा...

कहां छिंदवाड़ा, कहां बुदनी !!

कहां छिंदवाड़ा, कहां बुदनी !!

छिंदवाड़ा में हूं। इत्तेफ़ाक़ से बुदनी के नज़दीक से गुज़र कर यहां पहुँचा हूं। कमलनाथ का छिंदवाड़ा मॉडल हमारी निगाहों से होकर गुज़रता रहा है। जितनी बार छिंदवाड़ा को देखता हूँ कुछ नया मिलता है। किसी क्षेत्र में...

बदलाव के मौसम की बयार है ये, आनंद लीजिये 

बदलाव के मौसम की बयार है ये, आनंद लीजिये 

दृश्य एक। नये नवेले केबिनेट मंत्री पीसी शर्मा आये हैं भोपाल में शिवाजी नगर के दुष्यंत कुमार स्मृति संग्रहालय के सालाना समारोह में। जब वो भाषण देने आते हैं तो कुछ सकुचाते हुये कहते हैं आप मंत्री कहते...

मोदी की घुमक्कड़ी का खर्च

मोदी की घुमक्कड़ी का खर्च

हमारे प्रधानमंत्री लोग अपनी विदेश यात्राओं पर कितनी बेरहमी से पैसा बहाते हैं, इसका पता अभी राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल से पता चला है। नरेंद्र मोदी ने पिछले साढ़े चार साल में अपनी विदेश यात्राओं पर...

सरकार से बेदखल होने लगे संघ के दीनदयाल

सरकार से बेदखल होने लगे संघ के दीनदयाल

मध्यप्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के आरएसएस की शाखा में जाने पर प्रतिबंध लगाने संबंधी वचन के साथ सत्ता में आई कांग्रेस ने सरकारी कामकाज से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा नेताओं के लिए पूज्य जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल...

‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ से रूबरू होने का कांग्रेस का सराहनीय साहस

‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ से रूबरू होने का कांग्रेस का सराहनीय साहस

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने विवादास्पद बनाने की कोशिशों के बीच फिल्म ‘ द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को मप्र में बैन नहीं करने का फैसला किया है तो यह एक सही और विवेकसम्मत निर्णय है। इसलिए...

सिंधिया की खलनायक वाली छवि बनाने में कामयाब होते दिग्विजय सिंह

सिंधिया की खलनायक वाली छवि बनाने में कामयाब होते दिग्विजय सिंह

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अभी जितने लाचार कमलनाथ नजर आ रहे हैं उतने असहाय तो इस ऐतिहासिक फोटो में नजर आने वाले न तो श्यामाचरण शुक्ल रहे, न मोतीलाल वोरा और न ही दिग्विजय सिंह रहे।कमलनाथ...