Thursday, September 19, 2019

कॉलम / नजरिया

बिखरे कुनबे को आर्मी में बदल दिया वचन पत्र ने

बिखरे कुनबे को आर्मी में बदल दिया वचन पत्र ने

कांग्रेस पार्टी ने साबित कर दिया कि वह कन्फ्यूज पार्टी है। शिवराज के कामकाज पर घेरते-घेरते कांग्रेस के वचन पत्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर सवाल खड़े कर बहस का मुद्दा ही बदल दिया। कुछ मामलों में...

लखनऊ का चिडि़याघर भी अटलजी के नाम करने की ‘सुशासित सोच’ !

लखनऊ का चिडि़याघर भी अटलजी के नाम करने की ‘सुशासित सोच’ !

  नाम बदलने के इस ‘जुनून’ को आप क्या कहेंगे? अपने पूज्य नेता के प्रति आस्था का अतिरेक, देश में चल रही ‘नामातंरण क्रांति’ की पराकाष्ठा अथवा विवेक के साथ खो-खो? यूपी की योगी सरकार...

नेताओं के चुनावी मुखौटे

नेताओं के चुनावी मुखौटे

मीडियावाला.इन। पहले हर चुनाव के दौरान घोषणा-पत्र जारी होते थे। आजकल उन्हें संकल्प-पत्र और वचन-पत्र कहकर जारी किया जाता है। विभिन्न पार्टियों के घोषणा-पत्रों में उन पार्टियों की विचारधारा, नीतियों और कार्यक्रमों का विवरण हुआ करता था लेकिन...

सत्तनजी की भविष्यवाणी याने भाजपा की दाल पतली  !

सत्तनजी की भविष्यवाणी याने भाजपा की दाल पतली  !

मीडियावाला.इन। इंदौर। राष्ट्रीय कवि एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन ने 11 दिसंबर को वीवीपेड मशीन इंदौर में क्या परिणाम उगलेगी उसकी भविष्यवाणी कर दी है, उनके अनुसार 9 में से 5 कांग्रेस, 4 भाजपा...

अग्नि के फेरों में सियासी सप्तपदी और ‘डैडी मेड’ तेज प्रताप की ट्रैजेडी

अग्नि के फेरों में सियासी सप्तपदी और ‘डैडी मेड’ तेज प्रताप की ट्रैजेडी

खुदा गंजे को नाखून भले न देता हो, लेकिन किसी बड़े नेता को ऐसा पुत्र रत्न जरूर देता है, जो बाप के ‍लिए डिप्रेशन का कारण बने और अपने सार्वजनिक जीवन के डिविडेंड पर पुनर्विचार के लिए मजबूर...

'असफलता का मक़बरा'है तो गले का हार क्यों ?

'असफलता का मक़बरा'है तो गले का हार क्यों ?

वैसे तो सौ प्रतिशत अनिश्चितता सिर्फ खेलों में ही होती है,किन्तु,भारत में अब खेती,खेलों से ज्यादा अनिश्चितता भरा काम हो गया है.ऊपर से,हमने अपनी ही व्यवस्थाओं के कारण,इस अनिश्चितता को हानिकारक,कष्टकारी और दर्दनाक भी बना दिया है.आजकल किसी...

कांग्रेस की त्रयी में नाथ-दिग्‍गी ने लंबी खिंची रेखा, सिंधिया क्यों पिछड़े?

कांग्रेस की त्रयी में नाथ-दिग्‍गी ने लंबी खिंची रेखा, सिंधिया क्यों पिछड़े?

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूरी ताकत एकत्रित कर भाजपा को चुनौती देने में जुटी है। मई में प्रदेश अध्‍यक्ष का पद संभालने के बाद से अब तक कमलनाथ लगातार कह रहे हैं कि यह करो या मरो का...

श्रीलंका में श्रीसेन की दादागीरी

श्रीलंका में श्रीसेन की दादागीरी

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल श्रीसेन की दादागीरी इस समय आसमान को छू रही है। पहले उन्होंने प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघ को अकारण ही बर्खास्त कर दिया और उनकी जगह अपने प्रतिद्वंदी और पूर्व राष्ट्रपति महिंद राजपक्ष को प्रधानमंत्री घोषित...

सपनों का ‘नया सवेरा’ आएगा...!

सपनों का ‘नया सवेरा’ आएगा...!

मध्यप्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हर पांच साल में मतदान कर मनमाफिक सरकार चुनने का वक्त एक बार फिर आ गया है। प्रमुख राष्ट्रीय दल कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने चेहरों...

राघोगढ से लेकर बुदनी तक बलि का बकरा कौन ? 

राघोगढ से लेकर बुदनी तक बलि का बकरा कौन ? 

दृश्य एक । सीएम शिवराज सिंह का हैलीकाप्टर जैत गांव के बाहर उतरा है। कार से सीएम अपने परिवार के साथ गांव आते हैं, गांव में घुसते ही बडे पेड के नीचे बने खेरापति हनुमान और दूसरे देवताओं...

तालिबानः भारत दुम क्यों दबाए ?

तालिबानः भारत दुम क्यों दबाए ?

रुस की पहल पर आजकल तालिबान के साथ मास्को में 12 देशों का एक संवाद चल रहा है। इस संवाद में अफगानिस्तान के आस-पास के देश और उनके साथ-साथ अमेरिका, रुस, चीन और भारत भी भाग ले रहे...

उज्जैन जिले में फजीहत, कहीं कम तो कहीं ज्यादा 

उज्जैन जिले में फजीहत, कहीं कम तो कहीं ज्यादा 

मीडियावाला.इन। उज्जैन जिले में टिकट वितरण के बाद भारतीय जनता पार्टी की इस बार जो फजीहत हो रही है, इससे पहले ऐसा नहीं हुआ।14नवंबर नाम वापसी की अंतिम तारीख है, दोनों दलों में डेमेज कंट्रोल वाली गाड़ियां आग...

आजकल:राजनीति कौन है ओम पटेल, जीतू पटवारी से पूछो

आजकल:राजनीति कौन है ओम पटेल, जीतू पटवारी से पूछो

कन्नौद-खातेगांव विधानसभा में पांच वर्षों से कांग्रेस के लिए जनता की लड़ाई लड़ रहे कैलाश कुंडल, उनकी पत्नी राजकुमारी कुंडल को टिकट क्यों नहीं मिला, यह जीतू पटवारी ही बता सकते हैं। ब्राह्मण बहुल विधानसभा से ओम पटेल को टिकट...

सरताज के आंसू, बगावती साला, उसूलों का कत्लेआम और ‘टिकट के जिहादी’! 

सरताज के आंसू, बगावती साला, उसूलों का कत्लेआम और ‘टिकट के जिहादी’! 

महर्षि वेद व्यास अगर महाभारत का सीक्वल लिखना चाहें तो ‘चुनाव टिकट वितरण’ से बेहतर कोई प्लाॅट शायद ही हो। कारण इसमें जितना थ्रिल, घमासान, मूल्यों का कत्लेआम, घनघोर भाई भतीजावाद, एक इंच भूमि भी प्रतिद्वंदी ने लिए...

नोटबंदीः एतिहासिक भूल

नोटबंदीः एतिहासिक भूल

जैसे दीवाली पर पटाखाबंदी फेल हो गई, वैसे ही नोटबंदी फेल हो गई। नोटबंदी के बारे में रिजर्व बैंक की दो साल पुरानी बैठकों के जो विवरण अब सामने आ रहे हैं, उनसे पता चलता है कि विशेषज्ञों...

...तो जिराती सन्यास ले लेंगे....केसरिया शिविर का नया रंग !

...तो जिराती सन्यास ले लेंगे....केसरिया शिविर का नया रंग !

मुझे इस टिप्पणी पर पिछला विधानसभा चुनाव याद आ गया। नरेन्द्र मोदी की लहर थी, फिर भाजपा, फिर शिवराज की बहार के गीत बज रहे थे। चुनावी संग्राम में जीतू पटवारी की नुक्कड़ सभाओं, मोहल्ला भंडारों में कई...

काश ऐसी रातों की कोई सुबह न हो

काश ऐसी रातों की कोई सुबह न हो

..दीपावली की रात के बाद होने वाली सुबह अजीब मनहूसियत से भरी होती है। वैसे भी यह परीबा(प्रतिपदा) का दिन होता है, इसमें आना-जाना निषिद्ध माना जाता है।  परंपरा के इस विधान के पीछे पुरखों...

भाजपा ने बनाई हर राज्य के लिए अलग रणनीति

भाजपा ने बनाई हर राज्य के लिए अलग रणनीति

मीडियावाला.इन। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा अलग अलग चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी के केंद्रीय प्रचारकों की टोली अपने चुनाव अभियान में इस रणनीति के मुताबिक मुद्दों को उठाएगी। राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र...

हमारी संस्कृति बारूद नहीं बाँसुरी

हमारी संस्कृति बारूद नहीं बाँसुरी

हाँ मैं पटाखे और आतिशबाजी के खिलाफ हूँ। इसमें मुझे ऐसी कोई भी बात नजर नहीं आती जो किसी त्योहार की गरिमा को बढ़ाती हो। वैसे भी यह सनातनी वैदिक संस्कृति का हिस्सा नहीं।  हमारी...

कर्नाटक में नई इबारत

कर्नाटक में नई इबारत

मीडियावाला.इन। माना यह जाता है कि जब भी उप-चुनाव होते हैं, सत्तारुढ़ दल के उम्मीदवार प्रायः हार जाते हैं, क्योंकि मतदाताओं की कई हसरतें सरकार तुरंत पूरी नहीं कर पाती हैं। उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के उप-चुनावों में यही...