Sunday, October 20, 2019

कॉलम / नजरिया

नो पेड न्यूज याने बिना विज्ञापन प्रचार

नो पेड न्यूज याने बिना विज्ञापन प्रचार

नकर थोड़ा अजीब लगता है कि जब नो पेड न्यूज(पैसे लेकर छापने या टीवी पर दिखाने वाली खबरें-लेख) है तो प्रचार कैसे? यही तो वो काला जादू है, जो चुनावी मौसम में प्रिंट मीडिया काले अक्षरों के जरिये...

ब्रिटेन तेरे कूचे से यों निकला

ब्रिटेन तेरे कूचे से यों निकला

ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच जो समझौता हुआ है, उसके बारे में यह पता नहीं कि ब्रिटिश संसद उस पर मुहर लगाएगी या नहीं ? यदि ब्रिटिश संसद ने उसे रद्द कर दिया तो प्रधानमंत्री थेरेसा मे...

मुद्दों का टोटा और सत्ता की वैतरणी कुल-गोत्र के भरोसे पार करने की हिमाकत ! 

मुद्दों का टोटा और सत्ता की वैतरणी कुल-गोत्र के भरोसे पार करने की हिमाकत ! 

क्या आपको इसके पहले ऐसा कोई चुनाव याद पड़ता है, जिसमें मुद्दों का इस कदर टोटा पड़ गया हो कि शीर्ष नेताअों को भी  वोट के लिए अपने पितरों और दूसरे के पूर्वजों और गोत्र का सार्वजनिक इजहार...

विंध्य की तासीर में बदलाव की भाँप

विंध्य की तासीर में बदलाव की भाँप

चुनाव के आखिरी दौर की रिपोर्टिंग और आँकलन सबसे ज्यादा माथापच्ची का काम है। माहौल भाँग के नशे की तरह तरंगित होता रहता है, फिर भी सन् 85 से लेकर पिछले चुनाव तक की रिपोर्टिंग का तजुर्बा चुप...

काहे पूछ रहे हो इतना सन्नाटा क्यों है भाई!

काहे पूछ रहे हो इतना सन्नाटा क्यों है भाई!

करीब पांच दशक पहले के चुनाव याद आते हैं । बिजली के खंभों से लेकर घरों की छतों पर पार्टियों के झंडे बांध दिए जाते थे। तब भी यदि कोई परिवार विरोध करता था तो वहां कोई दल...

'सहकारी-साख'की मौत से ही बीमार है खेती

'सहकारी-साख'की मौत से ही बीमार है खेती

मैदानी पत्रकार और चुनावी गणित के पंडित शायद मुझसे सहमत हों,कि जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावों के परिणाम गन्ने के दामों से तय होते हैं,वैसे ही मध्य प्रदेश के एक बड़े ग्रामीण इलाक़े में ये सोयाबीन के...

चुनावी हवा के डायग्नोसिस के मीडिया पैरामीटर !

चुनावी हवा के डायग्नोसिस के मीडिया पैरामीटर !

मध्यप्रदेश ‍में विधानसभा चुनाव की चरम गर्माहट में लोग लगातार यह सूंघने की कोशिश कर रहे हैं कि इस चुनाव में जीत किसकी होगी, कौन सरकार बनाएगा, बहुमत से बनाएगा या बैसाखी के सहारे बनाएगा, शिवराज चौथी बार...

एक गांधीवादी की चुनाव कथा

एक गांधीवादी की चुनाव कथा

मुद्दतों बाद महात्मा गांधी ने सोचा कि भारतवर्ष में जाकर क्यों न चुनाव लड़ कर देखा जाए कि अब क्या हाल है। पुनर्जन्म की झंझट में फंसे बिना वे अपने अनुयायी दादूदयाल दयापति की आत्मा में प्रवेश कर...

भारत-पाक-चीनः तू-तू---मैं-मैं नहीं

भारत-पाक-चीनः तू-तू---मैं-मैं नहीं

मुझे थोड़ा अचरज हुआ और खुशी भी कि इस बार पाकिस्तान की सरकार ने अपना संतुलन नहीं खोया। कराची स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास पर बलूच राष्ट्रवादियों ने, जो आतंकी हमला किया, उसके लिए न तो प्रधानमंत्री इमरान...

जीते तो संघ, हारे तो शिवराज...खुशियों से भरे हैं कांग्रेस के हाथ

जीते तो संघ, हारे तो शिवराज...खुशियों से भरे हैं कांग्रेस के हाथ

लगातार राज करने का खामियाजा क्या होता है, इस बात का जवाब अगर कोई दे सकता है तो वह हैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान। मतदान को महज थोड़ा समय ही बचा है। अब विकास पीछे छूट...

सरताज के ताज की शोभा बढाने पहुंचे सिंधिया ...

सरताज के ताज की शोभा बढाने पहुंचे सिंधिया ...

जब सुबह भोपाल से ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हैलीकाप्टर में उडे थे तो जिस जगह पर जाकर कुछ जानने की बेसब्री थी वो जगह थी इटारसी जहां कांग्रेस प्रत्याशी सरताज सिंह के समर्थन में सभा थी। मगर इटारसी...

अयोध्याः भाजपा पर भारी शिव-सेना

अयोध्याः भाजपा पर भारी शिव-सेना

अयोध्या अब 26 साल बाद फिर खबरों में हैं। इस बार वहां दो लाख से भी ज्यादा भक्तों के इकट्ठे होने का अंदाजा है। उन्हें संभालने के लिए 70 हजार सिपाहियों को उप्र सरकार ने तैनात कर दिया...

मालवा-निमाड़: भाजपा की जमीन खिसक रही है

मालवा-निमाड़: भाजपा की जमीन खिसक रही है

मालवा निमाड़ में भाजपा अपनी जमीन बचाने की जंग लड़ रही है। कांग्रेस उसे कड़ी टक्कर दे रही है। पिछली बार की उसकी 55 सीटों में से लगभग 20 सीटें डेंजर झोन में है। कांग्रेस अपनी स्थिति में...

भारत-पाकः नानक बरामदा

भारत-पाकः नानक बरामदा

भारत और पाकिस्तान के टूटे हुए रिश्तों को अब नानक-बरामदा जोड़ेगा। यह बरामदा बनेगा मुश्किल से 8 किमी का, भारत के डेराबाबा नानक से पाकिस्तान के करतारपुर साहब तक ! करतारपुर में ही गुरु नानक ने अंतिम सांस...

मनु महराज को पूजें कि गरियाएं.!

मनु महराज को पूजें कि गरियाएं.!

इस देश में पिछले दो दशकों से सबसे ज्यादा गाली खाने वाले महापुरुष का नाम है ‘मनु’। मनु महाराज पर आरोप है कि उन्होंने समाज को वर्ण और जातियों में बांटा है। दलित विद्वानों की इस  थ्योरी...

कश्मीरः सही वक्त, सही कदम

कश्मीरः सही वक्त, सही कदम

जम्मू-कश्मीर की विधानसभा को भंग करने के अलावा राज्यपाल सत्यपाल मलिक के पास चारा क्या था ? पिछले पांच महिने से पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस मांग कर रही थीं कि विधानसभा भंग करो। सो, राज्यपाल ने उनकी...

भाजपा में क्या नाराज नेताओं को मनाने वाले नहीं बचे?

भाजपा में क्या नाराज नेताओं को मनाने वाले नहीं बचे?

इस बार का विधानसभा चुनाव कई मामलों में कुछ अलग है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों में टिकट के लालायित नेताओं की संख्या इतनी ज्यादा रही कि स्थिति बगावत तक पहुँच गई! भाजपा ने 53 बागी उम्मीदवारों...

इंदौर जिले का स्कोर रहेगा 7 भाजपा, 2 कांग्रेस

इंदौर जिले का स्कोर रहेगा 7 भाजपा, 2 कांग्रेस

कोई इसे प्रदेश में कांग्रेस की लहर मानना चाहे तो हर्ज नहीं, क्योंकि 2013 के विधानसभा चुनाव में इंदौर जिले का स्कोर था भाजपा-8, कांग्रेस-1। एकाध सीट की घट-बढ़ यदि पैमाना है तो लहर या सत्ता विरोधी हवा...

सुषमा जैसा कोई और नहीं

सुषमा जैसा कोई और नहीं

मीडियावाला.इन। विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ने मेरे शहर इंदौर में घोषणा की कि वे अब चुनावी राजनीति से संन्यास ले रही हैं, क्योंकि उनकी किडनी उनका साथ नहीं दे रही है। सुषमाजी के असंख्य प्रशंसकों को यह...

न सत्ता विरोधी लहर न कांग्रेस विरोधी हवा है

न सत्ता विरोधी लहर न कांग्रेस विरोधी हवा है

विधानसभा चुनाव में मुद्दे क्या हैं? हर रोज मुद्दे बदलते हैं। कुछ वर्षों से कांग्रेस संघ परिवार की नकल करते हुए मंदिर-मंदिर घूम रही है। संघ परिवार राम मंदिर पर बहस छेड़कर उसे हिंदुत्व या राम के साथ...