Thursday, September 19, 2019

कॉलम / नजरिया

लोकमाता की साड़ी देखने आए थे मोटा भाई ! 

लोकमाता की साड़ी देखने आए थे मोटा भाई ! 

मीडियावाला.इन। पैदल तो चले नहीं, खुली जीप में भी आधा ही महाजनसंपर्क किया और कार से निकल लिए बाकी किसी की समझ में आए ना आए अपनी तो समझ में आ गया है कि मोटा भाई...

हाथी की ढाई घर चाल का मतलब समझिए

हाथी की ढाई घर चाल का मतलब समझिए

शतरंज की बिसात पर हाथी जब घोड़े जैसे ढाईघर चाल चलने लगे तो समझ जाइए खेल का अंजाम क्या होगा? बहन मायावती का मध्यप्रदेश में बसपा का काँग्रेस के साथ गठबंधन तोड़ने, इसका ठीकरा दिग्विजय सिंह पर फोड़ने...

तेल के दामः दाल पतली

तेल के दामः दाल पतली

सरकार ने पहले अनाज के दाम बढ़ाकर किसानों को राहत दी और अब पेट्रोल और डीजल के दाम घटाकर आम आदमी के गुस्से को ठंडा किया। ये दोनों काम तारीफ के लायक हैं। उचित समय पर किए गए...

कार्तिकेय की पत्तल में लड्डू देखना चाहते हैं पंगत में बैठे मंत्री-सांसद-विधायक 

कार्तिकेय की पत्तल में लड्डू देखना चाहते हैं पंगत में बैठे मंत्री-सांसद-विधायक 

इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के वो सारे विधायक-सांसद जो अपने पुत्र, बहू या अन्य किसी पारिवारिक सदस्य को टिकट दिलाना चाहते हैं ये सब मुख्यमंत्री पुत्र कार्तिकेय को टिकटोद्धारक की नजर से देख रहे हैं।...

माना कि मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन प्रेम पत्र नहीं है, फिर भी...!

माना कि मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन प्रेम पत्र नहीं है, फिर भी...!

मीडियावाला.इन। मामला डाॅक्टरों द्वारा गलत इलाज का नहीं, बल्कि इलाज के सही नुस्खे की अबूझ लिखावट का है। हाल में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इलाज की पर्ची में खराब और अपठनीय हैंडराइटिंग के तीन अलग...

गांधीमुक्त कांग्रेस की नौटंकी

गांधीमुक्त कांग्रेस की नौटंकी

गांधी जयंति पर वर्धा में कांग्रेस ने खूब नौटंकी रचाई। सोनिया-राहुल अपने नाम के पीछे गांधी उपनाम जरुर लगाते हैं लेकिन उनका महात्मा गांधी से क्या लेना-देना है ? इनका उपनाम गांधी है, फिरोज गांधी की वजह से...

क्यों दम तोड़ रहे हैं गुजरात के शेर !

क्यों दम तोड़ रहे हैं गुजरात के शेर !

ये चिंताजनक खबर किसी ‘राजनीतिक जंगल’ की नहीं, बल्कि गुजरात के मशहूर गिर अभयारण्य के शेरो से जुड़ी है। 2015 तक जिन शेरों की बढ़ती तादाद और हलचल से गुजरात सहित सारे देश में खुशी और गर्व का...

सुई धागा , मेड इन इण्डिया 

सुई धागा , मेड इन इण्डिया 

काम नहीं है वरना यहाँ आपकी दुआ से सब ठीक ठाक है” गुलज़ार का लिखा मेरे अपने फ़िल्म का ये गीत तो आप सब को याद ही होगा | दरअसल हिंदुस्तानी आदमी से जब भी पूछो “ क्या हाल...

इस बार कुछ अलग ही मूड में है,मालवा निमाड़ की राजनीति

इस बार कुछ अलग ही मूड में है,मालवा निमाड़ की राजनीति

मीडियावाला.इन।  मालवा-निमाड़ का राजनीतिक मूड मध्यप्रदेश राजनीति का संकेत देता है। ये वो इलाका है, जहाँ के बारे में कहा जाता है कि जो भी पार्टी यहाँ आगे रहती है, वही प्रदेश में सरकार बनाती है। ये इलाका...

कृष्णा राजकपूर: जिन्होंने बालीवुड को "रिमही" संस्कृति से सुवासित किया

कृष्णा राजकपूर: जिन्होंने बालीवुड को "रिमही" संस्कृति से सुवासित किया

पिछले महीने ही जब यह खबर आई कि राजकपूर के बेटों ने तय किया है कि वे अब आरके स्टूडियो बेंच देंगे तो यह अनुमान लगाने लगा कि बेटों के इस निर्णय से कृष्णा कपूर पर क्या गुजरी...

धर्म की लीला राम

धर्म की लीला राम

मीडियावाला.इन।  मंच सजा हुआ है, दरबार चल रहा है। धर्म राज की स्थापना के लिए हर नित नए कौतुक किए जा रहे हैं। राजा को रंग से बड़ा लगाव है, इसलिए सबसे पहले हर जगह के रंग...

इमरान और कुरैशी जरा सोचें

इमरान और कुरैशी जरा सोचें

भारत-पाक संबंध सुधरेंगे कैसे ? बातचीत और भेंट तो भंग हो गई और अब दौर चला है, तू-तू---मैं-मैं का। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को मैं जानता हूं। उन्होंने आतंकवाद को लेकर जिस तरह का भाषण...

फर्क बापू की नशाबंदी और सिद्धू के नशाबंदी नुस्खे का !

फर्क बापू की नशाबंदी और सिद्धू के नशाबंदी नुस्खे का !

अजीब संयोग है कि ‍जिन बापू ने देश को नशाबंदी से मुक्त होने के लिए प्रेरित किया, उन्हीं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की डेढ़ सौ वीं जयंती पर पंजाब के मंत्री और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रदेश...

चट्टानी नायक की धार को अभद्र भाषा से भेदने की रणनीति !

चट्टानी नायक की धार को अभद्र भाषा से भेदने की रणनीति !

चुनाव पहले जिस तरह भाषा की मर्यादा लांघकर संवाद किए जा रहे हैं, वह दुर्भाग्यजनक है। मुद्दों से ज्यादा अभद्र भाषा महत्वपूर्ण हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने को देश का चौकीदार कहते रहे हैं, राहुल गांधी ने...

कौव्वे हमारे पुरखों के सांस्कृतिक दूत

कौव्वे हमारे पुरखों के सांस्कृतिक दूत

पितरपख लगा है कौव्वे कहीं हेरे नहीं मिल रहे। इन पंद्रह दिनों में कौव्वे हमारे पितरों के साँस्कृतिक दूत बनके आते थे। अपने हिस्से का भोग लगाते थे।  कौव्वे पितर बनके तर गए या फिर पितरों ने ही...

अपने लिए ही,अपन कब जागेंगे ?

अपने लिए ही,अपन कब जागेंगे ?

मीडियावाला.इन।  मेरे कई मित्र,मेरा लिखा हुआ पढ़कर,पहला सवाल यही करते हैं कि जो भी समस्या मैंने बताई है,उसका हल या निदान कहाँ है ? मैं कहता हूँ कि पहले हम इन समस्याओं को अपनी रोज की चर्चाओं...

सपाक्‍स आंदोलन : क्‍या सरसों के फूल खिलेंगे?

सपाक्‍स आंदोलन : क्‍या सरसों के फूल खिलेंगे?

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश में 2018 के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की भोपाल यात्रा के साथ भाजपा तो कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी के मप्र दौरों के साथ...

लखनऊ मर्डर: यह लोगों के पुलिस पर भरोसे की भी हत्या है !

लखनऊ मर्डर: यह लोगों के पुलिस पर भरोसे की भी हत्या है !

मीडियावाला.इन।  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यूपी पुलिस द्वारा एक निजी कंपनी के मैनेजर की सरे आम हत्या की घटना जितनी उद्वेलित करने वाली है, उससे भी ज्यादा क्षुब्ध करने वाली इस अत्यंत निंदास्पद घटना के...

गांधी का भारत कहां है

गांधी का भारत कहां है

मीडियावाला.इन। महात्मा गांधी के जन्म का डेढ़ सौवां साल अब शुरु होनेवाला है। उन्हें गए हुए भी सत्तर साल हो गए लेकिन मन में सवाल उठता है कि भला गांधी का भारत कहां है ? ऐसा नहीं है...