Monday, September 23, 2019

कॉलम / नजरिया

एट्रोसिटी एक्ट की आग में घी का काम करेगा कांग्रेस का यह बंद ?

एट्रोसिटी एक्ट की आग में घी का काम करेगा कांग्रेस का यह बंद ?

दरअसल बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर अब कांग्रेस की नींद खुली है कि भारत बंद कराना चाहिए। दरअसल इन दिनों कांग्रेस की हालत चौराहे पर भीड़ में घिरे उस युवक सी हो गई है जिसकी टप्पल (सिर) पर...

सूबेदार पर मेहरबानी, नरेंद्र से सौतेला बर्ताव, यह कैसा न्याय सरकार !

सूबेदार पर मेहरबानी, नरेंद्र से सौतेला बर्ताव, यह कैसा न्याय सरकार !

मीडियावाला.इन। सरकार ने रेत माफ़िया से जूझते प्राण न्योछावर करने वाले डिप्टी रेंजर सूबेदार सिंह को शहीद का दर्जा दिया है। सरकार का यह क़दम सराहनीय है। पर यह फ़ैसला चुनावी मौसम की देन प्रतीत होता हैं। क्योंकि इससे पहले...

हे भगवान इनको माफ करना ये नहीं जानते मीडिया क्या है....

हे भगवान इनको माफ करना ये नहीं जानते मीडिया क्या है....

मीडियावाला.इन। वो हमारे शर्मा जी के मित्र वर्मा जी थे जिनसे थोडी देर पहले ही परिचय हुआ था। सेंट्रल सर्विस के रिटायर्ड अफसर थे जिनके बच्चे विदेश में हैं और यहां चाय पीने और गप्पें करने गाहे बगाहे...

शब्द संभारे बोलिए

शब्द संभारे बोलिए

फर्ज करिए कि एक ऐसी प्रयोगशाला बना ली जाए जो हवा में तैरते हुए शब्दों को पकड़कर एक कंटेनर में बंद कर दे, फिर भौतिकशास्त्रीय विधि से  उसका घनत्वीकरण कर ठोस पदार्थ में बदल दिया जाए तो उसका स्वरूप...

तेलंगाना में चंद्रशेखर राव की लम्बी रणनीति

तेलंगाना में चंद्रशेखर राव की लम्बी रणनीति

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी, जिसके आधार पर राज्यपाल ने विधानसभा को भंग कर दिया। विधानसभा का कार्यकाल 8 महीने और शेष था, लेकिन केसीआर ने बहुत सोच...

प्रेम कैसे अपराध हो सकता है

प्रेम कैसे अपराध हो सकता है

मीडियावाला.इन। भीड़ का अपना चरित्र होता है। वह आसपास अपने जैसे चेहरे-मोहरे देखना पसंद करती है। क्योंकि अलग दिखने और होने वाले लोग उसे खलते हैं। हम तय परिभाषाओं के परकोटे से ही क्यों घिरे रहना चाहते हैं। दुनिया...

नाथू ला दर्रे के पास असली झड़प के नायकों की कहानी हें 'पल्टन'

नाथू ला दर्रे के पास असली झड़प के नायकों की कहानी हें 'पल्टन'

मीडियावाला.इन। ज्योति प्रकाश दत्ता सरहद, बॉर्डर, रिफ्यूजी, एलओसी कारगिल जैसी फिल्में बना चुके हैं, अब वे पल्टन लेकर आए हैं। इस फिल्म में उन्होंने नाथू ला दर्रे के पास की हुई झड़प को सिनेमा के पर्दे पर उतारा है।...

मोतीलाल दायमा हैं इंदौर के अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर

मोतीलाल दायमा हैं इंदौर के अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर

मीडियावाला.इन।   मध्यप्रदेश पुलिस के कांस्टेबल, हनुमान जी के भक्त और मिस्टर इंदौर रह चुके मोतीलाल दायमा एक बेहद लोकप्रिय शख्सियत हैं।  कुछ अख़बार उन्हें आयरनमैन भी लिखते हैं, पर वे हैं एकदम बेहद...

सवर्णों के 'भारत बंद' को  ‍किस खुली  कुंजी से नापे

सवर्णों के 'भारत बंद' को ‍किस खुली कुंजी से नापे

अगर ‍किसी बंद को उसमें होने वाली हिंसा, आगजनी तोड़फोड़ और जनधन हानि में ही मापा जाए तो सवर्णों के आव्हान पर 6 सिंतबर को आ‍योजित 'भारत बंद' शायद उतना 'सफल' नहीं कहलाएगा, जितना कि ऐसे पूर्ववर्ती बंद के...

हो कहीं भी, लेेकिन आग जलनी चाहिए

हो कहीं भी, लेेकिन आग जलनी चाहिए

मुर्दा जिस्म सिर्फ श्मशानों के काम आते हैं। जिंदा कौमें अपनी बारी का इंतजार नहीं करती। वह लडऩा जानती है। हार-जीत का सवाल तो कभी रहा ही नहीं।  सवाल अपनी बात रखने और उसके लिए जान लड़ा देने का...

बोहरा समाज का महाकुंभ इंदौर में मुझे याद आ रहा था 52वें धर्मगुरु के स्पर्श वाला रुमाल

बोहरा समाज का महाकुंभ इंदौर में मुझे याद आ रहा था 52वें धर्मगुरु के स्पर्श वाला रुमाल

इसे बोहरा समाज का महाकुंभ कहना ज्यादा बेहतर होगा। जिन सैयदना की एक आहट सुनने को समाज बैचेन रहे वो सैयदना करीब डेढ़ पखवाड़े के लिए उज्जैन होते हुए इंदौर आए हैं।देश ही नहीं विश्व में विभिन्न जगहों पर बसे...

जैन समाज के पर्युषण पर बोहरा समाज मांसाहार क्यों न करें?

जैन समाज के पर्युषण पर बोहरा समाज मांसाहार क्यों न करें?

इधर, बोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफदल सैफुद्दीन साहब 6 सितंबर को इंदौर आ रहे हैं और उधर जैन समाज का सबसे बड़ा पर्व पर्युषण प्रारंभ हो रहा है। ऐसे में जैन समाज ने बोहरा समाज से अपील...

गुरूअों के सम्मान में घर-घर ताली बजवाने का यह कैसा ‘स्वस्ति वाचन’ ?

गुरूअों के सम्मान में घर-घर ताली बजवाने का यह कैसा ‘स्वस्ति वाचन’ ?

यह कटाक्ष है, कटु सत्य है या फिर मध्‍यप्रदेश की शिक्षा और उसके कर्ता-धर्ताअों का मानसिक स्तर कि राज्य में शिक्षा की उत्कृष्टता का पैमाना अब ताली बजाना है। प्रदेश के स्कूली शिक्षा मंत्री विजय शाह के दिल...

शिक्षक ही असली किताब, पूरी पाठशाला 

शिक्षक ही असली किताब, पूरी पाठशाला 

धार जिले में मांडू रोड पर बगड़ी चौराहे के विपरीत एक गांव है। नाम ठीक से याद नहीं, शायद आली रहा होगा। छोटा सा गांव है, उसमें एक प्राथमिक स्कूल है। कोई 12-13 वर्ष पहले मैं रिपोर्टिंग के...

आज शिक्षक दिवस है

आज शिक्षक दिवस है

मीडियावाला.इन। जो वैसे तो महान दार्शनिक और शिक्षा शास्त्री राधाकृष्णन का जन्मदिन है जो  भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे पर जिन्होंने व्यक्ति पूजा के भावों से परे जा कर अपना जन्म दिन शिक्षक दिवस के रूप में मानाने...

प्रथम गुरु

प्रथम गुरु

अक्सर ऐसा कहा जाता है कि बालक की प्रथम गुरु उसकी माता होती है परंतु मैं इस बात से सहमत नहीं हूं। माता भी एक इंसान है और उसके अपने सुख-दुख हैं । कुछ चीजों से वह विचलित...

अंधे युग की आहट है नफरत की सियासत

अंधे युग की आहट है नफरत की सियासत

मीडियावाला.इन।  देश के लिए ये बहुत गहरे अंधरे की शुरुआत है, जिसका अंतिम छोर अनदेखा है। आजादी के बाद कभी इतने बड़े प्रतिमान दांव पर नहीं रहे। शहरी नक्सली जैसे शब्द की रोशनी में प्रधानमंत्री की हत्या की...

दलितों में ‘दलित’ कहलाने की छटपटाहट इसलिए है भाई !

दलितों में ‘दलित’ कहलाने की छटपटाहट इसलिए है भाई !

मीडियावाला.इन। दलित शब्द और दलित वोट लगता है मोदी सरकार के गले की हड्डी बनता जा रहा है। स्वयं मोदी और राज्यों में भाजपा की सरकारें जितना ज्यादा दलित प्रेम दिखा रही हैं, पांसे उतने ही उलटे पड़ते दिख...

सोशल मीडिया ही तय करेगा, इस बार चुनाव नतीजे

सोशल मीडिया ही तय करेगा, इस बार चुनाव नतीजे

सोशल मीडिया ने राजनीतिक पार्टियों और नेताओं की परंपरागत पहचान और लोकप्रियता को पूरी तरह बदल दिया। हैशटैग-वॉर राजनीति का नया अखाड़ा बन गया। नेताओं और लोगों के बीच संचार में सोशल मीडिया असरदार माध्यम बन गया! इससे...