Thursday, September 19, 2019

कॉलम / नजरिया

कृष्ण, मुक्ति संघर्ष के महानायक

कृष्ण, मुक्ति संघर्ष के महानायक

मीडियावाला.इन। सावन और भादौं तिथि-त्योहारों के महीने हैं। यह सिलसिला कातिक के डिहठोन(देवउठनी एकादशी) तक चलता है। इन्हीं महीनों में एक महान राष्ट्रीय पर्व पंद्रह अगस्त पड़ता है उसके आगे पीछे या कभी-कभी साथ में ही कृष्णजन्माष्टमी आती है।...

जन्माष्टमी पर गाय और गोरस को लेकर पेटा का घटिया तंज

जन्माष्टमी पर गाय और गोरस को लेकर पेटा का घटिया तंज

जन्माष्टमी के अवसर पर पशु अधिकारों की आवाज उठाने  वाली संस्था ‘पीपुल्स फाॅर द ‍‍एथिकल ट्रीटमेंट आॅफ एनीमल’ ( पेटा) ने जो शरारत भरा ट्वीट किया, उससे न सिर्फ गाय में गहरी आस्था रखने वालों बल्कि उसे दुधारू...

राजनीति को तरुण संदेश, धर्म पर चले राजनीति 

राजनीति को तरुण संदेश, धर्म पर चले राजनीति 

जैन समाज के क्रांतिकारी संत तरुण सागर जी महाराज का समाधि महोत्सव संपन्न हो चुका है। मध्यप्रदेश से तरुण सागर महाराज का गहरा नाता था। वे दमोह जिले में जन्मे थे। तेरह साल की उम्र में दीक्षा लेकर...

अबकी जीतेगी बीजेपी, अबकी जीतेगी कांग्रेस.....

अबकी जीतेगी बीजेपी, अबकी जीतेगी कांग्रेस.....

मीडियावाला.इन। और ये शर्मा जी थे जिन्होंने मिलते ही वो सवाल दाग दिया जिसका जबाव हमें इन दिनों बार बार देना पडता है। तो भाई क्या खबर है कौन जीतेगा इस बार। और इसके लिये हमने भी जबाव तैयार...

राष्ट्रद्रोह को असहमति के साथ मत फेंटिए जनाब!

राष्ट्रद्रोह को असहमति के साथ मत फेंटिए जनाब!

मीडियावाला.इन। डाक्टर राममनोहर लोहिया ने कहा था- जब हम किसी का जिंदाबाद बोलते हैं तो उसका मुर्दाबाद करने का अधिकार स्वमेव मिल जाता है। डाक्टर लोहिया नेहरू युग में असहमति के प्रखर स्वर रहे हैं। स्वस्थ लोकतंत्र में असहमति...

कड़वे प्रवचन वाले तरुण सागरजी का मृत्यु महोत्सव : समय रहते समाज को क्यों नहीं मिली बीमारी की जानकारी

कड़वे प्रवचन वाले तरुण सागरजी का मृत्यु महोत्सव : समय रहते समाज को क्यों नहीं मिली बीमारी की जानकारी

सांसारिक लोग जिस अटल सत्य मौत से आंखें चुराते हैं संत उसी मौत को निर्भय मन से खुशी खुशी आमंत्रित करते हैं ।मुनि तरुणसागरजी ने भी तो यही किया।  जिस तरह उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को उनके निकटस्थ...

फेक न्यूज की आड़ में कहीं ‘नेक’ न्यूज का गला भी न दब जाए...!

फेक न्यूज की आड़ में कहीं ‘नेक’ न्यूज का गला भी न दब जाए...!

बहुत से लोग इस बात से खुश हो सकते हैं ‍कि चलो ‍िकसी ने तो वाॅ्टस एप पर नकेल डालने की सोची। कारण वाॅट्स एप उस लड्डू सा हो गया है कि जिसे मोबाइलधारी खाएं तो पछताएं और न...

क्रांतिकारी संत अब आत्मा के डॉक्टरों की देखरेख में समाधिमरण की राह पर

क्रांतिकारी संत अब आत्मा के डॉक्टरों की देखरेख में समाधिमरण की राह पर

क्रांतिकारी मुनि तरुण सागरजी को अस्पताल से शुक्रवार को राधेपुरी स्थित चातुर्मास भवन ले जाया गया है। अब वे आत्मा के डॉक्टरों (जैन संतों) की देखरेख में हैं और सल्लेखना ले ली है। दिल्ली और आसपास जिन भी जैन...

बात जो सीधे दिल से निकली है

बात जो सीधे दिल से निकली है

मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक गाँव है चूँद। इलाके में इसे शहीदों के गाँव के तौर पर जाना जाता है।  सोमवंशी राजपूतों के इस गाँव में हर तीसरे घर का कोई न कोई जवान सरहद में मोर्चा लेते...

एक संत की संलेखना

एक संत की संलेखना

सदियों से सुन रहे हैं कि जन्म लेते ही हमारा कदम मृत्यु की ओर बढ़ता है। रोज रात को नींद में हम पूर्वाभ्यास भी करते हैं। बावजूद इसके हर वक्त इसी कोशिश में रहते हैं कि कैसे मृत्यु को...

क्या टिकटार्थी का आपराधिक रिकाॅर्ड जानना जरूरी नहीं ?

क्या टिकटार्थी का आपराधिक रिकाॅर्ड जानना जरूरी नहीं ?

चुनावी स्वच्छता से जुड़े एक  गंभीर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला अभी सुरक्षित रखा है, लेकिन जो मुददा उठा है, उस पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी का ‍काबिले गौर है। चूंकि यह जन प्रतिनिधियों के खिलाफ...

कड़वे प्रवचन वाले मुनि तरुण सागर जी, चल पड़े मृत्यु को महोत्सव बनाने की राह पर

कड़वे प्रवचन वाले मुनि तरुण सागर जी, चल पड़े मृत्यु को महोत्सव बनाने की राह पर

मीडियावाला.इन। चल पड़े मृत्यु को महोत्सव बनाने की राह पर ‘मुझे गुप्तिसागरजी के पास ले चलें, वही मेरा आगे का जीवन देखें, समाधि आदि दें’ इंदौर सहित देश का दिगंबर जैन समाज क्रांतिकारी संत तरुण सागर...

सरकार को छोटे कारोबारियों की चिंता नहीं, बड़े उद्योगपति उठा रहे सारा फायदा

सरकार को छोटे कारोबारियों की चिंता नहीं, बड़े उद्योगपति उठा रहे सारा फायदा

मीडियावाला.इन। भारत में असमान कारोबारी माहौल और नीतिगत कुंठा अब राष्ट्रीय चिंता का सबब बन चुका है। इन विषयों पर व्यवस्था की रणनीतिक लापरवाही धीरे-धीरे उजागर हो रही है। लेकिन इससे उत्पन्न विषम और भेदभावपूर्ण परिस्थिति की नैतिक...

क्योंकि ध्यानचंद हाँकी के भगवान नहीं बने

क्योंकि ध्यानचंद हाँकी के भगवान नहीं बने

भारतीय इतिहास में दो महापुरुष ऐसे भी हैं जो भारतरत्नों से कई, कई, कई गुना ज्यादा सम्मानित और लोकमानस में आराध्य हैं। प्रथम हैं नेताजी सुभाषचंद्र बोस और दूसरे मेजर ध्यानचंद।  सुभाष बाबू आजादी के...

सियासी कान और विचारों का मुरब्बा

सियासी कान और विचारों का मुरब्बा

एक दुकान में तरह-तरह के कान बिक रहे थे। सबका आकार-प्रकार और रंग तो लगभग एक जैसा था, लेकिन गुण सबके अलग-अलग थे। ऑफ सीजन था इसलिए डिस्काउंट भी अच्छा खासा था। कुछ कानों के साथ स्पेशल ऑफर भी...

निवेशको के हित में बिहार सरकार ने सक्रियता दिखाई तो डरा दिया सहारा इंडिया ने

निवेशको के हित में बिहार सरकार ने सक्रियता दिखाई तो डरा दिया सहारा इंडिया ने

सहारा इंडिया में यूं तो देश भर से निवेशकों ने पैसा लगा रखा है और सब को उच्चतम न्यायालय से ही उम्मीद है क्योंकि राज्य सरकारें  इस कथित धोखाधड़ी से आंखें मूंदे हुए हैं, एक अच्छा बहाना यह भी...

बतखें पालने और सांपो को नाथने ऐसे टोटके क्यों ?

बतखें पालने और सांपो को नाथने ऐसे टोटके क्यों ?

फिर वही सवाल कि देश आगे जा रहा है या पीछे? दो ताजा खबरें और बयान इ‍‍सलिए बेचैन करने वाले हैं कि आखिर इनके पीछे असली मकसद क्या है? केवल अतीत पर आंख मूंद कर भरोसा करना या...

सियासी रंगमंच पर अमर-आजम प्रहसन‍ फिर शुरू...!

सियासी रंगमंच पर अमर-आजम प्रहसन‍ फिर शुरू...!

‍देश के सियासी रंगमंच पर रा‍जनीतिक विदूषकों की कमी को नए सिरे से छिड़े अमर आजम संवाद ने फिर पूरा कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से अमरसिंह और आजम खान कुछ चुप-चुप से थे। लगता था मानो...

दो जज, दो फैसले

दो जज, दो फैसले

मध्यप्रदेश की दो महिला जज पिछले हफ्ते अपने दो तेज रफ्तार फैसलों के कारण चर्चा में आईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में भी इनका जिक्र किया। ये हैं 2003 बैच की निशा गुप्ता, जो मंदसौर...