Thursday, September 19, 2019

कॉलम / नजरिया

कल्पेश याग्निक आत्महत्या: सलोनी अरोरा से टूटी सिम बरामद , मोबाइल तलाशना बाकी

कल्पेश याग्निक आत्महत्या: सलोनी अरोरा से टूटी सिम बरामद , मोबाइल तलाशना बाकी

टूटी सिम बरामद, मोबाइल तलाशना बाकी ,आदित्य ने भी उसके खिलाफ बयान दिए  पहले पांच दिन, फिर तीन दिन, रविवार को कोर्ट में पेश करने के बाद फिर तीन दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया है.  सलोनी...

कैचिंयों की तारीफ करने से बचो मोदी जी....

कैचिंयों की तारीफ करने से बचो मोदी जी....

हिन्दी की एक अच्छी फिल्म थी, नींद हमारी ख्वाब तुम्हारे, यह फिल्म 1966 में बनी थी। इसका मुख्य चरित्र अभिनेता वाला किरदार मूलत: नाई रहता है। दिन फिरते हैं। वह रईस बन जाता है और हज्जाम की पहचान...

गजब किया जो तेरे वायदे पर ऐतबार किया....

गजब किया जो तेरे वायदे पर ऐतबार किया....

भोपाल के उस साउथ टीटी नगर में जहां चारों तरफ पत्थर भरकर भागते धूल उडाते डंपरो और खड खड कर खुदाई करती जेसीबी का शोर है वहीं पर खडा है मकान नंबर एफ 50/17 वैसे इस मकान तक पहुंचना...

मामा की नाक के नीचे भांजियां क्यों हुईं शोषण और सरकारी लापरवाही का शिकार?

मामा की नाक के नीचे भांजियां क्यों हुईं शोषण और सरकारी लापरवाही का शिकार?

पता नहीं मामाजी को अब तक भी पता चला या नहीं कि भोपाल में उनकी भांजियों को किस भयावहता का सामना करना पड़ा है।महिला सम्मान की बात करने वाले राज्य में ही दुष्कर्म और प्रताड़ना की घटनाएं बढ़ती जा...

सिर हिलाने से कुछ नहीं होता, सिर खपाओ तो कोई बात बने

सिर हिलाने से कुछ नहीं होता, सिर खपाओ तो कोई बात बने

भई वाह! मजा आ गया... वीकेंड पर लिखने के लिए ऐसा विषय मिल जाए तो क्या बात है... इसमें भारत भी है, भारत की संस्कृति भी है, भारत की वर्तमान दशा भी है और भारत के भविष्य की...

हरि बिके और बीके हरि

हरि बिके और बीके हरि

मीडियावाला.इन। हरि का हरि से मुकाबला हुआ। तय ही था, एक हारेंगे और दूसरे के सिर जीत का सेहरा बंधेगा। हुआ भी वही, लेकिन इस मुकाबले के बीच एक और बड़ी पराजय हुई। लोकतंत्र का मंदिर फिर मसखरों...

ब्राह्मण लंच बनाम दलित खाना: एक बेमानी-सी बहस 

ब्राह्मण लंच बनाम दलित खाना: एक बेमानी-सी बहस 

यूं यह बहस बेमानी है फिर भी कुछ सवाल जरूर छोड़ती है कि क्या इस देश में खाना भी जातिवादी हो सकता है या उसे होना चाहिए? और क्या इस पर राजनीति की जानी चाहिए ? यह सवाल...

फिल्म समीक्षा: एक थकेली फिल्म ‘विश्वरूपम-2

फिल्म समीक्षा: एक थकेली फिल्म ‘विश्वरूपम-2

मीडियावाला.इन। विश्वरूपम-2 को विवादों में घसीटना गलत है, क्योंकि इस फिल्म में विवादास्पद कुछ भी नहीं। इस फिल्म की आलोचना करना भी ठीक नहीं है। क्योंकि यह आतंकवाद के खिलाफ फिल्म बनी है, जिसमें यह डायलॉग दोहराया गया है कि...

सिद्धान्तों के ढोंगतंत्र से क्या उम्मीद करना

सिद्धान्तों के ढोंगतंत्र से क्या उम्मीद करना

हमारे यहाँ कोई भी परीक्षा दो हिस्सों में होती है,एक सैद्धांतिक दूसरी व्यवहारिक। सिद्धांत की व्यवहारिक परिभाषा यह है कि वह कभी भी व्यवहार में नहीं  ढल पाता।  गांधी जी जिंदगी भर सिद्धांत को व्यवहार...

पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था और भारत

पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था और भारत

पाकिस्तान कई तरह से संकट मे है. आतंकी वहां हर दिन और हर प्रांत में जब चाहे और जैसे चाहे लोगों को मार रहे हैं. बलूचिस्तान अपनी स्वतंत्रता के लिए कई वर्षों से लड रहा है. खैबर पख्तुनवा...

जब कल्पेश ने फोन सुनना बंद कर दिए तो अननोन नंबर से फोन कर रिकॉर्ड करती थी सलोनी अरोरा

जब कल्पेश ने फोन सुनना बंद कर दिए तो अननोन नंबर से फोन कर रिकॉर्ड करती थी सलोनी अरोरा

मीडियावाला.इन। जिस सलोनी अरोरा की धमकियों, बदनाम करने वाले ऑडियो की वजह से घर-परिवार-रिश्तेदार-भास्कर समूह में छवि धूमिल होते जाने के कारण बेहद तनाव के चलते   कल्पेश याग्निक ने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाया, उसी सलोनी को भी उनके...

हरिवंश : पत्रकार से राज्य सभा के उपसभापति तक का सफर

हरिवंश : पत्रकार से राज्य सभा के उपसभापति तक का सफर

हरिवंश जी का जवाब नहीं ! हरिवंश जी विज़नरी  पत्रकार रहे  हैं, वे अच्छे सांसद भी माने जाते हैं और अब वे राज्यसभा के सफल उपसभापति भी साबित होंगे, इसमें कोई शक नहीं है।  धर्मयुग में मुझसे...

बेहतर बातें और बेमेल हकीकत

बेहतर बातें और बेमेल हकीकत

पता नहीं,हममें से ज्यादातर लोग अखबार पढ़कर आखिर क्या करते हैं.किसने,कब और क्या कहा था,व उस पर क्या हुआ,जैसे प्रश्न पूछने की बात तो अब रह ही नहीं गई है.इसीलिए,जिसकी जो मर्ज़ी पड़ती है,वह कह और करके भाग...

मंत्रीजी बालक-बालिका आश्रमों की निगरानी नहीं, व्यापक पड़ताल की जरुरत

मंत्रीजी बालक-बालिका आश्रमों की निगरानी नहीं, व्यापक पड़ताल की जरुरत

मध्यप्रदेश की महिला और बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने सभी बालक-बालिका आश्रमों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। मंत्रीजी निगरानी से काम नहीं चलेगा। निगरानी का मतलब यह कि भविष्य में बिहार की तरह कोई घटना न घटे।...

क्या करूणानिधि का निधन द्रविड राजनीति का भी अंत है ?

क्या करूणानिधि का निधन द्रविड राजनीति का भी अंत है ?

क्या मूर्धन्य द्रमुक नेता एम करूणानिधि के निधन के साथ ही तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के अंत की शुरूआत हो गई है? क्या चेन्नई के मरीना बीच पर बनने वाली करूणानिधि की समाधि आर्य बनाम द्रविड़वाद का भी...

शिव सेना को मिले चंदे में 70 प्रतिशत की गिरावट, फिर भी आम आदमी पार्टी से ज्यादा मिला चंदा

शिव सेना को मिले चंदे में 70 प्रतिशत की गिरावट, फिर भी आम आदमी पार्टी से ज्यादा मिला चंदा

मीडियावाला.इन। विगत 2016-17 में उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता वाली शिव सेना को मिले चंदे में भारी गिरावट हुई।  2015 -16  तुलना में शिव सेना को मिले चंदे में करीब करीब 70  प्रतिशत की कमी आई।  2015-16 में शिवसेना को...

विरोधाभासों के कलाईनार

विरोधाभासों के कलाईनार

मीडियावाला.इन।  द्रविड राजनीति के सबसे बड़े चेहरे एम करुणानिधि ने आज अपनी जीवन निधि समेटकर महाप्रयाण कर लिया। 14 वर्ष की आयु में राजनीति से जुड़े इस कलाईनार (कला के विद्वान) ने सियासी और निजी जिंदगी में जिस...

तंत्र के खिलाफ शिवराज के घर से ‘अगस्त क्रांति’ का आगाज

तंत्र के खिलाफ शिवराज के घर से ‘अगस्त क्रांति’ का आगाज

मीडियावाला.इन। भोपाल, 8 अगस्त। मध्यप्रदेश में शिवराज तंत्र से परेशान एक नौजवान सिहोर जिले से ‘अगस्त क्रांति’ का आगाज करने जा रहा है। सिहोर जिले के हमीदगंज से बकतरा तक करीब 140 किलमीटर की पदयात्रा की शुरूआत 9 अगस्त...

कांवड़ यात्राओ को अपने रंग में रंगते ‘राजनीतिक कांवडि़ए’ !

कांवड़ यात्राओ को अपने रंग में रंगते ‘राजनीतिक कांवडि़ए’ !

मीडियावाला.इन। देश में पवित्र श्रावण मास में गंगाजल लाकर भगवान शिव को चढ़ाने के उद्देश्य से कांवड़ यात्राएं सदियों से निकलती रही हैं। खासकर उत्तर और मध्य भारत में तो कांवड़ यात्रा धार्मिक अभियान की तरह रहता आया...