Monday, September 23, 2019

कॉलम / नजरिया

क्या करूणानिधि का निधन द्रविड राजनीति का भी अंत है ?

क्या करूणानिधि का निधन द्रविड राजनीति का भी अंत है ?

क्या मूर्धन्य द्रमुक नेता एम करूणानिधि के निधन के साथ ही तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के अंत की शुरूआत हो गई है? क्या चेन्नई के मरीना बीच पर बनने वाली करूणानिधि की समाधि आर्य बनाम द्रविड़वाद का भी...

शिव सेना को मिले चंदे में 70 प्रतिशत की गिरावट, फिर भी आम आदमी पार्टी से ज्यादा मिला चंदा

शिव सेना को मिले चंदे में 70 प्रतिशत की गिरावट, फिर भी आम आदमी पार्टी से ज्यादा मिला चंदा

मीडियावाला.इन। विगत 2016-17 में उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता वाली शिव सेना को मिले चंदे में भारी गिरावट हुई।  2015 -16  तुलना में शिव सेना को मिले चंदे में करीब करीब 70  प्रतिशत की कमी आई।  2015-16 में शिवसेना को...

विरोधाभासों के कलाईनार

विरोधाभासों के कलाईनार

मीडियावाला.इन।  द्रविड राजनीति के सबसे बड़े चेहरे एम करुणानिधि ने आज अपनी जीवन निधि समेटकर महाप्रयाण कर लिया। 14 वर्ष की आयु में राजनीति से जुड़े इस कलाईनार (कला के विद्वान) ने सियासी और निजी जिंदगी में जिस...

तंत्र के खिलाफ शिवराज के घर से ‘अगस्त क्रांति’ का आगाज

तंत्र के खिलाफ शिवराज के घर से ‘अगस्त क्रांति’ का आगाज

मीडियावाला.इन। भोपाल, 8 अगस्त। मध्यप्रदेश में शिवराज तंत्र से परेशान एक नौजवान सिहोर जिले से ‘अगस्त क्रांति’ का आगाज करने जा रहा है। सिहोर जिले के हमीदगंज से बकतरा तक करीब 140 किलमीटर की पदयात्रा की शुरूआत 9 अगस्त...

कांवड़ यात्राओ को अपने रंग में रंगते ‘राजनीतिक कांवडि़ए’ !

कांवड़ यात्राओ को अपने रंग में रंगते ‘राजनीतिक कांवडि़ए’ !

मीडियावाला.इन। देश में पवित्र श्रावण मास में गंगाजल लाकर भगवान शिव को चढ़ाने के उद्देश्य से कांवड़ यात्राएं सदियों से निकलती रही हैं। खासकर उत्तर और मध्य भारत में तो कांवड़ यात्रा धार्मिक अभियान की तरह रहता आया...

छोटे चुनावी नतीजों के बड़े मायने

छोटे चुनावी नतीजों के बड़े मायने

मीडियावाला.इन। इंदौर से सटा एक छोटा सा गांव तिल्लौरखुर्द। मंगलवार की सुबह ढोल-तांसे, पटाखे और मिठाईयां धरी की धरी रह गई। सबकी तैनाती, सबके मोर्चे सोमवार की शाम ही तय कर लिए गए थे। जुलूस कहां से कहां निकलेगा….आतिशबाजी...

करूणानिधि 5 बार मुख्यमंत्री और 11 बार विधायक रहे, 60 साल में कभी चुनाव में नहीं हारे

करूणानिधि 5 बार मुख्यमंत्री और 11 बार विधायक रहे, 60 साल में कभी चुनाव में नहीं हारे

मीडियावाला.इन। तमिलनाडु की राजनीति में मुत्तुवेल करुणानिधि एक ऐसी शख्सियत थे,  जिनके बिना तमिलनाडु की राजनीति  कल्पना  भी  नहीं  की जा सकती। करुणानिधि न केवल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थे, बल्कि वहां के प्रमुख राजनीतिक दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम...

कौन बो रहा है दलित-सवर्ण वर्ग संघर्ष के बीज

कौन बो रहा है दलित-सवर्ण वर्ग संघर्ष के बीज

मीडियावाला.इन। सवाल तो यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक व्यक्ति से जुड़े केस में पूरे कानून पर अतिरिक्त व्यवस्था देने और उसके विरोध के बाद सरकार को इस मामले को संविधान पीठ तक ले जा कर उसके...

मध्यप्रदेश भाजपा फ़ेसबुक पेज की हालत पतली क्यों?

मध्यप्रदेश भाजपा फ़ेसबुक पेज की हालत पतली क्यों?

मीडियावाला.इन। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि मध्यप्रदेश भाजपा पेज की लाइक्स  संख्या छत्तीसगढ जैसे छोटे राज्य की तुलना मे आधी से कम है. उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों की तुलना मे तो कई गुना कम है. उत्तरप्रदेश मे यह संख्या...

ये चुनाव नहीं, छवियों का संघर्ष होगा!

ये चुनाव नहीं, छवियों का संघर्ष होगा!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश में चुनावी रंग अपना असर दिखाने लगा है। ख़बरों में राजनीति, बातचीत राजनीति और व्यवहार में भी राजनीति नजर आने लगी! जहाँ भी चर्चा के ठीये दिखाई देते हैं, विषय राजनीति ही होता है। लेकिन, मुद्दा...

त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब की जन्म स्थली को लेकर  मिनी ‘विप्लव’!

त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब की जन्म स्थली को लेकर  मिनी ‘विप्लव’!

मीडियावाला.इन। कई बार राष्ट्रीय मुद्दों के राजनीतिक रूप से बूमरेंग होने का खतरा रहता है, हालांकि ऐसे ही एक ताजा मामले में तुरंत ‘डेमेज कंट्रोल’ की कोशिश हुई, लेकिन शक की सुई फिर भी हिलती ही रही। मामला...

सच के मच्छर: सन्दर्भ-पूण्य प्रसून वाजपेयी की एबीपी से बिदाई

सच के मच्छर: सन्दर्भ-पूण्य प्रसून वाजपेयी की एबीपी से बिदाई

मीडियावाला.इन। सिंहासन पर राजा विराजमान है। सामने ढेर सारी स्क्रीन लगी हुई हैं, जहां से दिग-दिगंत तक फैली कीर्ति पताकाओं की यशगाथाएं दिखाई और सुनाई जा रही हैं। अर्दली चवर डुला रहे हैं। राजा को अंगूर-सेवफल परोस रहे हैं। राजा...

रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गए...वह धमकाती रही महिला पुलिसकर्मियों को

रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गए...वह धमकाती रही महिला पुलिसकर्मियों को

कल्पेश के लिए जी का जंजाल बनी सलोनी अब बढ़ा रही है पुलिस का भी तनाव !  पत्रकार कल्पेश की जी का जंजाल बनी मुख्य आरोपी सलोनी अरोरा को गिरफ्तार करने वाली इंदौर पुलिस को रविवार को...

'इंदिरा का खून, प्रियंका इज़ कमिंग सून': इलाहाबाद में लगे नारे

'इंदिरा का खून, प्रियंका इज़ कमिंग सून': इलाहाबाद में लगे नारे

मीडियावाला.इन। क्या कांग्रेस का नया चेहरा साबित हो सकती हैं प्रियंका कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और अब यह चर्चा है कि उनकी बेटी...

राजीव के हाथ कुछ न लगा था तो मोदी क्या जुटा लेंगे !

राजीव के हाथ कुछ न लगा था तो मोदी क्या जुटा लेंगे !

2019 के लोकसभा चुनाव में चंद महीने ही रह गए हैं। विकास को अपना चाल, चरित्र और चेहरा बताने वाली बीजेपी की मोदी सरकार तुष्टिकरण की राजनीति पर उतर आई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के...

कहीं राजनीति में दफन न हो जाए शेल्टर होम पीडि़ताओ का दर्द

कहीं राजनीति में दफन न हो जाए शेल्टर होम पीडि़ताओ का दर्द

जैसी कि आशंका थी कि पूरे देश को शर्मसार करने वाले  बिहार के मुजफ्फरपुर का शेल्टर होम कांड राजनीति का नया तंदूर बनेगा, वही हो रहा है। इस शर्मनाक कांड की शिकार बेटियों को न्याय कब और कैसे मिलेगा,...

सलोनी की धमकियों, 5 करोड़ की मांग के कारण ही कल्पेश ने आत्महत्या की 

सलोनी की धमकियों, 5 करोड़ की मांग के कारण ही कल्पेश ने आत्महत्या की 

वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक खुदकुशी मामले में पुलिस का मानना है कि सलोनी अरोरा द्वारा 5 करोड़ के लिए लगातार दी जा रही मानसिक प्रताड़ना और धमकी के कारण ही कल्पेश ने भास्कर कार्यालय भवन की तीसरी मंजिल से...

इस मदारी की यही सबसे बड़ी सफलता

इस मदारी की यही सबसे बड़ी सफलता

सफल मदारी किसे कहेंगे? डुगडुगी बजाने वाले को? मजमा इकट्ठा करने वाले को? लच्छेदार बातों में उलझाए रखने में निपुण शख्स को? नहीं। मदारी की सफलता मजमे के अंत पर निर्भर करती है। जब वह भीड़ से पापी पेट...

'सैंयाओं' के सहारे 'छा' गए 'मानवता के दुश्मन'

'सैंयाओं' के सहारे 'छा' गए 'मानवता के दुश्मन'

मुझे मालूम है कि अपनी कोई भी गंभीर बात मज़ाक से शुरू नहीं की जाती. लेकिन,आज माफ़ी के साथ निवेदन है कि हमारे यहाँ एक पुरानी कहावत है कि 'सैंयां भये कोतवाल तो डर किस बात का'.यदि इस...