Monday, August 26, 2019

कॉलम / नजरिया

देश के दिल का दर्द देखो, पसीज जाएगा दिल

देश के दिल का दर्द देखो, पसीज जाएगा दिल

70 साल के आजाद भारत की ये तस्वीर झकझोर देने वाली है। ये महज एक तस्वीर या कहानी नहीं है बल्कि हमारे कथित विकास को आईना दिखाने वाली कडवी हकीकत है। देश के दिल मध्यप्रदेश के एक गांव के...

राइट क्लिक माॅब लिंचिंग : क्या इस समाज में इंसानियत के लिए कोई आरक्षण नहीं है...?

राइट क्लिक माॅब लिंचिंग : क्या इस समाज में इंसानियत के लिए कोई आरक्षण नहीं है...?

अब एक इंजीनियर माॅब लिंचिंग ( भीड़ द्वारा हत्या) का निर्मम शिकार बना है। उसका दोष यही था कि वह कि कुछ बच्चों को चाकलेट बांट रहा था। यानी  किसी अनजान व्यक्ति का चाकलेट बांटना भी उसका गला चाक...

संभव के विरुद्ध का ऐसा जुनून...?

संभव के विरुद्ध का ऐसा जुनून...?

मुंशी अमीरअहमद मिनाई का एक शेर है, करीब है यारों रोज-ए-महशर, छुपेगा कुश्तों का खूÞन क्यूंकर जो चुप रहेगी जÞबान-ए- खंजर, लहू पुकारेगा आस्तीं का कल्पेश जी के दुखद निधन पर मेरे कुछ लिखने...

हरित-क्रांति में कीड़े पड़े

हरित-क्रांति में कीड़े पड़े

आज जब मैं अपनी यह बात लिख रहा हूँ,तब मुझे हिंदी के वरेण्य और कालजयी पत्रकार स्व.प्रभाष जोशी का लिखा एक वाक्य याद आ रहा है.क्योंकि आज,15 जुलाई को स्व.प्रभाष जी का जन्मदिन है.उन्होंने लिखा था कि भारत...

फिर आप में और भय्यू महाराज में क्या फ़र्क़ रहा!

फिर आप में और भय्यू महाराज में क्या फ़र्क़ रहा!

आदमकद फोटो को इससे क्या मतलब कि बेटियों की आँख से अश्रुधारा बह रही है। पत्नी किस तरह आँसू रोके हुए है। वृद्ध माँ का टूटा भरोसा कैसे क़तरा क़तरा बह रहा है ।रोते हुए भाई कैसे बहनों को...

देखनीय फ़िल्म सूरमा, सब काम छोड़कर देखने जा सकते हैं 

देखनीय फ़िल्म सूरमा, सब काम छोड़कर देखने जा सकते हैं 

मीडियावाला.इन। दो सप्ताह पहले संजय दत्त पर बनी बायोपिक संजू रिलीज़ हुई थी, इस सप्ताह हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह के जीवन पर बनी बायोपिक सूरमा रिलीज हुई है। दोनों बायोपिक एक दूसरे के विपरीत है। संजू में जहाँ एक नशेड़ी,...

कल्पेशजी, इस तरह जाने का प्रश्न किससे पूछें? 

कल्पेशजी, इस तरह जाने का प्रश्न किससे पूछें? 

मीडियावाला.इन। पत्रकारिता को लेकर समर्पण, जुनून, जज़्बे आदि को न्यूनतम शब्द में परिभाषित किया जाना हो तो कल्पेशजी का नाम लेना ही पर्याप्त है। रिपोर्टर या न्यूज डेस्क की खबर जहाँ समाप्त होती थी, उस खबर पर तब...

समाज को तोड़ने वालों पर तो निगरानी जरूरी है

समाज को तोड़ने वालों पर तो निगरानी जरूरी है

सोशल मीडिया को लेकर चल रही देशव्‍यापी बहस के बीच इसी मुद्दे से जुड़ा एक मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचा है। ममता बैनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की विधायक महुआ मोइत्रा ने सूचना एवं प्रसारण...

मजारों पर दुआ के साथ दवा की पहल और ‘पागल मामा’

मजारों पर दुआ के साथ दवा की पहल और ‘पागल मामा’

मीडियावाला.इन। अगर यह अंधविश्वास और झाड़ फूंक के जंजाल से लोगों को बाहर निकालने और एक प्रामाणिक पद्धति से मनोरोगियों के इलाज की ईमानदार पहल है तो यकीनन स्वागत योग्य है। खबर है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार...

कल्पेशजी, इस तरह जाने का प्रश्न किससे पूछें ?

कल्पेशजी, इस तरह जाने का प्रश्न किससे पूछें ?

मीडियावाला.इन।  पत्रकारिता को लेकर समर्पण, जुनून, जज़्बे आदि को न्यूनतम शब्द में परिभाषित किया जाना हो तो कल्पेशजी का नाम लेना ही पर्याप्त है। रिपोर्टर या न्यूज डेस्क की खबर जहाँ समाप्त होती थी, उस खबर पर तब...

सुनो एम.वाय. के मसीहाओं, एम.वाय. मरीजों का स्वर्ग नहीं है

सुनो एम.वाय. के मसीहाओं, एम.वाय. मरीजों का स्वर्ग नहीं है

प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल एमवाय कल थोड़ी सी बारिश में फिर मुसीबत में है। तल घर में पानी भर गया है और सहारा वार्ड के मरीज ताबड़तोड़ ऊपर के वार्ड में शिफ्ट किए गए। शाबाश कायाकल्प के देवताओं,...

'जियो' मेरे लाल और ऐसे ही करते रहो कमाल

'जियो' मेरे लाल और ऐसे ही करते रहो कमाल

अदालत में दुर्घटना का एक मामला आया। केस दुर्घटना में मृत व्यक्ति की पत्नी की ओर से लगाया गया था। कोर्ट ने महिला की आयु, जीवनशैली, आवश्यकताओं आदि के अनुसार मुआवजा निर्धारित किया, लेकिन उन्हें यह मंजूर नहीं था।...

फर्जी मतदाता सूचियां और मेरठ के ‘अमर’ मतदाता !

फर्जी मतदाता सूचियां और मेरठ के ‘अमर’ मतदाता !

दीर्घायु होना अपने आप में सौभाग्य है, लेकिन यही उम्रदराजी वोटर के संदर्भ में हो तो कई सवाल उठते हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के शतायुषी वोटरों की बढ़ती संख्या ने चुनाव आयोग को भी चौंका दिया...

यही है वो रस्‍सी जिसके सहारे बच्‍चे गुफा से बाहर आए

यही है वो रस्‍सी जिसके सहारे बच्‍चे गुफा से बाहर आए

दुनिया भर में इन दिनों एक घटना की चर्चा है। यह घटना है थाईलैंड की गुफा में फंसे वहां की किशोर फुटबॉल टीम के कोच व 12 बच्‍चों को सफलतापूर्वक बचा लिए जाने की। यह घटना बताती है...

अपने बाप का क्या जाता है!

अपने बाप का क्या जाता है!

अपने बाप का क्या जाता है! अपने देश के वोटरों का भविष्य उज्जवल है। दास मलूका की भविष्यवाणी अब कहीं जाकर सच होने वाली है। राजनीतिक दल सबके दाता राम बनकर मेहरबान हैं। कन्सेशन पर कन्सेशन। महीने...

वोट की मंडी में दो सौ रुपए के बिजली बिल, और कितना गिरोगे

वोट की मंडी में दो सौ रुपए के बिजली बिल, और कितना गिरोगे

दिग्विजयसिंह शासन की काली, अंधेरी रातें सब याद करते हैं, पर उसके पीछे के कारणों पर जाएं तो शिवराज के आज के फैसले एक जैसे लगते हैं। ईमानदार जेब कटवा रहे हैं और बेईमान, बिजली चोर ईमानदारी का सर्टिफिकेट...

धारा 377 आईपीसी - शेर की आवाज़ चूहे सी

धारा 377 आईपीसी - शेर की आवाज़ चूहे सी

तीन तलाक़ के मसले पर बीजेपी ने पूरे देश मे शेर की तरह दहाड़ लगाई थी। पूरे अल्पसंख्यक मुस्लिम समाज को चुनौती देते हुए उसने इस प्रथा को येन केन प्रकारेण समाप्त करने का ऐलान कर दिया था। उनका...

कामरेडों के राम और अयोध्या में कुरान पाठ का राज योग!

कामरेडों के राम और अयोध्या में कुरान पाठ का राज योग!

राजनीतिक दृष्टि से राम का महत्व इस देश में कितना गहरा गया है, यह हर चुनाव के पहले बखूबी महसूसा जा  सकता है। इसकी वजह वो दो ताजा  खबरें हैं, जो केरल और यूपी से आई हैं। पहली और...

ये दाग अच्छे नहीं हैं शिवराज जी 

ये दाग अच्छे नहीं हैं शिवराज जी 

मीडियावाला.इन। सलीना और सलीका में महज एक शब्द का अंतर होता है। चूंकि शिवराज सिंह चौहान सरकार ने सलीका नहीं दिखाया, लिहाजा केंद्रीय चुनाव आयोग को सलीना सिंह को राज्य चुनाव आयोग के शीर्ष पद से हटाना पड़ा।...

आईएएस टॉपर शाह फैसल ने यह लिखा था और यह हो रहा है एक्शन 

आईएएस टॉपर शाह फैसल ने यह लिखा था और यह हो रहा है एक्शन 

वर्ष 2010 के आईएएस टापर शाह फैसल बार-बार सेवा शर्तों का उल्लंघन करते रहते हैं। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी होते हुए भी ट्विटर पर दोहरे अर्थ वाले (कई लोग  कि उसका अर्थ एक ही होता है -- भारत...