Monday, September 23, 2019

कॉलम / नजरिया

शोकसभा की रिहर्सल कर ले भाजपा भी

शोकसभा की रिहर्सल कर ले भाजपा भी

उनका नाम याद नहीं आ पा रहा । हास्य विधा के धनी कवि थे। तुकबंदी में माहिर। एक कवि सम्मेलन में बोले, अखबारों में खबरों के  एक-दूसरे से सटे शीर्षक कभी-कभी भयंकर स्थिति बना देते हैं। एक खबर...

मूलभाव को नासमझने का भूल भाव

मूलभाव को नासमझने का भूल भाव

दिल्ली सरकार के अधिकारों पर महाअदालत का जो फैसला आया है  उसे राजनैतिक दल हार और जीत के नज़रिए से देख रहे हैं लेकिन मुझे लगता है यह अधिकारों के अंतर्निहित मूल भाव को नसमझने का भूल भाव है...

लगाम से आजादी की कोशिश

लगाम से आजादी की कोशिश

अब इस काम में 90 साल का वक्त तो शायद ही लगे। मामला 1857 के असफल स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 में मिली स्वतंत्रता जितना शायद ही खिंचे। ऐसी संभावना है। कामना भी। बात उस लेख के जानिब...

सामूहिक मौत को गले लगाने वाली यह कैसी ‘वट तपस्या’ ?

सामूहिक मौत को गले लगाने वाली यह कैसी ‘वट तपस्या’ ?

देश की राजधानी दिल्ली की संतनगर बस्ती में एक ही परिवार के 11 लोगों की आत्महत्या ( या हत्या?) का कोई ठोस तार्किक सिरा अभी तक न तो पुलिस के हाथ लगा है और न ही इस परिवार...

अमित शाह फॉर्मूला : वर्तमान विधायकों में 40 प्रतिशत के टिकिट कटने की खबर से हड़कंप

अमित शाह फॉर्मूला : वर्तमान विधायकों में 40 प्रतिशत के टिकिट कटने की खबर से हड़कंप

राजनैतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं को अगर सही माना जाए तो अगर बीजेपी  के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का फॉर्मूला लागू किया गया तो बीजेपी अपने वर्तमान विधायकों में से 40 प्रतिशत के टिकिट काटकर नए चहेरों को...

मंदसौर से उठी आँच से कहीं झुलस न जाए भाजपा!

मंदसौर से उठी आँच से कहीं झुलस न जाए भाजपा!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के पश्चिमी हिस्से के राजस्थान से लगने वाली सीमा का एक छोटा सा जिला है मंदसौर! राजनीतिक रूप से बेहद जागरूक इस इलाके में कांग्रेस और भाजपा दोनों की जड़ें काफी मजबूत रही हैं। भाजपा को इस...

सत्ता में बौद्धिकों की अहमियत पर सवाल

सत्ता में बौद्धिकों की अहमियत पर सवाल

अभी हाल ही में एक राष्ट्रीय सेमीनार में भाग लेने का मौका मिला। विषय था..कुशल प्रशासनिक रणनीति बनाने में अकादमिक योगदान की जरूरत। इत्तेफाकन् मुझे ही मुख्य वक्ता की भूमिका निभानी पड़ी वजह जिन कुलपति महोदय को उद्घाटन...

दाल-रोटी या दाल-भात से दूर जाती दाल

दाल-रोटी या दाल-भात से दूर जाती दाल

देश के लिए चिंतित एक विद्वान ने हाल ही में कहा था कि हम बुरी तरह से भटक गए हैं. क्योंकि, दिशाओं को देखने का हमारा 'कम्पास' खो गया है. हम कहते जरूर हैं कि हम सवा सौ करोड़...

ऐसा उठावना पहले किसी के यहाँ नहीं हुआ

ऐसा उठावना पहले किसी के यहाँ नहीं हुआ

मीडियावाला.इन। ०००० शोक व्यक्त करने उमड़ा जनसैलाब, निर्धारित समय के बाद भी आते रहे लोग  ०००० काकीजी को सोलह श्रृंगार के साथ परिजनों ने विदा किया था सयाने लोग कहते रहे हैं कि धन दौलत...

मरकर ही ईश्वर मिल जाते तो फिर जिंदा क्यों रहते

मरकर ही ईश्वर मिल जाते तो फिर जिंदा क्यों रहते

पता नहीं यह कब से चल रहा है। शायद तब से जब आदम और हव्वा ने प्रतिबंधित फल खाया और वे धरती पर आ गए। अथवा जब मनु महाराज ने संतति के जरिये मानवों की उत्पत्ति की। आस्तिक हो,...

इस रात की सुबह नहीं

इस रात की सुबह नहीं

क्या अब भी यह बहस मौजू है कि राजनीति में वंशवाद हो या नहीं हो? सन्दर्भ उस नियम का है, जिसके तहत भाजपा ने चुनाव में स्थापित नेताओं के परिवारजनों को टिकट देने के नियम कड़े कर दिए...

लोकतंत्र सत्ता के गलियारों में दफन

लोकतंत्र सत्ता के गलियारों में दफन

तुम से पहले वो जो इक शख्स यहां तख्तनशीं था उसको भी अपने खुदा होने पर इतना ही यकीं था... कमोबेश यही स्थिति लोकतंत्र के शॉपिंग मॉल में सत्ता के सभी खरीदारों की है। जिस दुकान (वर्ग-मुद्दे) में...

सरकार जो करेगी, वह चुनावी मुद्दा बन जाएगा

सरकार जो करेगी, वह चुनावी मुद्दा बन जाएगा

चुनाव आ रहे हैं, मध्यप्रदेश सहित चार राज्यों के चुनाव इस साल हैं और अगले वर्ष 2019 में लोक सभा के आम चुनाव हैं। इसलिए सरकार जो करेगी, वह चुनावी मुद्दा बन जाएगा। उसके हर काम को उसी...

क्या वर्धा की तरह हम भी कोई शहर पक्षी नहीं चुन सकते ?

क्या वर्धा की तरह हम भी कोई शहर पक्षी नहीं चुन सकते ?

मीडियावाला.इन। बेशक यह भी एक चुनाव ही है, लेकिन बेहद खूबसूरत और प्रकृति प्रेम से भरा। बापू और विनोबा के आश्रम तथा और अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के लिए मशहूर महाराष्ट्र के वर्धा शहर के बाशिंदे...

किसके हिस्से आएगा सियासी विखंडन?

किसके हिस्से आएगा सियासी विखंडन?

मीडियावाला.इन। जर्मनी सहित अर्जेंटीना और पुर्तगाल फुटबॉल विश्वकप से बाहर हो चुके हैं। स्वदेश आगमन पर फूलो के हार से लद जाने का सपना देखने वाले धुरंधर केवल हार लेकर लौट रहे हैं। तो, क्या...

कालाधन के उत्सर्जन से नहीं मिला छुटकारा

कालाधन के उत्सर्जन से नहीं मिला छुटकारा

मीडियावाला.इन। राजग सरकार सत्ता में आई है तब से लगातार यह दावा करती रही है कि विदेशो में जमा काला धन देश में वापस लाने और देश के भीतर कालाधन पैदा न हो इस मकसद पूर्ति के लिए ठोस...

शिक्षा गुणवत्ता की योजनाओं का जमीन पर अमल शून्य, हां, वेबसाइट की शोभा जरूर बढ़ा रही है

शिक्षा गुणवत्ता की योजनाओं का जमीन पर अमल शून्य, हां, वेबसाइट की शोभा जरूर बढ़ा रही है

शिक्षा और बेरोजगारी के अन्तर्सम्बन्धों को लेकर जितनी हमारी पिछली पीढ़ी चिंतित थी, उससे दुगुने चिंतित हम हैं, और हमारी अगली पीढ़ी तो हमसे भी कई गुना अधिक चिंतित तो है ही, बेचैन भी है. आजकल के स्कूलों,...

बेशर्मी की हद - रेप पीड़िता से मुलाक़ात या फ़ोटो अपार्च्यूनिटी

बेशर्मी की हद - रेप पीड़िता से मुलाक़ात या फ़ोटो अपार्च्यूनिटी

नेताओं ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए मंदसौर दुष्कर्म पीडिता की निजता और सेहत से खिलवाड किया। मंदसौर के बीजेपी सांसद, स्थानीय विधायकों, कांग्रेस की पूर्व सांसद और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा ने शुक्रवार को न...

तुम्हारा क्या करें बलात्कारियों

तुम्हारा क्या करें बलात्कारियों

सात साल की बच्ची, जो तीसरी कक्षा में पढ़ती है। उसकी नजर में दुनिया कैसी होगी। एक बिलान की धरती और चार बिलान का आसमान, बस इतना ही तो होगा उसका संसार। जिसमें घर के लोग, दोस्त, स्कूल,...

पाक चुनाव : ‘नीम करप्ट आवेगा, मुल्क तरक्की पावेगा’

पाक चुनाव : ‘नीम करप्ट आवेगा, मुल्क तरक्की पावेगा’

अमूमन चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टियां अक्सर भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने, भ्रष्टााचारियों को कड़ी ( फांसी इत्यादि) सजा देने और देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने जैसे ( अव्यावहारिक) वादे करती रहती हैं । लेकिन पाकिस्तान में...