Sunday, April 21, 2019

कहानी

स्त्री सुबोधिनी:मन्नू भंडारी के जन्म दिवस पर उनकी एक कहानी

स्त्री सुबोधिनी:मन्नू भंडारी के जन्म दिवस पर उनकी एक कहानी

मीडियावाला.इन।बड़ा शायराना अन्दाज़ था उनका और जल्दी ही मालूम पड़ गया कि वे कविताएँ भी लिखते हैं। पत्र-पत्रिकाओं में वे धड़ाधड़ छपती भी रहती हैं और इस क्षेत्र में उनका अच्छा खासा नाम है। आयकर विभाग की अफसरी...

लवर्स : निर्मल वर्मा 

लवर्स : निर्मल वर्मा 

मीडियावाला.इन।  निर्मल वर्मा. . जन्म : 3 अप्रैल 1929     'एल्प्स' के सामने कारीडोर में अंग्रेजी-अमरीकी पत्रिकाओं की दुकान है। सीढ़ियों के नीचे जो बित्ते-भर की जगह...

गीदड़-गश्त

गीदड़-गश्त

मीडियावाला.इन।किस ने बताया था मुझे गीदड़, सियार, लोमड़ी और भेड़िये एक ही जाति के जीव जरूर हैं मगर उनमें गीदड़ की विशेषता यह है कि वह पुराने शहरों के जर्जर, परित्यक्त खंडहरों में विचरते रहते हैं? तो क्या मैं भी...

स्वाति तिवारी की कहानी

स्वाति तिवारी की कहानी

मीडियावाला.इन।'कॉफी हाउस' से  हम लेकर आए हैं भोपाल निवासी कथाकार स्‍वाति तिवारी की कहानी 'बूंद गुलाब जल की'। ये कहानी 'नया ज्ञानोदय' के फ़रवरी 2012 अंक में प्रकाशित हुई थी। कहानी की अवधि है तकरीबन सोलह मिनिट।  Story:...

नाम बड़े और दर्शन खोटे

नाम बड़े और दर्शन खोटे

मीडियावाला.इन। सभापुर नगर भी आखिर बाजारवाद की लपेट में आ ही गया।  बाजारवाद से जिसका जो नफा-नुकसान हुआ वह तो हुआ ही, सबसे अधिक क्षति हुई मुख्य पथ पर स्थित होटेल सर्वश्रेष्ठ और उसके ठीक बगल से लगे जय...

मन मोहने का मूल्य

मन मोहने का मूल्य

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 के अन्तर्गत बलात्कार के जुर्म में भजनलाल को दस साल कैद की सजा। दस हजार की आबादी वाला बदेरा मौके-मौके पर स्तब्ध होता रहा है। कचहरी के इस फैसले पर...

जूठी औरत 

जूठी औरत 

मीडियावाला.इन।  इवनिंग वाक से लौट कर अभी गेट खोल ही रही थी कि फोन की घंटी बजने लगी |स्क्रीन पर अनजान नंबर चमक रहा था सोचा अभी चेंज कर के ही फोन रिसीव करुँगी |नंबर सेव नहीं था...

जूठी औरत

जूठी औरत

मीडियावाला.इन। इवनिंग वाक से लौट कर अभी गेट खोल ही रही थी कि फोन की घंटी बजने लगी |स्क्रीन पर अनजान नंबर चमक रहा था सोचा अभी चेंज कर के ही फोन रिसीव करुँगी |नंबर सेव नहीं था तो लगा...

जमा-मनफ़ी

जमा-मनफ़ी

मीडियावाला.इन।जमा-मनफ़ी पपा के दफ़्तर पहुँचते-पहुँचते मुझे चार बज जाते हैं| वे अपने ड्राइंगरूम एरिया के कम्प्यूटर पर बैठे हैं| अपनी निजी सेक्रेटरी, रम्भा के साथ| दोनों खिलखिला रहे हैं| “रम्भा से आज कुछ भी ठग लो,” मुझे देखते ही पपा...

मुआवजा

मुआवजा

मीडियावाला.इन।  ‘’इकबाल मंज़िल’’नाम था उस पुरानी ईमारत का जिस तक भोपाल शहर के इस एतिहासिक इलाके की तंग गलियों में से होते हुए पहुंचना होता था ,और जो बाहर से देखो तो दो मंजिला एक पुरानी...

ईसा के घर इनसान

ईसा के घर इनसान

मीडियावाला.इन। फाटक के ठीक सामने जेल था। बरामदे में लेटी मिसेज़ शुक्ला की शून्य नज़रे जेल की ऊँची-ऊँची दीवारों पर टिकी थीं। मैंने हाथ की किताबें कुर्सी पर पटकते हुए कहा- ‘‘कहिए, कैसी तबीयत रही आज ?’’ एक धीमी-सी मुस्कराहट...

कहानी - फैसला

कहानी - फैसला

1 आम तौर पर वे बेचैन रहते हैं। कुटुम्ब न्यायालय (फेमिली कोर्ट) में चल रहे संबंध विच्छेद के मामले की सुनवाई करते हुये लग रहा है अब तक ऐसे बेचैन नहीं थे जैसे अब...

गुड़ की डली

गुड़ की डली

मीडियावाला.इन। दस बरस की पायल सहेलियों के साथ रस्सी कूद रही है। खपरैल गाँव में, तपते बंुदेलखंड की लाल माटी पर, लू धूल के नन्हे भँवर बना रही है जैसेछोटी लड़कियों को खेलता देख वो भी अपना खेल लिए आ...

निर्मोही

निर्मोही

मीडियावाला.इन।ममता कालिया        बाबा की पुरानी कोठी। लम्बे-लम्बे किवाड़ों वाला फाटक, जहाँ...

बड़े घर की बेटी

बड़े घर की बेटी

मीडियावाला.इन।   क्लासिक साहित्य शृंखला में आज कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की  लोकप्रिय कहानी  बेनीमाधव सिंह गौरीपुर गाँव के जमींदार और नम्बरदार थे। उनके पितामह किसी समय बड़े धन-धान्य संपन्न थे। गाँव का पक्का तालाब और मंदिर जिनकी अब...

कहानी : दूर होती रोशनी 

कहानी : दूर होती रोशनी 

मीडियावाला.इन। दूर होती रोशनी[ पद्मा शर्मा ] बच्चों की लम्बी कतार ...    कई स्कूलों के बच्चे अपनी-अपनी यूनीफॉर्म में पंक्तिबद्ध थे। सपना भी अपने स्कूल की लाइन में खड़ी थी। दो घण्टे व्यतीत हो गये लाइन में खड़े...

स्वप्न महल

स्वप्न महल

मीडियावाला.इन। पिछले एक साल से हमारे बीच स्वयं का घर और घर में शिफ्ट होना एक ऐसा मुद्दा बना हुआ है, जिसके चलते हम सहज बात शुरू होने पर भी लड़ने लगते और कई बार चुप इसलिये होना पड़ता कि...

स्त्री मुक्ति का यूटोपिया

स्त्री मुक्ति का यूटोपिया

मीडियावाला.इन। डा. स्वाति तिवारी   प्रथम दृष्टा सब कुछ अद्भुत अलौकिक असाधारण था उसके घर में। सर्वप्रथम तो जान लीजिए कि उसके घर की पारिवारिक व्यवस्था ऐसी बनी थी जिसकी ना पितृसत्तामकता थी ना मातृसत्तात्मकता। वहाँ व्यक्तिवादी सत्ता का...