Wednesday, February 20, 2019

कहानी

जूठी औरत 

जूठी औरत 

मीडियावाला.इन।  इवनिंग वाक से लौट कर अभी गेट खोल ही रही थी कि फोन की घंटी बजने लगी |स्क्रीन पर अनजान नंबर चमक रहा था सोचा अभी चेंज कर के ही फोन रिसीव करुँगी |नंबर सेव नहीं था...

जूठी औरत

जूठी औरत

मीडियावाला.इन। इवनिंग वाक से लौट कर अभी गेट खोल ही रही थी कि फोन की घंटी बजने लगी |स्क्रीन पर अनजान नंबर चमक रहा था सोचा अभी चेंज कर के ही फोन रिसीव करुँगी |नंबर सेव नहीं था तो लगा...

जमा-मनफ़ी

जमा-मनफ़ी

मीडियावाला.इन।जमा-मनफ़ी पपा के दफ़्तर पहुँचते-पहुँचते मुझे चार बज जाते हैं| वे अपने ड्राइंगरूम एरिया के कम्प्यूटर पर बैठे हैं| अपनी निजी सेक्रेटरी, रम्भा के साथ| दोनों खिलखिला रहे हैं| “रम्भा से आज कुछ भी ठग लो,” मुझे देखते ही पपा...

मुआवजा

मुआवजा

मीडियावाला.इन।  ‘’इकबाल मंज़िल’’नाम था उस पुरानी ईमारत का जिस तक भोपाल शहर के इस एतिहासिक इलाके की तंग गलियों में से होते हुए पहुंचना होता था ,और जो बाहर से देखो तो दो मंजिला एक पुरानी...

ईसा के घर इनसान

ईसा के घर इनसान

मीडियावाला.इन। फाटक के ठीक सामने जेल था। बरामदे में लेटी मिसेज़ शुक्ला की शून्य नज़रे जेल की ऊँची-ऊँची दीवारों पर टिकी थीं। मैंने हाथ की किताबें कुर्सी पर पटकते हुए कहा- ‘‘कहिए, कैसी तबीयत रही आज ?’’ एक धीमी-सी मुस्कराहट...

कहानी - फैसला

कहानी - फैसला

1 आम तौर पर वे बेचैन रहते हैं। कुटुम्ब न्यायालय (फेमिली कोर्ट) में चल रहे संबंध विच्छेद के मामले की सुनवाई करते हुये लग रहा है अब तक ऐसे बेचैन नहीं थे जैसे अब...

गुड़ की डली

गुड़ की डली

मीडियावाला.इन। दस बरस की पायल सहेलियों के साथ रस्सी कूद रही है। खपरैल गाँव में, तपते बंुदेलखंड की लाल माटी पर, लू धूल के नन्हे भँवर बना रही है जैसेछोटी लड़कियों को खेलता देख वो भी अपना खेल लिए आ...

निर्मोही

निर्मोही

मीडियावाला.इन।ममता कालिया        बाबा की पुरानी कोठी। लम्बे-लम्बे किवाड़ों वाला फाटक, जहाँ...

बड़े घर की बेटी

बड़े घर की बेटी

मीडियावाला.इन।   क्लासिक साहित्य शृंखला में आज कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की  लोकप्रिय कहानी  बेनीमाधव सिंह गौरीपुर गाँव के जमींदार और नम्बरदार थे। उनके पितामह किसी समय बड़े धन-धान्य संपन्न थे। गाँव का पक्का तालाब और मंदिर जिनकी अब...

कहानी : दूर होती रोशनी 

कहानी : दूर होती रोशनी 

मीडियावाला.इन। दूर होती रोशनी[ पद्मा शर्मा ] बच्चों की लम्बी कतार ...    कई स्कूलों के बच्चे अपनी-अपनी यूनीफॉर्म में पंक्तिबद्ध थे। सपना भी अपने स्कूल की लाइन में खड़ी थी। दो घण्टे व्यतीत हो गये लाइन में खड़े...

स्वप्न महल

स्वप्न महल

मीडियावाला.इन। पिछले एक साल से हमारे बीच स्वयं का घर और घर में शिफ्ट होना एक ऐसा मुद्दा बना हुआ है, जिसके चलते हम सहज बात शुरू होने पर भी लड़ने लगते और कई बार चुप इसलिये होना पड़ता कि...

स्त्री मुक्ति का यूटोपिया

स्त्री मुक्ति का यूटोपिया

मीडियावाला.इन। डा. स्वाति तिवारी   प्रथम दृष्टा सब कुछ अद्भुत अलौकिक असाधारण था उसके घर में। सर्वप्रथम तो जान लीजिए कि उसके घर की पारिवारिक व्यवस्था ऐसी बनी थी जिसकी ना पितृसत्तामकता थी ना मातृसत्तात्मकता। वहाँ व्यक्तिवादी सत्ता का...

ताई की बुनाई

ताई की बुनाई

मीडियावाला.इन। गेंद का पहला टप्पा मेरी कक्षा अध्यापिका ने खिलाया था| उस दिन मेरा जन्मदिन रहा| तेरहवां| कक्षा के बच्चों को मिठाई बांटने की आज्ञा लेने मैं अपनी अध्यापिका के पास गया तो वे पूछ बैठीं, “तुम्हारा स्वेटर...

नशामुक्ति

नशामुक्ति

मीडियावाला.इन। एक समय था, जब मुन्ना जी  की नियमित दोस्ती थी शराब से, नशा मुक्ति अभियान का बैनर थामे अभियान की अगुवाई करते थे, तो सब लोग इस जुमले पर हंसी ठिठोली किया करते थे । यूं तो...

पुष्प की पीड़ा

पुष्प की पीड़ा

स्वतंत्रता दिवस पर विशेष  पुष्प की अभिलाषा शीर्षक से लिखी कविता से आप भी चिरपरिचित हैं न? आपने भी मेरी तरह यह कविता पढ़ी या सुनी जरूर होगी। कई बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में किसी बच्चे को...

रवीन्द्रनाथ  टैगोर की कहानी काबुलीवाला

रवीन्द्रनाथ टैगोर की कहानी काबुलीवाला

मीडियावाला.इन। रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के  नोबल पुरस्कार विजेता हैं।  वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। टैगोर एकमात्र कवि हैं जिनकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं – भारत का...

कहानी: सुनो वत्स, सुनो

कहानी: सुनो वत्स, सुनो

            शुरुआत एक छोटी सी कहानी से,वत्स! एक गाँव में एक किसान का युवा पुत्र जेठ की चिलमिलाती धूप में सामान को ढोनेवाली अपनी गाड़ी ठीक कर रहा था ,उसका बूढा बाप उसे देख रहा था .आसमान आग बरसा...

मायका

मायका

मीडियावाला.इन।लघु कथा      सुशी सक्सेना         मम्मी पापा के गुजर जाने के बाद मायके जाने को दिल ही नहीं कर रहा था। एक कहावत जो सुन रखी थी कि " मां बाप से ही मायका होता है।" डरती थी...

कहानी :गिल्लू

कहानी :गिल्लू

मीडियावाला.इन।- महादेवी वर्मा सोनजुही में आज एक पीली कली लगी है। इसे देखकर अनायास ही उस छोटे जीव का स्मरण हो आया, जो इस लता की सघन हरीतिमा में छिपकर बैठता था और फिर मेरे निकट पहुँचते ही कंधे...