Wednesday, July 17, 2019

साहित्य

प्यारी माँ

प्यारी माँ

मीडियावाला.इन। "मातृ दिवस"शुभकामनाएँ मां तारों की छइयां बन लोरी गा शिशु को सुलाती हो  शीतल  छांह बन दुलराती हो जीवन पथ के संग्राम से जूझना  सिखाती हो...

तीन सहेलियाँ, तीन प्रेमी

तीन सहेलियाँ, तीन प्रेमी

मीडियावाला.इन। ‘और बता क्या हाल है?’ ‘अपना तो कमरा है, हाल कहाँ है?’ ‘ये मसखरी की आदत नहीं छोड़ सकती क्या?’ ‘क्या करूँ आदत है, बुढ़ापे में क्या छोड़ूँ? साढ़े पाँच बज गए मेघना नहीं आई?’ ‘बुढ़ऊ झिला रहा होगा।’...

रोटियाँ

रोटियाँ

मीडियावाला.इन। रोटियाँ  उर्मिला शिरीष        यह तीसरा दिन था जब वह रोटियाँ वापस ले जा रही थी। रोटियाँ बैग में थीं... जिन्हें वह...

आत्म मु्ग्ध होना छोड़कर आलोचकों का आश्रय लें साहित्यकार..

आत्म मु्ग्ध होना छोड़कर आलोचकों का आश्रय लें साहित्यकार..

मीडियावाला.इन। - ताज नगरी में हुआ विश्व मैत्री मंच भोपाल का सातवां राष्ट्रीय हिंदी साहित्य सम्मेलन  --देश भर से जुटे 75 कवि साहित्यकार, विमर्श के केंद्र में रही लघुकथा     विश्व मैत्री मंच भोपाल द्वारा  वैभव...

स्त्री सुबोधिनी:मन्नू भंडारी के जन्म दिवस पर उनकी एक कहानी

स्त्री सुबोधिनी:मन्नू भंडारी के जन्म दिवस पर उनकी एक कहानी

मीडियावाला.इन।बड़ा शायराना अन्दाज़ था उनका और जल्दी ही मालूम पड़ गया कि वे कविताएँ भी लिखते हैं। पत्र-पत्रिकाओं में वे धड़ाधड़ छपती भी रहती हैं और इस क्षेत्र में उनका अच्छा खासा नाम है। आयकर विभाग की अफसरी...

लवर्स : निर्मल वर्मा 

लवर्स : निर्मल वर्मा 

मीडियावाला.इन।  निर्मल वर्मा. . जन्म : 3 अप्रैल 1929     'एल्प्स' के सामने कारीडोर में अंग्रेजी-अमरीकी पत्रिकाओं की दुकान है। सीढ़ियों के नीचे जो बित्ते-भर की जगह...

वरमाला रौंद दूंगी:नारीवादी रमणिका गुप्ता की कविता 

वरमाला रौंद दूंगी:नारीवादी रमणिका गुप्ता की कविता 

मीडियावाला.इन। आदिवासी अधिकारों के लिए काम करने वाली साहित्यकार और नारीवादी रमणिका गुप्ता का नई दिल्ली में निधन हो गया, वे 89 साल की थींउनकी कविता  स्त्री विमर्श विषयक कृतियां हैं,रमणिका गुप्ता देश की वामपंथी प्रगतिशील...

कथाकार - नाटककार सुमन ओबेराय के हास्य व्यंग नाटक संग्रह 'यह भी खूब रही ' का विमोचन हुआ

कथाकार - नाटककार सुमन ओबेराय के हास्य व्यंग नाटक संग्रह 'यह भी खूब रही ' का विमोचन हुआ

मीडियावाला.इन। भोपाल: सुप्रसिद्ध कथाकार - नाटककार सुमन ओबरॉय के हास्य व्यंग्य नाटक संग्रह  'यह भी खूब रही' का विमोचन यहां देश के जाने माने कवि और वरिष्ठ साहित्यकार राजेश जोशी और मुकेश वर्मा  ने किया। पंडित रामानंद तिवारी स्मृति सेवा...

कभी सिर पर सजा था ब्‍यूटी क्‍वीन का ताज, अब बन गई हैं सेना में अफसर

कभी सिर पर सजा था ब्‍यूटी क्‍वीन का ताज, अब बन गई हैं सेना में अफसर

मीडियावाला.इन। ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट जीतने के बाद अक्सर लड़कियां सिनेमा जगत या मॉडलिंग की दुनिया का रुख करती है और अपना करियर इन्हीं क्षेत्र में बनानें में लग जाती हैं। लेकिन गरिमा नामक एक लड़की ने ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट जीतने...

कहे कविराज:चमत्कार को नमस्कार है----

कहे कविराज:चमत्कार को नमस्कार है----

मीडियावाला.इन। रातों रात दुबेजी बन गये छब्बेजी पल मे धुल गये उनके सारे धब्बेजी महा सियासी साबुन का यह चमत्कार है चमत्कार को नमस्कार है। कलमघसीटे चप्पल चटकाते फिरते हैं और जुगाड़ू पाँव न धरती पर धरते हैं पढ़े क़सीदे...

ह्यूस्टन में होली

ह्यूस्टन में होली

मीडियावाला.इन।             ह्यूस्टन में आनंद भयो  ह्यूस्टन में आनंद भयो है, होरी को रंग बरसे l राम कृष्ण दोउ खेलें होरी, देख-देख मन हरसे ll                                         ह्यूस्टन में आनंद भयो...                                                                                           ...

कलश मंगाय के केसर घोलो, श्याम हमें आज रंग में बोरो

कलश मंगाय के केसर घोलो, श्याम हमें आज रंग में बोरो

मीडियावाला.इन।होली रंगों का त्यौहार है जिसमें रंगों का अपना महत्व है। होली के आनंद की शुरुआत रंगों से होती है और गुलाल से ही इसके आनंद का खात्मा होता है। देश के कई हिस्सों में होली पारंपरिक और आधुनिक तरीके...

गीदड़-गश्त

गीदड़-गश्त

मीडियावाला.इन।किस ने बताया था मुझे गीदड़, सियार, लोमड़ी और भेड़िये एक ही जाति के जीव जरूर हैं मगर उनमें गीदड़ की विशेषता यह है कि वह पुराने शहरों के जर्जर, परित्यक्त खंडहरों में विचरते रहते हैं? तो क्या मैं भी...

गौतम राजऋषी  की तीन कवितायें

गौतम राजऋषी की तीन कवितायें

मीडियावाला.इन। 1 --ये कैसी पेड़ों से है उतरी धूप चुभती-चुभती सी ये कैसी पेड़ों से है उतरी धूप आंगन-आंगन धीरे-धीरे फैली इस दोपहरी धूप गर्मी की छुट्‍टी आयी तो गाँवों में फिर महके आम चौपालों पर चूसे...

स्वाति तिवारी की कहानी

स्वाति तिवारी की कहानी

मीडियावाला.इन।'कॉफी हाउस' से  हम लेकर आए हैं भोपाल निवासी कथाकार स्‍वाति तिवारी की कहानी 'बूंद गुलाब जल की'। ये कहानी 'नया ज्ञानोदय' के फ़रवरी 2012 अंक में प्रकाशित हुई थी। कहानी की अवधि है तकरीबन सोलह मिनिट।  Story:...

नाम बड़े और दर्शन खोटे

नाम बड़े और दर्शन खोटे

मीडियावाला.इन। सभापुर नगर भी आखिर बाजारवाद की लपेट में आ ही गया।  बाजारवाद से जिसका जो नफा-नुकसान हुआ वह तो हुआ ही, सबसे अधिक क्षति हुई मुख्य पथ पर स्थित होटेल सर्वश्रेष्ठ और उसके ठीक बगल से लगे जय...

भारतीय परंपरा में हमने समष्टि को दो रूपों में देखा है एक सत्य के रूप में एक प्रेम के रूप में:कपिल तिवारी

भारतीय परंपरा में हमने समष्टि को दो रूपों में देखा है एक सत्य के रूप में एक प्रेम के रूप में:कपिल तिवारी

मीडियावाला.इन।भारतीय परंपरा में हमने समष्टि को दो रूपों में देखा है एक सत्य के रूप में एक प्रेम के रूप में यह कहना है वरिष्ठ साहित्यकार लोक संस्कृति के विद्वान कपिल तिवारी का। वे बुधवार से महारानी...

कदम मिलाकर चलना होगा

कदम मिलाकर चलना होगा

मीडियावाला.इन। 1-कदम मिलाकर चलना होगा. उजियारे में, अंधकार में, कल कहार में, बीच धार में, घोर घृणा में, पूत प्यार में, क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में, जीवन के शत-शत आकर्षक, अरमानों को...

मन मोहने का मूल्य

मन मोहने का मूल्य

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 के अन्तर्गत बलात्कार के जुर्म में भजनलाल को दस साल कैद की सजा। दस हजार की आबादी वाला बदेरा मौके-मौके पर स्तब्ध होता रहा है। कचहरी के इस फैसले पर...