Saturday, October 19, 2019

साहित्य

पर्यावरण संरक्षण की भावना से ओतप्रोत निमाड़ी लोक संस्कार

पर्यावरण संरक्षण की भावना से ओतप्रोत निमाड़ी लोक संस्कार

मीडियावाला.इन। लोक संस्कृति मर्मज्ञ डॉ सुमन चौरे,   जल से लबालब भरे  नदी-सरोवर, हरे-हरितम वृक्षों से बसे वन-उपवन, मुक्त बहती सुरभित पवन, मधुर कोल-किलोल करती मनोहर मंजुल पखेरूओं की जोड़ियाँ, सब कुछ हमारे लोक की अपनी निजी सम्पदा हैं।...

फैसला 

फैसला 

मीडियावाला.इन। ------------------------ शाम की ट्रेन थी बेटे की अभी सत्ररह साल का ही तो है | राघव  पहली बार अकेले सफर कर रहा है | उसे अकेले भेजते हुए मेरा कलेजा कांपा तो बहुत फिर भी खुद को समझा...

WhatsApp में जुड़े कुछ फायदेमंद फीचर्स, पढ़ें इनके बारे में

WhatsApp में जुड़े कुछ फायदेमंद फीचर्स, पढ़ें इनके बारे में

मीडियावाला.इन। WhatsApp के नए फीचर्स जल्द ही आपको देखने को मिलेंगे, क्योंकि अपडेट भी आने वाला है. इसमें वॉयस मैसेज से जुड़े कुछ खास फीचर्स हैं और फोटो एल्बम फीचर में भी इंप्रूवमेंट है.  WhatsApp...

सुशील सिद्धार्थ--कुछ बेतरतीब नोट्स / ज्ञान चतुर्वेदी

सुशील सिद्धार्थ--कुछ बेतरतीब नोट्स / ज्ञान चतुर्वेदी

मीडियावाला.इन।किसी बहुत अच्छे लेखक के बारे में यह जानने और लिखने की कोशिश करना कि वह इतना अच्छा क्यों है, वास्तव में एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। विद्वान व्यंग्य विशेषज्ञ लोगों की शिकायत भी है कि व्यंग्य को समझने और...

लास्ट इम्प्रेशन ही लेटेस्ट इम्प्रेशन

लास्ट इम्प्रेशन ही लेटेस्ट इम्प्रेशन

मीडियावाला.इन।क्या मेरी तरह आपको भी बचपन की  फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता की याद आती है ,कभी हम गांधी बनते थे , और कभी विवेकानन्द ,एक बार जब मैं आठवीं में थी तब मैं एक भटकी आत्मा बनी थी। काला बुरके जैसा...

बचपन को बचाइए सेक्सुअल हैरेसमेंट का पाश उन्हें ताउम्र जकड़ा रहता है..

बचपन को बचाइए सेक्सुअल हैरेसमेंट का पाश उन्हें ताउम्र जकड़ा रहता है..

मीडियावाला.इन | केके बिड़ला फौन्डेशन से बिहारी पुरस्कार प्राप्त उपन्यास स्वप्नपाश  पर चर्चा  "कुछ किताबों में जिंदगी खुद शब्द का रूप लेकर मुखर होती है...हंसती-मुस्कुराती ही नहीं डराती है...सहमाती है...फिर धीरे से चाबी दे जाती है, उस बंद ताले...

पुराने पन्ने

पुराने पन्ने

मीडियावाला.इन। इस सन् २०१६ के नवम्बर माह का विमुद्रीकरण मुझे उन टकों की ओर ले गया है साठ साल पहले हमारे पुराने कटरे के सर्राफ़, पन्ना लाल, के परिवार के पाँच सदस्यों की जानें धर ली थीं| अट्ठाइस वर्षीया...

रोटियां सेंकती   मेरी माँ

रोटियां सेंकती  मेरी माँ

मीडियावाला.इन। रसोई में चूल्हे पर रोटियां सेंकती  मेरी माँ का  लाल लाल  दमकता चेहरा  मुझे साहस मेहनत  विश्वास देता है   अंधेरों में टिमटिमाती ढिबरियों में मेरी माँ की चमकती दो आंखे  टपरियो...

.उपहार जिन्दगी का

.उपहार जिन्दगी का

मीडियावाला.इन। आज कालोनी में बडी हलचल है । हर कौई उदास है , दुखी है ।   बहुत बूरा हुआ भाई ,,,,, ,,,,, घर चलाने वाले अकेले ही थे शुक्ला जी ,,,,,, ,,,,,,,, पिछले ग्यारह महीनों से इलाज चल...

प्यारी माँ

प्यारी माँ

मीडियावाला.इन। "मातृ दिवस"शुभकामनाएँ मां तारों की छइयां बन लोरी गा शिशु को सुलाती हो  शीतल  छांह बन दुलराती हो जीवन पथ के संग्राम से जूझना  सिखाती हो...

तीन सहेलियाँ, तीन प्रेमी

तीन सहेलियाँ, तीन प्रेमी

मीडियावाला.इन। ‘और बता क्या हाल है?’ ‘अपना तो कमरा है, हाल कहाँ है?’ ‘ये मसखरी की आदत नहीं छोड़ सकती क्या?’ ‘क्या करूँ आदत है, बुढ़ापे में क्या छोड़ूँ? साढ़े पाँच बज गए मेघना नहीं आई?’ ‘बुढ़ऊ झिला रहा होगा।’...

रोटियाँ

रोटियाँ

मीडियावाला.इन। रोटियाँ  उर्मिला शिरीष        यह तीसरा दिन था जब वह रोटियाँ वापस ले जा रही थी। रोटियाँ बैग में थीं... जिन्हें वह...

आत्म मु्ग्ध होना छोड़कर आलोचकों का आश्रय लें साहित्यकार..

आत्म मु्ग्ध होना छोड़कर आलोचकों का आश्रय लें साहित्यकार..

मीडियावाला.इन। - ताज नगरी में हुआ विश्व मैत्री मंच भोपाल का सातवां राष्ट्रीय हिंदी साहित्य सम्मेलन  --देश भर से जुटे 75 कवि साहित्यकार, विमर्श के केंद्र में रही लघुकथा     विश्व मैत्री मंच भोपाल द्वारा  वैभव...

स्त्री सुबोधिनी:मन्नू भंडारी के जन्म दिवस पर उनकी एक कहानी

स्त्री सुबोधिनी:मन्नू भंडारी के जन्म दिवस पर उनकी एक कहानी

मीडियावाला.इन।बड़ा शायराना अन्दाज़ था उनका और जल्दी ही मालूम पड़ गया कि वे कविताएँ भी लिखते हैं। पत्र-पत्रिकाओं में वे धड़ाधड़ छपती भी रहती हैं और इस क्षेत्र में उनका अच्छा खासा नाम है। आयकर विभाग की अफसरी...

लवर्स : निर्मल वर्मा 

लवर्स : निर्मल वर्मा 

मीडियावाला.इन।  निर्मल वर्मा. . जन्म : 3 अप्रैल 1929     'एल्प्स' के सामने कारीडोर में अंग्रेजी-अमरीकी पत्रिकाओं की दुकान है। सीढ़ियों के नीचे जो बित्ते-भर की जगह...

वरमाला रौंद दूंगी:नारीवादी रमणिका गुप्ता की कविता 

वरमाला रौंद दूंगी:नारीवादी रमणिका गुप्ता की कविता 

मीडियावाला.इन। आदिवासी अधिकारों के लिए काम करने वाली साहित्यकार और नारीवादी रमणिका गुप्ता का नई दिल्ली में निधन हो गया, वे 89 साल की थींउनकी कविता  स्त्री विमर्श विषयक कृतियां हैं,रमणिका गुप्ता देश की वामपंथी प्रगतिशील...

कथाकार - नाटककार सुमन ओबेराय के हास्य व्यंग नाटक संग्रह 'यह भी खूब रही ' का विमोचन हुआ

कथाकार - नाटककार सुमन ओबेराय के हास्य व्यंग नाटक संग्रह 'यह भी खूब रही ' का विमोचन हुआ

मीडियावाला.इन। भोपाल: सुप्रसिद्ध कथाकार - नाटककार सुमन ओबरॉय के हास्य व्यंग्य नाटक संग्रह  'यह भी खूब रही' का विमोचन यहां देश के जाने माने कवि और वरिष्ठ साहित्यकार राजेश जोशी और मुकेश वर्मा  ने किया। पंडित रामानंद तिवारी स्मृति सेवा...

कभी सिर पर सजा था ब्‍यूटी क्‍वीन का ताज, अब बन गई हैं सेना में अफसर

कभी सिर पर सजा था ब्‍यूटी क्‍वीन का ताज, अब बन गई हैं सेना में अफसर

मीडियावाला.इन। ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट जीतने के बाद अक्सर लड़कियां सिनेमा जगत या मॉडलिंग की दुनिया का रुख करती है और अपना करियर इन्हीं क्षेत्र में बनानें में लग जाती हैं। लेकिन गरिमा नामक एक लड़की ने ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट जीतने...

कहे कविराज:चमत्कार को नमस्कार है----

कहे कविराज:चमत्कार को नमस्कार है----

मीडियावाला.इन। रातों रात दुबेजी बन गये छब्बेजी पल मे धुल गये उनके सारे धब्बेजी महा सियासी साबुन का यह चमत्कार है चमत्कार को नमस्कार है। कलमघसीटे चप्पल चटकाते फिरते हैं और जुगाड़ू पाँव न धरती पर धरते हैं पढ़े क़सीदे...

ह्यूस्टन में होली

ह्यूस्टन में होली

मीडियावाला.इन।             ह्यूस्टन में आनंद भयो  ह्यूस्टन में आनंद भयो है, होरी को रंग बरसे l राम कृष्ण दोउ खेलें होरी, देख-देख मन हरसे ll                                         ह्यूस्टन में आनंद भयो...                                                                                           ...