Tuesday, October 23, 2018

व्यंग

कुछ बात है कि गाली मिटती नहीं हमारी

कुछ बात है कि गाली मिटती नहीं हमारी

मीडियावाला.इन। कुछ दिन पहले  तेरह साल के एक बच्चे की प्रतिभा जान कर मैं खुशी से बेजान सा हो गया।इस बच्चे नेपरीक्षा में कम नंबर आने पर अपने ही अपहरण की सफल योजना बनाई थी।पुलिस की मूर्खता सेयोजना असफल हो ...

व्यंग्य : नाम और जयंती संस्कृति

व्यंग्य : नाम और जयंती संस्कृति

1-    मंत्रालय की आपातकालीन बैठक हुई और फलां महापुरुष की जयंती का राजकीय अवकाश घोषित| 2-    कैबिनेट मीटिंग में शहरों के बदलने का प्रस्ताव हुआ सर्वसम्मति से पारित| जी हाँ, अब माननीयों की मीटिंगें देश की अन्य समस्याओं...

व्यंग : उलटे लटकते हम और सीधा होता उल्लू

व्यंग : उलटे लटकते हम और सीधा होता उल्लू

ख़बर क्या थी, साक्षात वाइरल होता वीडियो ही था। सीन कुछ यों था कि एक पेड़ था। पेड़ की डाल पर एक बन्दा एकदम उलटा लटक रहा था। ठीक वेताल की तरह। यों वह वेताल नहीं था, क्योंकि उसके...

व्यंग - बिगड़ा हुआ कूलर और एक अदद ठेले वाले की तलाश!

व्यंग - बिगड़ा हुआ कूलर और एक अदद ठेले वाले की तलाश!

मुझे एक ठेले वाले की तलाश थी, जो घर से कूलर उठाकर मेकेनिक की दूकान तक पहुंचा दे| मेरा कूलर खराब हो गया था| मुझे पता नही था कि इस बीच दुनिया काफी बदल चुकी है| आजकल कूलर सुधारने...

व्यंग : चिंकारा होने की आज़ादी - प्रेम जन्मेजय

व्यंग : चिंकारा होने की आज़ादी - प्रेम जन्मेजय

मीडियावाला.इन। मेरे दांत में भयंकर दर्द था। जब दर्द भयंकर हो तो आप दर्द के अतिरिक्त और कुछ नहीं सोच पाते हैं। वह दर्द रोटी का हो, बेरोजगारी का हो, फसल बरबाद होने का हो...

व्यंग्य - कद की कवायद

व्यंग्य - कद की कवायद

मीडियावाला.इन। व्यंग्य विधा के जाने-माने साहित्यकार स्व. सुशील सिद्धार्थ  आज होते तो वे इस टीम का हिस्सा होते, अफ़सोस पोर्टल शुरू होने के पहले ही वे असमय चले गए | सुशील सिद्धार्थ का जाना दुखद, बेहद दुखद। अविश्वसनीय...