Monday, September 23, 2019
शिव सेना को मिले चंदे में 70 प्रतिशत की गिरावट, फिर भी आम आदमी पार्टी से ज्यादा मिला चंदा

शिव सेना को मिले चंदे में 70 प्रतिशत की गिरावट, फिर भी आम आदमी पार्टी से ज्यादा मिला चंदा

मीडियावाला.इन। विगत 2016-17 में उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता वाली शिव सेना को मिले चंदे में भारी गिरावट हुई।  2015 -16  तुलना में शिव सेना को मिले चंदे में करीब करीब 70  प्रतिशत की कमी आई।  2015-16 में शिवसेना को 86 करोड़  84 लाख का चंदा मिला था, जबकि 2016-17 में 25 करोड़ 65 लाख ही मिले। यह चंदा क्षेत्रीय पार्टियों को मिले चंदे में सबसे ज्यादा है। शिव सेना और आम आदमी पार्टी के बाद शिरोमणि अकाली दल को सबसे ज्यादा चंदा मिला।

शिवसेना 
297 लोगों ने 25 करोड़ 65 लाख रुपये चंदा दिया। 


 

आम आदमी पार्टी 
3,865 लोगों ने 15 करोड़ 45 लाख रुपये चंदा दिया।  

 

शिरोमणि अकाली दल 
15 करोड़ 45 लाख  रुपए चंदा मिला। 


(स्रोत : एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स)

वर्ष  2016 17 में क्षेत्रीय पार्टियों को कुल 91 करोड़ 37 लाख चंदे के रूप में मिले।   इस बार असम गण परिषद, जनता दल सेकुलर, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और आप को अच्छा खासा चंदा मिला।

2016-17 मई 1919 लोगों ने  22 करोड़ की 20 लाख रुपये  नकद चंदा दिया।  सबसे ज्यादा नकद चंदा लेने वाली पार्टी है आल इंडिया एन आर कांग्रेस, जिसे 65 लाख रूपय मिले।उसके बाद असं गण परिषद् को 41 लाख 20 हज़ार और  नागा पीपुल्स फ्रंट  को 41 लाख का चंदा मिला। 
( एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के आधार पर )

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डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी

डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी जाने-माने पत्रकार और ब्लॉगर हैं। वे हिन्दी में सोशल मीडिया के पहले और महत्वपूर्ण विश्लेषक हैं। जब लोग सोशल मीडिया से परिचित भी नहीं थे, तब से वे इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। पत्रकार के रूप में वे 30 से अधिक वर्ष तक नईदुनिया, धर्मयुग, नवभारत टाइम्स, दैनिक भास्कर आदि पत्र-पत्रिकाओं में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वे हिन्दी के पहले वेब पोर्टल के संस्थापक संपादक भी हैं। टीवी चैनल पर भी उन्हें कार्य का अनुभव हैं। कह सकते है कि वे एक ऐसे पत्रकार है, जिन्हें प्रिंट, टेलीविजन और वेब मीडिया में कार्य करने का अनुभव हैं। हिन्दी को इंटरनेट पर स्थापित करने में उनकी प्रमुख भूमिका रही हैं। वे जाने-माने ब्लॉगर भी हैं और एबीपी न्यूज चैनल द्वारा उन्हें देश के टॉप-10 ब्लॉगर्स में शामिल कर सम्मानित किया जा चुका हैं। इसके अलावा वे एक ब्लॉगर के रूप में देश के अलावा भूटान और श्रीलंका में भी सम्मानित हो चुके हैं। अमेरिका के रटगर्स विश्वविद्यालय में उन्होंने हिन्दी इंटरनेट पत्रकारिता पर अपना शोध पत्र भी पढ़ा था। हिन्दी इंटरनेट पत्रकारिता पर पीएच-डी करने वाले वे पहले शोधार्थी हैं। अपनी निजी वेबसाइट्स शुरू करने वाले भी वे भारत के पहले पत्रकार हैं, जिनकी वेबसाइट 1999 में शुरू हो चुकी थी। पहले यह वेबसाइट अंग्रेजी में थी और अब हिन्दी में है। 


डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी ने नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर एक किताब भी लिखी, जो केवल चार दिन में लिखी गई और दो दिन में मुद्रित हुई। इस किताब का विमोचन श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के एक दिन पहले 25 मई 2014 को इंदौर प्रेस क्लब में हुआ था। इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया पर ही डॉ. अमित नागपाल के साथ मिलकर अंग्रेजी में एक किताब पर्सनल ब्रांडिंग, स्टोरी टेलिंग एंड बियांड भी लिखी है, जो केवल छह माह में ही अमेजॉन द्वारा बेस्ट सेलर घोषित की जा चुकी है। अब इस किताब का दूसरा संस्करण भी आ चुका है।