Sunday, May 19, 2019
चुनावी रण को इंतजार है मुद्दों पर सर्जिकल स्ट्राईक का

चुनावी रण को इंतजार है मुद्दों पर सर्जिकल स्ट्राईक का

चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की घोषणा कर दी है। चुनावी शंखनाद हो गया, वैसे तो पिछले छह महीनों से देश के राजनीतिक आकाश में विपक्ष सवालों के जरिये चुनावी माहौल बनाने में लगा था। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ की जीत से कांग्रेस आक्रामक हो चली थी। कभी-कभी लगता था कि भाजपा और मोदी सरकार सुरक्षात्मक राजनीति को मजबूर हो गई थी। उत्तरप्रदेश का महागठबंधन भाजपा के लिए बहुत बड़ी चुनौती है।

पुलवामा में जैश के आतंकवादियों ने चालीस सैनिकों को जिस तरह फियादीन हमले से दहशत फैलाई, सब चौंक गए थे। मोदी सरकार ने एयर स्ट्राईक कर पाकिस्तान और आतंकियों को करारा जवाब दिया। सेना के पुरुषार्थ के पर लगाकर भाजपा चुनाव मैदान में आक्रामक होगी और विपक्ष राफेल से लेकर किसान, बेरोजगारी, नोटबंदी, जीएसटी के सवाल पर मोदी सरकार की असफलता गिनाएंगे। तो फिर चुनावी रण में कौनसे सवाल भारी पड़ेंगे। आम आदमी के सवालों पर नरेन्द्र मोदी सर्जिकल स्ट्राईक करेंगे। देश में पिछले दो दशक में हुए बम विस्फोट गिनाए जाने लगे हैं। किसानों की कर्ज माफी की तुलना में किसान सम्मान निधी गिनाई जाएगी। बेरोजगारी के सवाल पर मुद्रा लोन, स्टेंड अप, स्टार्टअप के आंकड़ों से मुकाबला होगा। नोट बंदी, जीएसटी के सवालों पर बेनामी सम्पत्ति, भ्रष्टाचारियों पर हो रही कार्रवाई गिनाई जाएगी। प्रियंका के तेवरों पर राबर्ट वाड्रा के कथित भ्रष्टाचार पर खूब गोले बरसाए जाएंगे। 

चुनावी मैदान में विपक्ष की कथित एकता पर स्थानीय सवालों के जरिये तार-तार करने की राजनीति भीतरी खानों खूब रंग जमाएगी। कांग्रेस की चुनावी सभाओं में कौनसे सवाल उठेंगे, उसमें कुछ नया नहीं होगा। राफेल के सवाल को मजाक बनाने में भाजपा कामयाब रही है। उत्तरप्रदेश के जातिय गठबंधन पर राष्ट्रवाद यदि भारी पड़ गया तो समझें कि परिणाम चौंकाने वाले होंगे। विपक्ष के सवालों में धार अभी वह नहीं दिखती जो चुनाव के मुहाने पर होनी चाहिए। याद रखें सीमा पर अब भी शांति नहीं है। रोज कुछ न कुछ घट रहा है। यदि आज और मतदान के पहले चरण के बीच सेना ने कोई बड़ा धमाका कर दिया तो देश को कैसा नेता चला सकता है, और यह सवाल भाजपा ने गंभीरता से समझा दिया तो नरेन्द्र मोदी फिर चुनावी रण में भारी पड़ जाएंगे। आज देश की सुरक्षा सभी सवालों पर भारी हो गई है। इस सवाल को मोदी दो महीने चुनावी मैदान में गंभीर बनाए रखे तो विपक्ष मुश्किल में होगा। आज तो विपक्ष के सवालों पर नरेन्द्र मोदी सर्जिकल स्ट्राईक करते दिख रहे हैं, उम्मीदवारों के चयन से मतदान, मतगणना में समय बाकी है, 23 मई को ही फैसला होगा।

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सतीश जोशी

पिछले चालीस वर्षों से पत्रकारिता कर रहे, राजनीतिक विश्लेषक, टिप्पणीकार, नईदुनिया, भास्कर, चौथा संसार सहित प्रदेश के कई समाचार पत्रों के लिए लेखन। 


आदिवासी जनजीवन पर एक पुस्तक, राजनीतिक विश्लेषण पर पांच पुस्तकें, राज रंग, राज रस, राज द्रोह, राज सत्ता, राज पाट।  


रक्षा संवावदाता, रिपोर्टिंग के क्षेत्र में खोजी पत्रकारिता में महारथ हांसिल। प्रेस क्लब इंदौर के अध्यक्ष रहे। वर्तमान में सांध्य दैनिक 6pm के समूह सम्पादक, इंदौर में कार्यरत।


संपर्क : 9425062606