Wednesday, December 12, 2018
 तब के सहपाठी और अब पत्रकारों ने किया अपने साथी का सम्मान

 तब के सहपाठी और अब पत्रकारों ने किया अपने साथी का सम्मान

मीडियावाला.इन। तब के सहपाठी और अब पत्रकारों ने किया अपने साथी-नगर भाजपा अध्यक्ष गोपी नेमा का सम्मान

इंदौर की हवा में ये जो मुहब्बत भरी है, बाकी शहरों में नजर नहीं आती


इंदौर(अवंतिका न्यूज) पत्रकार किसी राजनीतिक दल के अध्यक्ष को अपने मंच पर बुलाए, उसके सम्मान में सहभोज भी रखे, ऐसा अनूठा सदभाव इंदौर में ही संभव है। शहर की सीमा से सौ-दो सौ किमी दूर चले जाएं तो ऐसी आत्मीयता उन शहरों में शायद ही देखने को मिले। गुजराती कॉलेज के पूर्व छात्रों ने अपने ही सहपाठी-मित्र गोपी नेमा का नगर भाजपा अध्यक्ष बनने पर सम्मान किया और कॉलेज के दिनों की यादें ताजा कीं तो गोपी भी पंकज संघवी, प्रमोद टंडन, सज्जन वर्मा से जुड़े छात्रसंघ चुनाव की खट्टी-मीठी यादें सुनाते हुए कहने लगे कॉलेज कैंपस में हम सब का एक ही दल होता था मित्र दल। वहां कांग्रेस, भाजपा, जनसंघ की दलीय आधारित खुन्नस नहीं निकालते थे। कभी पंकज मुझसे चुनावी भाषण के टिप्स मांगने आ जाता तो कभी चीकू (प्रमोद टंडन) को जिताना हम भी प्रेस्टीज पॉइंट बना लेते थे। सज्जन वर्मा कभी हमारे मत से जीतता तो कभी उसका सहयोग हमारी जीत का रास्ता बनाता था। 


मीसा के दिन थे (स्व) राजेंद्र धारकर जेल में बंद थे, उनके पुत्र का एसजीएसआयटीएस में एडमिशन होना था। उन्होंने महेश जोशी के नाम चिट्ठी लिख कर सहयोग मांगा, महेश भाई ने एडमिशन करवाने के साथ ही धारकरजी को चिट्ठी लिखी कि काम हो गया है। ये ठीक है कि आज अपना इंदौर हर मामले में बड़ा है, लेकिन यह बड़ा इंदौर जो प्रेमभाव वाली कस्बाई मानसिकता से लबरेज है यही हम सब की मेल मुलाकात और सुख-दुख में दौड़ पड़ने की ताकत भी है। यूं भले ही हम कई दिन तक नहीं मिल पाएं लेकिन बस पता चल जाए कि दोस्त के परिवार में कोई बीमार है या गमी हो गई है तो सारे काम छोड़ कर अस्पाल चले जाते हैं या शवयात्रा-उठावने में ।


आप सब का यह साथ ही मेरी ताकत भी है।छात्र जीवन की इन उपलब्धियों ने ही राजनीतिक सफर में सहयोग किया। मुझे राजनीति में लाने, आगे बढ़ाने, पार्षद-विधायक का चुनाव लड़वाने से लेकर नगर भाजपा अध्यक्ष का पद यह सब मोघे जी की वजह से ही संभव हुआ है। इंदौर की हवा में ऐसी मुहब्बत घुली हुई है कि एक बार जो अधिकारी दो-तीन साल के लिए यहां पदस्थ हो जाता है, अन्यत्र तबादले के बाद भी रिटायरमेंट लाइफ यहीं बिताना चाहता है।आप देख लो विजय नगर से लेकर प्राधिकरण की स्कीम में रिटायर अधिकारियों के कितने बंगले हैं। 


गोपी के इस आत्मीय उदबोधन के दौरान ही इस कार्यक्रम के संयोजक कमल कस्तूरी ने लालू-गोपी की जोड़ी के चालीस साल होने का जिक्र करते हुए कहा शहर में सब जानते हैं फोन करने पर फायर ब्रिगेड लेट हो जाए लेकिन लालू पहले पहुंच जाते हैं। गोपी भाई के अध्यक्ष बनने का मतलब है लालू भाई के रूप में हमें एक साथ दो अध्यक्ष मिलना। 


मप्र गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कृष्णमुरारी मोघे को ताज्जुब हो रहा था कि पत्रकार किसी राजनीतिक संगठन के अध्यक्ष का स्वागत कर रहे हैं। यह जो आत्मीयता है यही इंदौर को बाकी शहरों से अलग दिखाती है।वरिष्ठ बीजेपी नेता बालकृष्ण अरोरा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।प्रारम्भ में स्टेट प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने अपने जमाने के ख्यात छात्र नेता रहे 'लालू-गोपी' से जुड़े संस्मरणों का जिक्र किया।स्वागत उद्बोधन कार्यक्रम संयोजक कमल कस्तूरी ने दिया। पदाधिकारियों के साथ ही अतिथियों का स्वागत हेमन्त शर्मा, सोनाली यादव, कीर्ति राणा, शीतल रॉय, कैलाश मित्तल,रचना जौहरी, गणेश एस.चौधरी, ताहिर कमाल सिद्दकी, जयेश शाह, मोहन नरवरिया ने किया।आभार महासचिव विजय अड़ीचवाल ने माना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाचार-पत्रों के प्रबंध सम्पादक, सम्पादक, ब्यूरो चीफ़, फोटोग्राफर-वीडियोग्राफर और मीडियाकर्मी मौजूद थे।

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कीर्ति राणा

क़रीब चार दशक से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा लंबे समय तक दैनिक भास्कर ग्रुप के विभिन्न संस्करणों में संपादक, दबंग दुनिया ग्रुप में लॉंचिंग एडिटर रहे हैं।

वर्तमान में दैनिक अवंतिका इंदौर के संपादक हैं। राजनीतिक मुद्दों पर निरंतर लिखते रहते हैं ।

सामाजिक मूल्यों पर आधारित कॉलम ‘पचमेल’ से भी उनकी पहचान है। सोशल साइट पर भी उतने ही सक्रिय हैं।


संपर्क : 8989789896