Tuesday, August 20, 2019
"मैं रहूं या ना रहूं, भारत ये रहना चाहिए!"इंदौर लेखिका संघ,इंदौर का अनूठा आयोजन

"मैं रहूं या ना रहूं, भारत ये रहना चाहिए!"इंदौर लेखिका संघ,इंदौर का अनूठा आयोजन

मीडियावाला.इन।

इंदौर लेखिका संघ  इंदौर हमेशा समसामयिक विषय पर कार्यक्रम आयोजित कर उसे साहित्यिक रूप देता आ रहा है । इस बार भी स्वाधीनता दिवस कुछ इस अंदाज में मनाया। सचिव विनीता तिवारी ने बताया कि सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन अतिथियों द्वारा किया गया साथ ही  सुषमा व्यास द्वारा स्वरचित सरस्वती वंदना का सस्वर पाठ किया। अतिथियों का स्वागत पदाधिकारियों द्वारा किया गया तथा स्वागत उद्बोधन अध्यक्षा मंजुला भूतड़ा ने दिया ।उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा- अपना जीवन  जो वतन के नाम करते हैं ,

उन्हें हम झुक कर प्रणाम  करते हैं। 

मौसम की मार की परवाह नहीं होती उन्हें

 वे  सियाचीन में बर्फ की चादर ओढ़ कर भी सो जाते हैं! 

           "मैं रहूं या ना रहूं, भारत ये रहना चाहिए!" की थीम पर सदस्याओं ने पद्य रचना की । उसका आज पुस्तिका के रूप में विमोचन हमारी अतिथि डॉ नीहार गीते के सानिध्य में संपन्न हुआ। पुस्तिका पर डॉ गीते ने सारगर्भित व्याख्यान दिया उन्होंने कहा-

बहुत अच्छी हेडलाइन्स का चयन कर इतनी कविताएँ रच डाली। सभी एक से बढ़कर एक महत्वपूर्ण है कविता मात्र चार लाइन नहीं अनुभव की दुनिया में एक इतिहास रच देती हैं। 

संध्या राय चौधरी के सफल संचालन से कार्यक्रम गतिमान रहा। सदस्यों की सहभागिता भी उतनी ही अहमियत रखती है, इसलिए राष्ट्रीय कवियों की देशभक्ति पूर्ण रचनाओं का चार समूहों में सस्वर पाठ किया। प्रथम समूह में नीति अग्निहोत्री ,वंदना पुणतांबेकर ,मीना गोदरे द्वीतीय समूह में दविंदर कौर होरा, मुन्नी गर्ग और डा.आशा जैन तृतीय समूह में डा, अंजुल कंसल, डॉ पुष्पा रानी गर्ग, आशा जाखड़ शोभा रानी तिवारी चतुर्थ समूह में स्वाति सिंह, सुनीता श्रीवास्तव ,सुनीता सक्सेना तथा स्मृति श्रीवास्तव थीं। *कर्नल आशीष मंगरूलकर के प्रवेश द्वार से मंच पर आने तक इन्दौर लेखिका संघ की सभी सदस्यों ने  खड़े होकर सतत् ताली बजाकर और भारत माता के जयकारे के साथ विशेष 'आनर' दिया।*

 

कार्यक्रम की अंतिम महत्वपूर्ण कड़ी थी कर्नल आशीष मंगरुलकर का समसामयिक उद्बोधन, विषय था अनुच्छेद 370 हटने के बाद देश पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा! उन्होंने बहुत रोचक तरीके से प्रभावशाली मुद्दों पर अपनी बात कही उन्होंने बताया-कश्मीर  हमारा है हमारा ही रहेगा पाकिस्तान अंदर घुसकर आतंक मचाना चाह रहा है ,उसके मंसूबे पूरे नहीं होंगे। हमें गुलामी की मानसिकता छोड़नी होगी। व्हाट्सएप संदेशों को बिलकुल बढावा न दें। भारत के पास सही समय है ,लेकिन हर नागरिक को अपना दायित्व समझना चाहिए। 

कार्यक्रम की शुरुआत मे सदस्यों ने 

• सखियों द्वारा तालियाँ बजाकर कर्नल आशीष जी का स्वागत, भारत माता की जय के नारे

• वंदिता जी के साथ समूह गान गीत सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा

• सुषमा व्यास का मधुर वाणी में स्वरचित सरस्वती वंदना का गायन

• चारों ग्रुप की अत्यंत बेहतरीन , लाजबाव, मनभावन देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति 

• डॉ स्वाति सिंह द्वारा अतिथि परिचय

अंत में आभार सचिव विनीता तिवारी ने व्यक्त किया।

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