Monday, March 25, 2019
न्यूजीलैंड: मस्जिदों पर हमले में छह भारतीय मूल के लोगों के मारे जाने की आशंका

न्यूजीलैंड: मस्जिदों पर हमले में छह भारतीय मूल के लोगों के मारे जाने की आशंका

मीडियावाला.इन।

न्यूज़ीलैंड में क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में मरने वालों की संख्या 49 हो गई है. इस हमले में छह भारतीय मूल के लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है.

बीबीसी से बातचीत में न्यूज़ीलैंड में भारतीय उच्चायुक्त संजीव कोहली ने बताया कि शुरुआती सूचनाओं के मुताबिक इस घटना में दो भारतीयों और चार भारतीय मूल के लोगों के मारे जाने की आशंका है.

हालांकि, उन्होंने कहा कि ये जानकारी आधिकारिक नहीं है और न्यूज़ीलैंड की सरकार ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है.

संजीव कोहली के मुताबिक़, "भारतीय उच्चायुक्त की हेल्पलाइन पर कई लोगों के फ़ोन आ रहे हैं और ये जानकारी उसी पूछताछ और क्राइस्टचर्च के भारतीय समुदाय से मिल रही जानकारी पर आधारित है."

कोहली का कहना है कि मारे गए छह लोगों में से दो हैदराबाद, एक गुजरात और एक पुणे का बताया जा रहा है.

क्राइस्टचर्च में क़रीब 30 हज़ार भारतीय या भारतीय मूल के लोग रहते हैं.

न्यूज़ीलैंड के शहर क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुई गोलीबारी में 49 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. इस हमले में 20 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने इसे 'आतंकवादी हमला' क़रार दिया है.

न्यूज़ीलैंड पुलिस के जारी आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को एक दिन में जितने लोगों की हत्या हुई है उतने लोगों की हत्या पूरे एक साल में भी नहीं हुई. पुलिस के अनुसार 2007 से 2017 तक हर साल देश में औसतन 47 लोगों की हत्या हुई है.

अहमदिया मुस्लिस समुदाय के प्रमुख हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अदमद ने इस हमले की कड़ी निंदा की है.

उन्होंने कहा, "इस तरह के अमानवीय कृत्य की सबसे कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए. कई मासूस मुसलमान जो प्रार्थना करने पहुंचे थे उनके लिए वहीं उनकी कब्रगाह बन गई. सभी धर्म और समुदाय के लोगों को प्रार्थना का पूरा हक होना चाहिए."

न्यूज़ीलैंड की राजधानी वेलिंगटन में रह रहे संजीव कोहली ने फ़ोन पर बताया, "क्राइस्टचर्च पूरी तरह से बंद है इसलिए आधिकारिक तौर पर बहुत जानकारी बाहर नहीं आ रही है. हम अस्पतालों से बात कर रहे हैं, समुदाय के लोगों से बात कर रहे हैं. हमारी हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल आ रहे हैं."

उन्होंने बताया कि वेलिंगटन में धार्मिक स्थानों, ख़ासकर मस्जिदों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

संजीव कोहली ने कहा, "हमारे पास ग़ायब हुए लोगों के फ़ोन आ रहे हैं... जो अपुष्ट जानकारियां हैं उसके हिसाब से छह लोगों के हताहत होने की बात सामने आ रही है. लेकिन ये जानकारी अनाधिकारिक है."

न्यूज़ीलैंड में इस घटना से सभी सदमे में

संजीव कोहली ने कहा, "न्यूज़ीलैंड की ऐसी छवि है कि यहां सहिष्णुतावादी लोग हैं जो एक-दूसरे की इज़्ज़त करते हैं. उस हिसाब से किसी ने भी इसकी कल्पना नहीं की थी."

उन्होंने कहा, "हमने क्राइस्टचर्च में भारतीय समुदाय के लोगों से संपर्क करना शुरू किया, लेकिन सभी घर के अंदर थे. कोई ज़्यादा जानकारी देने की हालत में नहीं था. वहां कर्फ्यू जैसी स्थिति है."

संजीव कोहली के मुताबिक़, उच्चायोग भारतीय विदेश मंत्रालय के संपर्क में है, और "पुख़्ता तौर पर नामों के आने में वक़्त लगेगा."

'ज़्यादा लोग मर सकते थे'

मूल रूप से मुंबई के रहने वाले थॉमस शाज़ी क्राइस्टचर्च में एक रेस्तरां 'बीकानेरवाला' चलाते हैं. जिन अल-नूर और लिनवुड मस्जिदों पर हमला हुआ, उनका रेस्तरां वहाँ से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है.

शाज़ी के मुताबिक इस गोलीबारी में उनके दो दोस्तों की भी मौत हो गई है. हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर उनके नाम घोषित नहीं किए हैं.

उन्हें फ़ेसबुक पर इस हमले का पता चला. उस वक़्त उनके रेस्तरां में क़रीब 40 ग्राहक मौजूद थे. घटना के बारे में पता चलने के बाद उन्होंने तुरंत होटल बंद करवा दिया.

इसके अलावा क्राइस्टचर्च के सरकारी दफ़्तरों और स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है.

शाज़ी के मुताबिक़, हर शुक्रवार के दिन जुमे की नमाज़ के लिए मस्जिद में क़रीब 300 से 400 लोग इकट्ठा होते हैं और ये हमला भीड़भाड़ के वक़्त होता तो मरने वालों की तादाद और बढ़ सकती थी.

क्राइस्टचर्च से फ़ोन पर बीबीसी से बातचीत में थाॉमस शॉज़ी ने कहा, "नमाज़ ख़त्म होने के बाद कई लोग घर चले गए थे. मेरा एक दोस्त भीड़भाड़ के कारण मस्जिद नहीं जा पाया."

source: bbc.com/hindi

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