Monday, October 22, 2018
भोपाल रैली की पूर्व संध्या पर खास चर्चा में दावा किया सपाक्स प्रमुख हीरालाल त्रिवेदी ने  सरकार बनेगी सपाक्स की, भाजपा तो जा रही है !

भोपाल रैली की पूर्व संध्या पर खास चर्चा में दावा किया सपाक्स प्रमुख हीरालाल त्रिवेदी ने  सरकार बनेगी सपाक्स की, भाजपा तो जा रही है !

मीडियावाला.इन।

प्रदेश में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, एससी-एसटी वर्ग भी हमारे साथ आ रहा

 

तीखे सवाल जो त्रिवेदी से पूछे 


1. किसी दल को समर्थन नहीं करेंगे तो कैसे सवर्ण विरोधी मानसिकता वाली भाजपा को हराएंगे? 

2. सरार में महत्वपूर्ण पदों पर रहते तो कभी सरकार की आरक्षण नीति का विरोध नहीं किया। 

3. सपाक्स की यह सक्रियता अपरोक्ष रूप से भाजपा को पुन: सत्ता में लाने में सहयोग करना तो नही? 

4. एट्रोसिटी एक्ट का विरोध भी और इस वर्ग से समर्थन मिलने का दावा भी यह कैसे संभव है? 

5. कांग्रेस और भाजपा इन दोनों में कौनसे दल को आरक्षन मामले में अधिक दोषी मानते हैं? 

6. इस भोपाल रैली के बाद अगला कदम क्या?  

 

इंदौर। सपाक्स की भोपाल में कल रविवार को आयोजित महारैली में एक लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है। यह रैली और आम सभा काले कानून के विरुद्ध होने से कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे काले कपड़े पहन कर  इस रैली में आए। पुरुष काले रंग का शर्ट या कुर्ता या टीशर्ट और महिलाएं काले दुपट्टे, कुर्ते या साड़ी में रहेंगे।इतने लोग जुटेंगे कि सरकार और अन्य दलों को सपाक्स की बढ़ती ताकत का अंदाज लग जाएगा।सपाक्स प्रमुख हीरालाल त्रिवेदी यह दावा भी करते हैं कि इस बार विधानसभा चुनाव के परिणाम चौंकाने वाले रहेंगे। सरकार सपाक्स की ही बनेगी, भाजपा तो जा रही है। हम एट्रोसिटी एक्ट नहीं इसमें किए गए घातक संशोधनों के विरोधी हैं। 

महारैली की पूर्व संध्या पर फोन पर खास चर्चा में त्रिवेदी का कहना था-हम एससी, एसटी वर्ग के ना तो विरोधी हैं न ही इनके खिलाफ बोलेंगे। इस वर्ग को भी समझ आ रहा है कि हम इस वर्ग का नहीं, उस एक प्रतिशत का विरोध कर रहे हैं जो दशकों से आरक्षण का हर स्तर पर लाभ ले रहा है।यही वजह है कि आयएएस का बेटा तो आरक्षण के लाभ से आयएएस बन रहा है लेकिन इसी वर्ग के 99% ऊंचे नहीं उठ पा रहे हैं।

भोपाल की मीटिंग राजनीतिक नहीं है लेकिन इसमें यह निर्णय होगा कि सपाक्स राजनीतिक दल के रूप में सभी सीटों से प्रत्याशी खड़े करेगा। सामान्य, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण समाज (सपाक्स) के साथ ही जहां जिस समाज का बहुमत है वहां से उस समाज के जीतने वाले को प्रत्याशी बनाएंगे।जब आप किसी दल के साथ नहीं जाएंगे और नोटा का आह्वान करेंगे तो इससे तो सत्तारुढ़ दल की मदद ही करेगे, उनका कहना था हम किसी दल का समर्थन नहीं करेंगे जिस भी दल को हमारे मुद्दे सही लगते हों वो आए हमारे पास। हम नोटा के नहीं, एक एक वोट का विवेक से उपयोग हो इसके पक्ष में हैं।हमारे मुख्य मुद्दे हैं कि आरक्षण नीति में संशोधन कर आर्थिक आधार रखा जाए, योग्यता का सम्मान हो, 1990 में जो एट्रोसिटी एक्ट बना था, वह यथावत रहे, जनवरी 16 में इस एक्ट में जो संशोधन किया उसे वापस लिया जाए। संविधान में आरक्षण की जो व्यवस्था दी गई है हम उसके पक्ष में हैं। 2002 में पदोन्नति में आरक्षण, 2016 में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन वापस लें।मोदी सरकार ने हाल ही में जो संशोधन कर गैर जमानती बना दिया है वह घातक है। पिछड़ा, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग इस वर्ग के प्रति इतना हिंसक कभी नहीं रहा जो संशोधन से दर्शाया गया है।कांग्रेस यदि नागनाथ तो ये भाजपा सांपनाथ और यह अधिक घातक इसलिए है कि संशोधन कर के मोदी सरकार ने एट्रोसिटी मामलों में अग्रिम जमानत पर भी बंदिश लगा दी है।

मप्र सरकार की सेवा में रहते हुए भी हमने प्रमोशन में आरक्षण मामले में कोर्ट में सरकार के निर्णय को चुनौती दी।सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिए उनका अन्य राज्यों में तो पालन हो रहा है लेकिन मप्र में नहीं। 

जो दल हमारे मुद्दों का समर्थन करेगा

सपाक्स उसके साथ रहेगा सपाक्स प्रमुख हीरालाल त्रिवेदी से जब कहा कि आप किसी दल का समर्थन नहीं करने पर अड़े हैं और दावा कर रहे हैं कि सरकार सपाक्स की ही बनेगी तो इसे मुंगेरीलाल के हसीन सपने क्यों न माना जाए? उनका कहना था हम किसी दल का समर्थन करने नहीं जाएंगे, जो दल हमारे मुद्दों का समर्थन करेगा सपाक्स उसका साथ देगा। एससी एसटी वर्ग में वही एक प्रतिशत हमारा विरोधी है जो दशकों से आरक्षण का लाभ लेते हुए सत्ता सुख भोग रहा है।बाकी एससी एसटी वर्ग समझने लगा है कि हमारा यह आंदोलन उनके हितों के पक्ष में है, इसीलिए वो हमारी बातों से सहमत हैं।

सीएम खुद फंसने लगे तो एट्रोसिटी एक्ट में 

तत्काल गिरफ्तारी नहीं होगी बोलने लगे 

शहडोल में महिला कांग्रेस की पदाधिकारी द्वारा सीएम के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट में मामला दर्ज कराए जाने के बाद से शिवराज सिंह जनआशीर्वाद यात्राओं में कहने लगे हैं कि पहले जांच होगी, बाद में गिरफ्तारी। देखा जाए तो खुद सीएम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवहेलना कर रहे हैं।कायदे से तो शहडोल पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद तत्काल शिवराज सिंह को गिरफ्तार कर लेना था, जबवह खुद फंसने लगे तो अब तत्काल गिरफ्तारी नहीं होने जैसी बात कह रहे हैं। 

इसलिए ऐतिहासिक हो सकती है 

सपाक्स समाज की महा क्रांति रैली 

एट्रोसिटी एक्ट में किए गए संशोधनों और पदोन्नति में आरक्षण के विरूद्ध और आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने जैसे  सामाजिक मुद्दों को लेकर सपाक्स समाज द्वारा कलियासोत एडवेंचर ग्राउंड पर आयोजित इस रैली में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, श्री परशुराम सेना, अखिल भारतीय ब्राह्मण संगठन, क्षत्रिय महासभा, पिछड़ा वर्ग समाज के सभी समाजों के संगठन, वैश्य समाज, कायस्थ समाज, जैन समाज, सिख समाज, मुस्लिम समाज, बोहरा समाज सहित समस्त समाज की महिला संगठन, युवा और छात्र संगठन का भरपूर समर्थन मिल रहा है। रैली के बाद आयोजित विशाल आम सभा दोपहर एक बजे  होगी जिस के मुख्य अतिथि श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी होंगे। अध्यक्षता करेंगे सपाक्स प्रमुख हीरालाल त्रिवेदी। इस सभा के विशेष अतिथि हैं: सेवानिवृत्त आईएएस श्रीमती वीणा घाणेकर और श्रीमती सुधा चौधरी, सेवानिवृत्त आईपीएस  विजय वाते, सपाक्स समाज के अध्यक्ष डॉ केएल साहू, प्रांतीय संयोजक इंजीनियर पीएस परिहार,  सपाक्स संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. केएस तोमर, युवा संगठन के अध्यक्ष अभिषेक सोनी ,संस्थापक सदस्य अजय जैन और संगठन से जुड़े अन्य प्रदेश पदाधिकारी।

 

1 comments      

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  • Rkpathak 3 weeks ago
    Very good step to remove social injustice atrocity& reservation .

कीर्ति राणा

क़रीब चार दशक से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा लंबे समय तक दैनिक भास्कर ग्रुप के विभिन्न संस्करणों में संपादक, दबंग दुनिया ग्रुप में लॉंचिंग एडिटर रहे हैं।

वर्तमान में दैनिक अवंतिका इंदौर के संपादक हैं। राजनीतिक मुद्दों पर निरंतर लिखते रहते हैं ।

सामाजिक मूल्यों पर आधारित कॉलम ‘पचमेल’ से भी उनकी पहचान है। सोशल साइट पर भी उतने ही सक्रिय हैं।


संपर्क : 8989789896