Wednesday, June 19, 2019
जानिए उन अफसरों के नाम, पद और ठिकाने जिन्हें मोदी सरकार ने जबरिया रिटायर किया

जानिए उन अफसरों के नाम, पद और ठिकाने जिन्हें मोदी सरकार ने जबरिया रिटायर किया

मीडियावाला.इन।

नई दिल्ली। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभालने के कुछ दिनों बाद ही निर्मला सीतारमण ने बड़ी कार्रवाई की। सोमवार को आयकर विभाग के मुख्य आयुक्त, प्रधान आयुक्त समते 12 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन अधिकारियों पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार, यौन उत्पीड़न, अवैध और बेहिसाब संपत्ति रखने के आरोप थे। ये हैं वे 12 अफसर जिनके खिलाफ मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

मोदी सरकार 
सरकार ने 12 अफसरों को जबरन रिटायर किया

1. अशोक कुमार अग्रवाल,ज्वाइंट कमिश्नर- आई-टी के संयुक्त आयुक्त और प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व उप निदेशक अशोक अग्रवाल को 1999 से 2014 तक निलंबित कर दिया गया था। इस अधिकारी पर कारोबारियों से अवैध वसूली और चंद्रास्वामी की मदद करने का आरोप रहा है।

2. एसके श्रीवास्तव, कमिश्नर- 1989 बैच के राजस्व सेवा के अधिकारी एस के श्रीवास्तव पर दो महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप था। सरकारी डोजियर के मुताबिक, वे पिछले 10 सालों से केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल), हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में 75 याचिकाएं दायर कर विभागीय जांच के मामलों के निष्कर्ष को लम्बा खींच रहे थे।

भ्रष्टाचार 
भ्रष्टाचार, यौन शोषण के गंभीर आरोपों में सीबीआई कर रही इनके खिलाफ जांच

3. होमी राजवंश, कमिश्नर- राजस्व सेवा के अधिकारी होमी राजवंश, कथित तौर पर भ्रष्टाचार के जरिए 3.17 करोड़ रु की चल और अचल संपत्ति बनाई। राजवंश को इस मामले में गिरफ्तार किया गया और निलंबित कर दिया गया था

4. बीवी राजेंद्र, कमिश्नर- भ्रष्टाचार और जबरन वसूली में लिप्त था और कई गलत आदेश पारित किए थे।

5. श्वेताभ सुमन, कमिश्नर- भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराया गया था और निलंबित किया गया था।

आयकर विभाग 
इन 12 अफसरों पर दर्ज हैं कई केस

6. आलोक कुमार मित्र, कमिश्नर- भ्रष्टाचार और वसूली के कई मामलों में लिप्त

7. अरुलप्पा बी, कमिश्नर- ऑडिट मामलों के लेकर संदेह के घेरे में आए थे, अनियमितता का आरोप

8.अजय कुमार सिंह, कमिश्नर- आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई और एसीबी मुंबई ने दर्ज किया है केस

9. ए रविंदर, एडिशनल कमिश्नर- व्यवसायी को राहत देने के एवज में 50 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप, सीबीआई ने रंगे हाथों पकड़ा था।

 

नियम 56 
नियम 56 के तहत हुई कार्रवाई

10. विवेक बत्र, एडिशनल कमिश्नर- 2006 में पद का दुरुपयोग का सीबीआई ने लगाया था आरोप, गलत तरीके से पैसे बनाने का आरोप, बेनामी संपत्ति का मामला

11. चंद्रसेन भारती, एडिशनल कमिश्नर- भारती को ट्रैप केस और 30 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली अंगदिया (कूरियर) से 30 लाख रुपये बरामद किए गए थे।

12. राजकुमार भार्गव, असिस्टेंट कमिश्नर- TRO-4 के पद पर रहते हुए भार्गव पर आरोप है कि उन्होंने बिना अधिकार क्षेत्र के आईटी अधिनियम के नोटिस यू / एस 226 (3) जारी किए

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन 12 में से 8 अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में सीबीआई द्वारा जांच की जा रही है। ये पहला मौका है जब सरकार ने भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर मामलों के आरोपी इतने अधिकारियों के खिलाफ इस तरह का कदम उठाया है।

source: oneindia.com

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