Saturday, October 19, 2019
सरदार सरोवर का जलस्तर बढ़ने से हजारों परिवार संकट में

सरदार सरोवर का जलस्तर बढ़ने से हजारों परिवार संकट में

मीडियावाला.इन।

सरदार सरोवर का जलस्तर बढ़ने से हजारों परिवार संकट में,प्रशासन का दावा सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में हर संभव मदद करेंगे

 

बड़वानी से सचिन राठौर की खास खबर

 

बड़वानी- नर्मदा नदी पर गुजरात की सीमा पर बने सरदार सरोवर बांध का जलस्तर बढ़ने से 31 गांवों के कई हजार परिवारों का जीवन संकट में पड़ने के आसार बन गए हैं। प्रभावितों का आरोप है कि पुनर्वास और विस्थापन के बिना ही बांध का जलस्तर बढ़ाया जा रहा है। ज्ञात हो कि गुजरात सरकार द्वारा बांध के गेट बंद कर जलस्तर को 131़5 मीटर पर ले जाया गया था, जिससे गांवों में पानी भरने लगा था। विरोध में प्रभावित परिवारों ने नर्मदा बचाओ आंदोलन के बैनर तले सात अगस्त से बड़वानी के राजघाट पर सत्याग्रह शुरू किया था, जिसके बाद गुजरात सरकार द्वारा गेट खोले जाने पर सत्याग्रह स्थगित कर दिया गया था।

नर्मदा बचाओ आंदोलन के राहुल यादव ने बताया, 'वर्तमान में चार गेट खुले हुए हैं, जिसके कारण जितना पानी आ रहा है, उसके मुकाबले आधा पानी ही निकल पा रहा है। इसके चलते 31 गांव जो बड़वानी, धार और अलिराजपुर जिलों में आते हैं, उन पर असर पड़ रहा है। गांव में पानी भर रहा है, वहीं लोगों के खेत, मकान आदि सब डूबने की स्थिति में आ रहे हैं।'

 

राहुल के अनुसार, 'गुजरात सरकार ने जलस्तर को 138़ 68 मीटर तक ले जाने का ऐलान किया है। अगर ऐसा होता है तो 192 गांव और धरमपुरी नगर डूब में आ जाएंगे। बड़वानी में पानी की गिरफ्त में आ रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का अभियान प्रशासन ने शुरू कर दिया है।'

आधिकारिक तौर पर रविवार को उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, बड़वानी जिले में सतत हो रही वर्षा के कारण नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, और इस कारण डूब प्रभावित ग्रामों से प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने में एनडीआरएफ , नोडल अधिकारी एवं उनकी टीम लगी हुई है। नौका एवं अन्य संसाधनों से डूब प्रभावित परिवारों के सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, वहीं उनके पशुओं, सामान को भी सुरक्षित भेजने के प्रयास जारी हैं।

कलेक्टर अमित तोमर एवं पुलिस अधीक्षक डी.आर. तेनीवार ने डूब प्रभावित ग्रामों में रुके परिवारों से कहा है कि वे समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न होने पाए। प्रशासन सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में हर संभव मदद करेगा, ऐसा प्रशासन ने दावा किया है।

 

 

 

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