Tuesday, October 15, 2019
पत्नी को भरण पोषण देने के लिए एक व्यक्ति शुक्रवार को कुटुंब न्यायालय में पांच बोरियों में 33 हजार रुपए के सिक्के लेकर पहुंचा

पत्नी को भरण पोषण देने के लिए एक व्यक्ति शुक्रवार को कुटुंब न्यायालय में पांच बोरियों में 33 हजार रुपए के सिक्के लेकर पहुंचा

मीडियावाला.इन।

जांजगीर-चांपा . पत्नी को भरण पोषण देने के लिए एक व्यक्ति शुक्रवार को कुटुंब न्यायालय में पांच बोरियों में 33 हजार रुपए के सिक्के लेकर पहुंचा। इसमें एक, दो, पांच और दस के सिक्के थे। जज ने जैसे ही पैसा देने के लिए कहा तो उसने सिक्कों से भरी बोरियां आगे बढ़ा दीं। जज ने इसे पत्नी को प्रताड़ित करने का तरीका मानते हुए पति को न केवल सिक्कों को खुद गिनने का आदेश दिया बल्कि पूरे पैसे को महिला के घर तक पहुंचाने के लिए भी कहा। जज ने पैसे पहुंचाने के बाद मिली पावती को कोर्ट में जमा करने का भी आदेश दिया। 

Husband Court takes a quintals of coins in 5 bags
जज ने माना परेशान करने का तरीका, दिए सख्त निर्देश : कुटुंब न्यायालय के जज किरण चतुर्वेदी ने पत्नी को देने के लिए सिक्के इकट्‌ठा कर लाने को पत्नी को परेशान करने का तरीका मानते हुए महिला के पति को सख्त निर्देश दिए कि वह पहले तो सिक्कों को गिनकर महिला को दे। कोर्ट रूम में ही पुनीराम के सामने महिला बैठ गई और पुनीराम पैसे गिनने लगा। जज ने इसके बाद पैसों को उसके घर तक पहुंचाने जाने का भी आदेश दिया।  जज ने पैसा घर तक पहुंचाने के बाद पावती भी 22 जुलाई को कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया है। 

सब्जी भाजी बेचकर जुटाए थे पैसे : पुनीराम साहू ने बताया कि वह किसान आदमी है। सब्जी भाजी बेचकर पैसा इकट्‌ठा किया था। पत्नी को देने के लिए ही उसने पैसे गुल्लक में रखे थे। जिसे फोड़कर लाया था। 33 हजार रुपए नोट में इकट्‌ठा करना, उसके लिए कठिन हो रहा था इसलिए उसने सिक्के जमा किए थे। 

20 साल से अलग रह रहे हैं पति-पत्नी : पामगढ़ थाना क्षेत्र के कोसला के पुनीराम साहू  की शादी नवागढ़ थाना क्षेत्र की यशोधरा साहू के साथ हुई थी। दोनों की चार बेटियां है। इनमें से तीन की शादी हो चुकी है। पति- पत्नी दोनों के बीच विवाद होेने पर करीब बीस साल पहले दोनों अलग रहने लगे। इस बीच उनका मामला परिवार परामर्श केंद्र में चला, वहां समझौता नहीं होने पर कुटुंब न्यायालय जांजगीर में मामला चला। पुनीराम को प्रति माह 3700 रुपए भरण पोषण देने का आदेश मिला। किन्हीं कारणों से वह पिछले आठ माह से पैसा नहीं दे पाया था।

महिला ने पैसों से भरी बाेरी उठाने से किया मना : जज के आदेश के बाद पति पुनीराम सिक्कों से भरी बोरियां लेकर बाहर निकला। उसने अपनी पत्नी को एक बोरी को उठाकर ले जाने के लिए कहा तो महिला ने उसे उठाकर ले जाने से भी मना कर दिया। 

जिस वैन से पैसे लाए थे, उसी से पहुंचाने पत्नी के गांव तक गया : 33 हजार 8 सौ रुपए पुनीराम को अपनी पत्नी को देने थे। उसने इतने सारे सिक्के इकट्‌ठे किए थे कि गांव से कोर्ट तक लाने में उसे वैन किराए पर लेनी पड़ी। सिक्के पांच बोरियों में भरे थे। प्रत्येक बोरियों का वजन करीब 20 किलो था। जिस वैन में पुनीराम पैसा छोड़ने अपनी पत्नी के गांव तक गया। उसी वेन में उसकी पत्नी भी गई। वहां पैसे गिनकर दिए गए। जब पैसे गिने गए तो तीन सौ अधिक हो गए, जिसे उसे नहीं दिया गया। 

इससे लोगों को मिलेगी नसीहत : महिला यशोधरा के वकील दयाराम राठौर ने बताया कि कुटुंब न्यायालय में भरण पोषण के एवज में सिक्के लेकर आने के मामले अक्सर आते रहते हैं, किंतु वे दो-चार या छह हजार ही होते हैं। इतनी बड़ी राशि लेकर कोई पहली बार आया है। कुटुंब न्यायालय के जज ने पति को जो आदेश दिया, उससे इस प्रकार सिक्का लेकर आने वालों को नसीहत मिलेगी। न्यूज सोर्स -भास्कर 

 

 

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