Tuesday, October 15, 2019
सीबीआई विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- निष्‍पक्ष क्‍यों नहीं है सरकार?

सीबीआई विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- निष्‍पक्ष क्‍यों नहीं है सरकार?

मीडियावाला.इन।

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी जंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई चल रही है.


केन्द्र ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दो शीर्ष अधिकारियों आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी जंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि इस मामले में सरकार इस मामले में निष्‍पक्ष क्‍यों नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट से पूछा है कि दोनों अधिकारियों को अलग-अलग अधिकार क्‍यों नहीं दिए जा सकते. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसफ की पीठ के सामने बुधवार को केन्द्र की ओर से अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने अपनी बहस जारी रखते हुए कहा कि इन अधिकारियों के झगड़े से जांच एजेन्सी की छवि और प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही थी. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि केन्द्र का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जनता में इस प्रतिष्ठित संस्थान के प्रति भरोसा बना रहे.

न्यायालय ने 29 नवंबर को कहा था कि वह पहले इस सवाल पर विचार करेगा कि क्या सरकार को किसी भी परिस्थिति में जांच ब्यूरो के निदेशक को उसके अधिकारों से वंचित करने का अधिकार है या उसे निदेशक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में कोई कार्रवाई करने से पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति के पास जाना चाहिए था. न्यायालय ने इससे पहले यह स्पष्ट कर दिया था कि वह जांच एजेन्सी के दोनों शीर्ष अधिकारियों से संबंधित आरोपों और प्रत्यारोपों पर गौर नहीं करेगा. आलोक वर्मा का दो साल का कार्यकाल 31 जनवरी, 2019 को समाप्त हो रहा है.

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