Monday, October 22, 2018
गुजरात सरकार प्रवासियों पर हिंसा रोकने के लिए अनिच्छुक : कांग्रेस

गुजरात सरकार प्रवासियों पर हिंसा रोकने के लिए अनिच्छुक : कांग्रेस

मीडियावाला.इन। कांग्रेस ने मंगलवार को गुजरात सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार प्रवासियों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए अनिच्छुक है। पार्टी ने साथ ही उत्तर प्रदेश और बिहार की सरकारों द्वारा विजय रूपाणी नीत भाजपा शासन को क्लीन चिट देने के लिए भी हमला बोला। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके दावे को लेकर माफी मांगने को कहा। योगी ने दावा किया था कि गुजरात में उनके राज्य के प्रवासियों पर कोई हमला नहीं हुआ है।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "गुजरात में हालात अत्यंत नाजुक हो गए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि गुजरात सरकार इन घटनाओं को रोकने में अक्षम भी है और अनिच्छुक भी। यह घटनाएं अब मध्य गुजरात में फैल गई हैं।"

तिवारी ने कहा, "मूर्खताओं और असंगति ने नई ऊंचाइयों को छू लिया है। प्रधानमंत्री को खुश करने के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्री अपने लोगों के साथ सहानुभूति रखने और केंद्र व गुजरात सरकारों को कार्रवाई करने के लिए कहने के बजाय गुजरात सरकार को क्लीन चिट देने में लगे हैं।"

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आदित्यनाथ के हालिया दावे का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रवासियों पर 'हमले की एक भी घटना नहीं हुई है' और यह अफवाहें वे लोग फैला रहे हैं जो गुजरात से जलते हैं।

तिवारी ने बिहार के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस.के. सिंघल की टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रवासी मजदूर गुजरात से भाग नहीं रहे बल्कि त्योहार मनाने के लिए अपने गृह राज्य लौट रहे हैं।

तिवारी ने कहा, "लोग डर के कारण गुजरात से भाग रहे हैं और आदित्यनाथ दावा कर रहे हैं कि कोई हिंसा नहीं है। जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है वह है सिंघल का कहना कि वे त्योहार के कारण वापस आ रहे हैं।"

तिवारी ने दावा किया कि बीते दिनों हिंसा भड़कने के बाद से 50 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर गुजरात से भाग चुके हैं।

कांग्रेस नेता ने आदित्यनाथ से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सिंघल के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आग्रह किया है।

मोदी पर निशाना साधते हुए तिवारी ने इस मामले में उनकी 'गगनभेदी' चुप्पी पर सवाल उठाया।

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