Monday, October 14, 2019
अलवर रेप केसः फलाहारी बाबा को उम्रकैद और ₹1 लाख का जुर्माना

अलवर रेप केसः फलाहारी बाबा को उम्रकैद और ₹1 लाख का जुर्माना

मीडियावाला.इन।अलवर रेप केस में फंसे फलाहारी बाबा को बुधवार को एडीजे कोर्ट संख्या एक राजेंद्र शर्मा की अदालत ने धारा 376 (2च) और 506 में दोषी करार देते हुए हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. साथ ही उन पर एक लाख का जुर्माना भी लगा दिया.

अलवर रेप केस में फंसे फलाहारी बाबा को बुधवार को एडीजे कोर्ट संख्या एक राजेंद्र शर्मा की अदालत ने धारा 376 (2च) और 506 में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. साथ ही उन पर एक लाख का जुर्माना भी लगा दिया.

रेप केस में 15 दिसंबर 2017 को 84 दिन बाद एसीजेएम कोर्ट में चार्जशीट फाइल की गई थी. पुलिस की ओर से कोर्ट में 40 पन्नों की चार्जशीट पेश की गई जिसमें पुलिस ने फलाहारी बाबा को दोषी मानते हुए धारा 506 और 376 (2एफ) में चार्जशीट पेश की थी.

मार्च में मामला दर्ज

इस मामले में 9 मार्च 2018 को दुष्कर्म पीड़िता के बयान दर्ज हुए थे. अलवर के अरावली विहार थाना पुलिस ने फलाहारी बाबा के द्वारा विलासपुर की युवती से रेप किए जाने के मामले में 15 दिसंबर 2017 को 84 दिन बाद एसीजेएम कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी थी. पुलिस ने कोर्ट में 40 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी, जिसमें पुलिस ने बाबा को दोषी मानते हुए धारा 506 और 376 (2 एफ) के तहत आरोप लगाए हैं.

11 सितंबर 2017 को बिलासपुर की 21 वर्षीय पीड़िता ने छत्तीसगढ़ के महिला थाना में 0 नंबर एफआईआर दर्ज करवाई थी और बाबा के खिलाफ रेप का आरोप लगाया था. छत्तीसगढ़ पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद पीड़िता का मेडिकल और 164 के बयान दर्ज कर फर्द रिपोर्ट बना कर अलवर पुलिस को फाइल भिजवा दी थी जिसके बाद अलवर पुलिस ने अरावली विहार थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

8 महीने चली सुनवाई

इसी दौरान फलाहारी बाबा बीमारी का बहाना बना कर एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गया था जहां डॉक्टरों के द्वारा उसको फिट घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने 23 सितंबर को अस्पताल से गिरफ्तार कर एसीजेएम कोर्ट 3 में पेश किया और कोर्ट ने बाबा को 16 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था. तभी से बाबा न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है.

अपर लोक अभियोजक योगेंद्र सिंह खटाना ने  बताया कि कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य उर्फ फलाहारी बाबा केस की प्रत्रावली डीजे कोर्ट से 11 जनवरी 2018 को फलाहारी प्रकरण मामले की सुनवाई के एडीजे कोर्ट राजेंद्र शर्मा की अदालत में भेजा था. इसके बाद कोर्ट ने आठ माह 15 दिन तक चली सुनवाई के बाद फैसला का दिन बुधवार को निर्धारित किया था. अभियोजन पक्ष कि ओर आए बहस करते हुए उन्होंने कोर्ट से कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी.[आज तक से साभार ]

 

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