Thursday, October 24, 2019
प्रत्याशियों के आपराधिक मामलों को लेकर सुप्रीमकोर्ट बेहद सख्त...केन्द्र सरकार और चुनाव आयोग को किया नोटिस

प्रत्याशियों के आपराधिक मामलों को लेकर सुप्रीमकोर्ट बेहद सख्त...केन्द्र सरकार और चुनाव आयोग को किया नोटिस

मीडियावाला.इन।

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सभी प्रत्याशियों को लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी देने संबंधी निर्देशों की अनदेखी करने को लेकर अवमानना कार्यवाही शुरू करने संबंधी याचिका पर केन्द्र सरकार और निर्वाचन आयोग को शुक्रवार को नोटिस जारी किये। न्यायमूर्ति रोहिंगटन फली नरीमन और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार एवं आयोग से जवाब तलब किया। न्यायालय ने विधि सचिव एवं कैबिनेट सचिव के माध्यम से केंद्र सरकार से और तीन चुनाव उपायुक्तों से भी इस बाबत जवाब तलब किया। न्यायालय ने पूछा है कि 25 सितंबर, 2०18 के उसके फैसले पर अमल क्यों नहीं किया गया? पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने एक जनहित याचिका पर पिछले साल सुनाये गये अपने फैसले मे कहा था कि सभी प्रत्याशियों को चुनाव लडऩे से पहले निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि की घोषणा करनी होगी और प्रत्याशियों की पृष्ठभूमि के बारे में पिं्रट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए, ताकि मतदाताओं को उनके बारे में जानकारी मिल सके। आयोग ने पिछले साल 1० अक्ट्रबर को फार्म 26 में संशोधन के बारे में अधिसूचना जारी की थी और राजनीतिक दलों तथा प्रत्याशियों को आपराधिक मामलों का प्रकाशन करने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता ने हालांकि अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि आयोग ने चुनाव चिह्न आदेश, 1968 और आचार संहिता में संशोधन नहीं किया है। इस वजह से इस अधिसूचना का कानून की नजर में कोई महत्व नहीं है।

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