Friday, November 22, 2019
भारत की सबसे बड़ी पटाखा इंडस्ट्री, यहां होती है फुलझड़ी की खेती

भारत की सबसे बड़ी पटाखा इंडस्ट्री, यहां होती है फुलझड़ी की खेती

मीडियावाला.इन।

ऊपर की तस्वीर थ्रिलिंग है, पहली नजर में देखने पर लगता है कि कीलें बिछाई जा रही हैं. हमने गूगल पर सर्च किया तो 'कॉन्स्ट्रक्शन मैन' बताने लगा. सारा कुछ सीमेंट के रंग का दिख रहा है इसलिए गूगल का कनफ्यूज होना स्वाभाविक है. लेकिन ये उपरोक्त में से कोई नहीं, बल्कि 'फुलझड़ी की खेती है.'

ये तस्वीर तमिलनाडु के शिवकाशी की है, जो भारत का सबसे बड़ा पटाखा बाजार है और जहां सबसे ज्यादा पटाखा फैक्ट्रियां हैं. भारत में पटाखों का आधा हिस्सा, यानी 50 से 55 प्रतिशत शिवकाशी की फैक्ट्रियों से आता है. सूत्रों की मानें तो अकेले शिवकाशी में हर साल 50 हजार टन पटाखों का उत्पादन होता है. इसका टर्नओवर लगभग 350 करोड़ रुपए होता है.

 

 

शिवकाशी में मुख्य व्यवसाय दो ही हैं. पटाखा और माचिस बनाना. दिवाली की तैयारी यहां महीनों पहले से होने लगती है. दिवाली के बाद सीजन न होने पर और बरसात के समय यहां रोजगार की कमी होती है. माचिस बनाने का काम घरों के अंदर होता है. 2016 में दिल्ली एनसीआर में पटाखों पर बैन की खबर ने यहां के व्यापारियों को सकते में ला दिया था.

मुश्किलें

पटाखों की फैक्ट्री यूं तो बहुत जोखिम का काम है. हर साल किसी न किसी फैक्ट्री में विस्फोट और आग लगने की खबर आती है. दूसरी समस्या सांस संबंधी बीमारियों की है. पटाखों में जो बारूद इस्तेमाल होता है वो शरीर के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं. तीसरी समस्या बालश्रम की है. इसके अलावा अवैध फैक्ट्रियां भी सरकार के लिए सिरदर्द हैं जिन पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है.

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