Tuesday, August 20, 2019
भोपाल में सपाक्स संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी की पत्रकार वार्ता, एट्रोसिटी बिल पर सपाक्स का आंदोलन का आगाज

भोपाल में सपाक्स संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी की पत्रकार वार्ता, एट्रोसिटी बिल पर सपाक्स का आंदोलन का आगाज

मीडियावाला.इन। सपाक्स समाज प्रांतीय कार्यालय में संरक्षक डॉ. हीरालाल त्रिवेदी(से.नि.आईएस एंव पूर्व सूचना आयुक्त), श्री विजय वाते ( से.नि. एडीजीपी) ने बताया कि भारत सरकार एंव देश के सभी राजननीतिक दल संविधान के मूल भावना के विपरीत कार्य कर रहे है। जब उच्चतम न्यायालय द्वारा एट्रोसिटी एक्ट के बारे में कोई व्याख्या की गई तब निर्देशों को समझना था। वोट की राजनीति तथा वर्ग विशेष के तुष्टिकरण की नीति अपनाने के बजाय सभी वर्ग के सांसदों की राय लेते, विधि विशषज्ञों की राय लेते एवम सर्वमान्य संशोधन पेश करते।  *प्रताड़ित किया*, *जातिसूचक शब्दों का उपयोग किया*, *गाली गलौज* किया *अपमानितकरने की नीयत से* आदि साधरण घटनाओं को जमानती बनाया जा सकता है। परंतु एट्रोसिटी एक्ट में सुधार ना कर पुरानी स्थिति में जो संशोधन किया जा रहा है उसका सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक सपाक्स समाज पुरजोर विरोध करता है। सपाक्स समाज इस प्रकार किये जा रहे संशोधन को बहुसंख्यक वर्ग के मौलिक अधिकारों का हनन करने काले कानून का पूरी ताकत से विरोध करता है।  हम समाज के बीच में जाकर विरोध व्यक्त करने का चरणबद्ध कार्यक्रम कर रहे है। 5 अगस्त को एट्रोसिटी बिल का पुतला फूंका है। आगे के कार्यक्रम का ब्यौरा निमानानुसार है – 

- आज 06 अगस्त 2018 – प्रेस कांफ्रेस कर के “चुल्लू भर पानी भेजो अभियान” के अंतर्गत सभी सांसदों को उनकी मूक दर्शिता व् कायरता के लिए चुल्लू भर पानी भेजा जा रहा है |
- 7 अगस्त 2018 – “घंटी बजाओ कार्यक्रम” के अंतर्गत स्थानीय सांसद को उनके सामाजिक दायित्व एवं समानता  मूलक व्यवहार को याद दिलाने के लिए उनके  घर के सामने घंटी बजाओ कार्यक्रम किया जाएंगा | 
- 8 अगस्त 2018 – सभी जिलो में कोर्ट/बार में जाकर “ अधिवक्ताओ को काली पट्टी बांध कर” सर्वोच्च नयायालय के निर्णय के सम्मान एट्रोसिटी एक्ट के संशोधन बिल के विरोध हेतु सहयोग मांगना |
- 09 अगस्त 2018 – “सदबुध्दि यज्ञ  के बाद महा महिम राष्टपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाना” 

देश के अन्य राज्यों के साथी संगठनो से विचार विमर्श कर यदि आवश्यक हुआ तो संस्था समाज के विभिन्न संगठनो के सहयोग से बाद में भारत बंद को समर्थन भी कर  सकता है |

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