Monday, September 23, 2019
तो हम मध्य प्रदेश में सपाक्स को भंग कर देंगे - हीरालाल त्रिवेदी

तो हम मध्य प्रदेश में सपाक्स को भंग कर देंगे - हीरालाल त्रिवेदी

मीडियावाला.इन। मध्य प्रदेश सपाक्स समाज के संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी ने यह स्पष्ट किया है कि यदि मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को मान कर पदोन्नति में आरक्षण नियम 2002 निरस्त कर देती है एवं पिछड़ों के हित में मध्यप्रदेश में भी 27% आरक्षण पिछड़ों के लिए लागू करें तथा अवशेष आरक्षण में कमी कर भारत सरकार के नियमों के अनुसार अनुसूचित जनजाति को 12.5% तथा अनुसूचित जाति को 10% सीधी भर्ती में आरक्षण देकर 50% सीमा के भीतर आरक्षण लागू करें तब सपाक्स समाज को आपत्ति नहीं होगी।

साथ ही सीधी भर्ती में चयन सूची तैयार करने में गुजरात हाईकोर्ट एवं दिल्ली हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार जो जिस वर्ग में आवेदन देता है उस वर्ग की मेरिट लिस्ट पहले तैयार की जाए तथा उसके बाद अनारक्षित 50% पदों की मेरिट लिस्ट बनाई जाए ताकि  चयन में ओवरलैपिंग नहीं होगी तथा समाज के सभी वर्गों के साथ सही रूप में सामाजिक न्याय प्राप्त होगा और सभी वर्गों के भीतर आपसी वैमनस्यता नही फैलेगी तथा वर्ग संघर्ष की संभावना नहीं होगी।

यदि इसी प्रकार केंद्र सरकार भी एट्रोसिटी एक्ट में मामूली संशोधन कर जो गैर जमानती अपराध है विशेषकर प्रताड़ित करना, जातिगत शब्द कहकर अपमान करना ,गाली गलोज करना, धक्का मुक्की करना, या मामूली कहासुनी जैसे छोटे अपराधो को एट्रोसिटी एक्ट में जमानती अपराध बना देते हैं तब समाज के 78% लोगों में यह मैसेज जाएगा कि सरकार उनके हितों की भी चिंता करती है. ऐसे छोटे-मोटे मामले जमानती बनाने से अनुसूचित जाति, जनजाति के हितों पर भी कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा और इससे भारतीय समाज में सदैव सद्भावना बनी रहेगी।

यदि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार उपरोक्तानुसार कार्यवाही कर देती है तब मध्यप्रदेश में तेजी से  आगे बढ़ रही सपाक्स संस्था की आवश्यकता ही नही होगी इसे हम सदा के लिये भंग कर देंगे।

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