Monday, September 23, 2019
एससी/एस टी  एक्ट पर भाजपा से छिटकने लगे सवर्ण और पिछड़े, 2019 से पहले भाजपा में मच सकती है भगदड़

एससी/एस टी एक्ट पर भाजपा से छिटकने लगे सवर्ण और पिछड़े, 2019 से पहले भाजपा में मच सकती है भगदड़

मीडियावाला.इन। इस शीर्षक का समाचार आगरा से प्रकाशित समाचार पत्र डीएनए न्यूज़ में उत्तर प्रदेश के संदर्भ में प्रकाशित हुआ है। इस समाचार में यह कहा गया है कि एस सी ,एस टी  एक्ट पर स्वर्ण और पिछड़े वर्ग के नेता बीजेपी से अलग होते जा रहे है। हम यहां यह बता दें कि उत्तर प्रदेश में दो विधायक एससी ,एसटी एक्ट में किए गए संशोधन और सुप्रीम कोर्ट को दरकिनार कर की गई कार्यवाही से नाराज होकर अपना इस्तीफा दे चुके हैं और कई नेता पार्टी छोड़ने का अंदर ही अंदर मन बना चुके हैं या बनाने जा रहे हैं। यूपी के एटा से खबर है कि जिले में बीजेपी के 50 सक्रिय कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस्तीफा दे चुके है।

इस संबंध में जब हमने मध्यप्रदेश सपाक्स समाज के प्रमुख श्री हीरालाल त्रिवेदी से बात की तो उन्होंने कहा कि आगे आगे देखिए होता है क्या? उत्तर प्रदेश तो क्या धीरे-धीरे मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में भी सवर्ण और पिछड़े वर्गों के सांसदों और विधायकों को यह समझना पड़ेगा कि अगर इस वक्त भी नहीं जागे तो आगामी चुनाव जीतना मुश्किल होगा. रीवाँ एवं सतना में भाजपा/ कांग्रेस नेताओं के सपाक्स में आने से इसकी शुरुआत भी हो गयी है।

श्री त्रिवेदी ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश के सभी सांसद विधायक और भाजपा/कांग्रेस नेताओं ने भी इस विषय पर चुप्पी साध कर सपाक्स समाज के साथ विश्वासघात किया है। अतः श्री त्रिवेदी ने प्रदेश की जनता को आह्वान किया है कि वह भी केंद्र सरकार और राज्य सरकार की सपाक्स विरोधी नीतियों को देखते हुए इनका स्वागत करना, इनको कोई भी सहयोग करना एवं चंदा देना बन्द करें। क्षेत्र में आने पर यह जरूर पूछे कि आप एट्रोसिटी एक्ट में हमे बिना जांच गिरफ्तारी का बिल पास होते समय चुप क्यों रहे।

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