Wednesday, July 17, 2019
सुप्रीम कोर्ट का आदेश हाईकोर्ट द्वारा नीना वर्मा का निर्वाचन शून्य घोषित किया था, वह यथावत रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश हाईकोर्ट द्वारा नीना वर्मा का निर्वाचन शून्य घोषित किया था, वह यथावत रहेगा।

मीडियावाला.इन।

धार-इंदौर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा धार विधायक नीना वर्मा के 2013 से 2018 तक के कार्यकाल को शून्य घोषित कर दिया गया है। नीना वर्मा ने 2013 में निर्वाचन प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन पत्र भरा था, उसमें कु छ बिंदू निरंक छोड़ दिए थे।

इस पर धार के वरिष्ठ अभिभाषक सुरेशचंद्र भंडारी ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें 20 नवंबर 2017 को हाईकोर्ट इंदौर ने आदेश पारित करते हुए नीना वर्मा का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट में वर्मा ने अपील की थी। इस अपील का गुरुवार को निर्णय आ गया है। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट इंदौर के फै सले को यथावत रखा है। हालांकि वर्तमान कार्यकाल पर कोई असर नही होगा।

इस फै सले पर अमल होने के पूर्व ही विधायक नीना वर्मा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सिविल अपील प्रस्तुत की गई थी। इस पर लंबी प्रक्रिया के बाद में 2 जुलाई को अंतिम सुनवाई की गई और उसके बाद में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कि या है। भंडारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हाई कोर्ट द्वारा जो नीना वर्मा का निर्वाचन शून्य घोषित कि या था, वह यथावत रहेगा।

ये राहत मांगी थी

भंडारी ने बताया कि नीना वर्मा के अधिवक्ता ने कोर्ट में यह मांग की थी कि इस आदेश बावजूद अर्जित लाभों में राहत दी जाए। प्रतिवादी भंडारी मतदाता है। न्यायालय ने इस विषय पर कहा कि न्यायालय इस विषय कोई चर्चा नहीं करना चाहता है।

वेतन और मानदेय की वसूली होगी

इधर, वरिष्ठ अभिभाषक भंडारी ने कहा कि यह न्याय प्रक्रिया के माध्यम से एक बहुत बड़ी जीत हुई है। हाई कोर्ट इंदौर के फै सले को सुप्रीम कोर्ट में यथावत रखा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अब नीना वर्मा द्वारा अपने विधायकी कार्यकाल में जो वेतन और मानदेय लिए गए थे, उनकी वसूली विधानसभा द्वारा की जाएगी। नीना वर्मा से करीब 40 लाख रु तक की वसूली की जाएगी।

इसके अलावा वे अपने नाम के साथ में 2013 से 2018 के कार्यकाल के लिए पूर्व विधायक का भी तमगा नहीं लगा सकें गी। भंडारी ने बताया कि हाईकोर्ट इंदौर ने अपने आदेश में वाद व्यय व अधिवक्ता फीस भुगतान करने का आदेश भी नीना वर्मा को दिया था। अब इसका भुगतान भी नीना वर्मा को करना होगा।

अब फैसले का कोई प्रभाव नहींपूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा ने कहा कि न्यायालय के आदेश में कहा गया है कि अब नए सिरे से निर्वाचन हो चुका है और नीना वर्मा निर्वाचित भी हो चुकी हैं। ऐसे में कोई विषय ही नहीं रह जाता है। इस आदेश के बारे में सही व्याख्या करना होगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी तरफ से कोई आदेश नहीं दिया है। इस प्रकरण में कोई हस्तक्षेप नहीं कि या है। विक्रम वर्मा ने कहा कि ऐसे शुभचिंतक हमें मिलते रहे तो हम अगले पांच साल भी विधायक रहेंगे। उन्होंने कहा कि विधायक के तौर पर विकास कार्य कि ए गए हैं और विकास कार्यों का सिलसिला जारी रहेगा।

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