Wednesday, July 24, 2019
मध्य प्रदेश: प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने दिए सुमित्रा महाजन के टिकट कटने के संकेत

मध्य प्रदेश: प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने दिए सुमित्रा महाजन के टिकट कटने के संकेत

मीडियावाला.इन।

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को टिकट नहीं देने के संकेत बीजेपी के बड़े नेताओं से मिलने लगे हैं. बीजेपी के मजबूत गढ़ में से एक माने जाने वाली इंदौर लोकसभा को लेकर पार्टी संगठन से लेकर संघ के अंदर जबरदस्त तरीके से मंथन का दौर जारी है.

भोपाल: लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को टिकट नहीं देने के संकेत बीजेपी के बड़े नेताओं से मिलने लगे हैं. बीजेपी के मजबूत गढ़ में से एक माने जाने वाली इंदौर लोकसभा को लेकर पार्टी संगठन से लेकर संघ के अंदर जबरदस्त तरीके से मंथन का दौर जारी है. पार्टी के सभी बड़े नेताओं के बीच प्रदेश के अलग-अलग सीटों पर रोजाना मंथन हो रहा है, लेकिन कोई इंदौर लोकसभा सीट को लेकर मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं है. इसकी बड़ी वजह प्रदेश बीजेपी से लेकर पार्टी के केंद्रीय संगठन में महाजन का कद है. यही कारण है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस पूरे मामले पर खुद महाजन से चर्चा करेगा.

दूसरी ओर, मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह ने खुद महाजन के टिकट कटने के संकेत दिए हैं. प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि इंदौर की सीट को लेकर जो भी फैसला पार्टी संगठन को करना वो महाजन की सहमति से ही किया जाएगा, वो हमारी पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं.

सूची में "ताई" का नाम नहीं 
बीजेपी ने अभी तक मध्यप्रदेश में अपने 14 सीटों पर प्रत्याशी के नामों का ऐलान किया है. इनमें पार्टी के बड़े नेता केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के सीट बदलने मुरैना से चुनाव लड़ने का ऐलान भी शामिल हैं लेकिन बीजेपी का गढ़ माने जाने वाली इंदौर लोकसभा सीट पर 8 बार की मौजूदा सांसद सुमित्रा महाजन का नाम नहीं होने से उनके टिकट कटने की चर्चाओं ने सियासी गलियारों में जोर पकड़ा और पार्टी संगठन के बड़े नेताओं ने भी बहुत हद तक स्थिति साफ नहीं कर इंदौर की सीट पर अटकलों को हवा दी.

8 बार से हैं इंदौर से सांसद 
16वीं लोकसभा की अध्यक्ष 75 वर्षीय सुमित्रा महाजन 8 बार से लोकसभा सांसद हैं. सदन के सभापति के पैनल में लंबे समय तक कार्य कर चुकी हैं. सुमित्रा महाजन को प्यार से 'ताई' बुलाते हैं. मीरा कुमार के बाद सुमित्रा महाजन दूसरी महिला लोकसभा स्पीकर है और मध्य प्रदेश से पहली लोकसभा की स्पीकर हैं. 2014 के चुनाव में मध्यप्रदेश से महाजन ने 4 लाख 66 हजार 901 वोटों से जीत दर्ज की थी. प्रदेश के किसी भी उम्मीदवार की सबसे बड़ी जीत है. इंदौर में भी यह अब तक सबसे बड़ी जीत है.

उम्र के क्राइटेरिया ने उलझाया 
सुमित्रा महाजन की उम्मीदवारी बीजेपी के 75 पार फार्मूले में उलझ गई है. बीजेपी के कई बड़े नेता अभी तक इस फार्मूले में उलझकर अपनी सीट गंवा चुके हैं. दूसरी ओर महाजन का टिकट भी इसी के जद में आ रहा है. यही कारण है किउनके नाम पर अभी तक पेंच फंसा हुआ है. वहीं महाजन के नाम के अलावा इस सीट पर मेयर मालिनी गौड और आईडीए के अध्यक्ष रहे शंकर लालवानी का नाम जोरों पर है. दोनों के नामों में से एक नाम पर पार्टी दो दिनों के अंदर फैसला कर सकती है.

news source: zeenews via dailyhunt

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