Monday, April 22, 2019
23 मई के बाद बनवानी पड़ेगी अलग जेल, उप मुख्यमंत्री का बयान

23 मई के बाद बनवानी पड़ेगी अलग जेल, उप मुख्यमंत्री का बयान

मीडियावाला.इन।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि अयोध्या में राम मंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए सरकार उसमें कुछ नहीं कर सकती.

बीबीसी के साथ ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा, "अयोध्या में हम बाबर के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगने देंगे. भव्य मंदिर भी बनेगा. चूंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए हमारी विवशता है. यदि सरकार को मंदिर बनाना होता तो शपथ ग्रहण के अगले दिन हम लोग कार सेवा शुरू कर देते."

इस सवाल पर कि क्या उनका मतदाता इस बारे में सवाल नहीं करेगा कि केंद्र और राज्य से लेकर स्थानीय निकाय तक में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद राम मंदिर के निर्माण को लेकर कुछ नहीं किया गया, केशव प्रसाद का जवाब था, "हमारे मतदाता को सब पता है कि हमने क्या किया है और क्या कर रहे हैं."

बातचीत में केशव प्रसाद मौर्य ने यहा दावा भी किया है कि लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी को कांग्रेस या गठबंधन से कोई चुनौती नहीं मिल रही है और बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन एनडीए इस बार 2014 के लोकसभा चुनाव से भी ज़्यादा सीटें जीतेगा.

उन्होंने स्वीकार किया कि समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के चलते पिछले साल हुए लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की तीन सीटों पर हार हुई थी लेकिन कहा कि आम चुनाव में ऐसा नहीं होगा.

पिछले साल हुए उप चुनाव में बीजेपी जिन तीन सीटों- फूलपुर, गोरखपुर और कैराना में हारी थी, उनमें फूलपुर लोकसभा सीट केशव प्रसाद मौर्य के ही इस्तीफ़े से ख़ाली हुई थी.

...अलग जेल बनवानी पड़ेगी

केशव प्रसाद मौर्य इस आत्मविश्वास की वजह बताते हैं, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकरार ने जो काम किया है, उसकी वजह से हम जीतेंगे. तमाम योजनाओं का लाभ देश की पचासी प्रतिशत जनता को सीधे तौर पर हुआ है."

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गठबंधन स्वार्थ पर टिका है, उसमें जनता का हित कहीं भी शामिल नहीं है.

उन्होंने कहा, "कांग्रेस भी उसी रास्ते पर चल रही है. लोकशाही में भी वो लोग राजशाही के स्वभाव के लोग हैं. कांग्रेसी पांच वर्ष विपक्ष में रहते हुए सत्ता में आने के लिए बेचैन हैं लेकिन 23 मई के बाद जो लोग बेल पर हैं, उनकी संख्या इतनी ज़्यादा हो जाएगी कि प्रधानमंत्री को एक अलग जेल बनवानी पड़ेगी."

सरकार की इतनी उपलब्धियों के बावजूद पार्टी के नेता उपलब्धियां गिनाने की बजाय पुरानी सरकारों, ख़ासकर कांग्रेसी सरकारों को ज़्यादा कोस रहे हैं.

इस सवाल पर उनका कहना था, "अगर उनकी नाकामी नहीं बताएंगे तो हमारी उपलब्धि का अंतर किसी को कैसे पता चलेगा? जब तक मोदी जी देश के प्रधानमंत्री नहीं बने थे, कोई कांग्रेसी किसी मंदिर में माथा टेकता था क्या? उसे मंदिर से जैसे घृणा होती थी, हिन्दू से घृणा होती थी. लेकिन आज जनेऊधारी भी बनते हैं, अपने को भोलेनाथ का भक्त भी बताते हैं."

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उनका कहना है कि 'अपराधियों को योगी जी की सरकार पाताल से भी खोजकर जेल में डाल रही है.'

लेकिन आए दिन होने वाले अपराधों को अंजाम देने वाले अपराधी कहां से आ रहे हैं, इस सवाल के जवाब में उनका कहना था, "अपराध जो कर रहे हैं, उन्हें दंड मिल रहा है. सपा की सरकार की तरह यहां अपराधियों को संरक्षण नहीं मिल रहा है."

विपक्षी गठबंधन से ज़्यादा केशव प्रसाद मौर्य कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेताओं पर हमलावर दिखते हैं.

पूरी बातचीत के दौरान उनका निशाना गांधी परिवार के ही सदस्य रहे, राज्य स्तरीय नेता नहीं.

प्रियंका गांधी की राजनीति में सक्रियता की वजह से बीजेपी में रणनीतिक स्तर पर भले ही मंथन चल रहा हो लेकिन केशव मौर्य प्रियंका गांधी की राजनीतिक अहमियत को कोई तवज्जो नहीं देते.वो कहते हैं, "प्रियंका गांधी का कोई प्रभाव नहीं है. कांग्रेस अपनी उपयोगिता और प्रासंगिकता खो चुकी है. अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही है. इस चुनाव के बाद शायद वो कहीं दिखे भी न."

केशव प्रसाद मौर्य साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली भारी जीत के वक़्त पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे.

पार्टी में तमाम वरिष्ठ नेताओं और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े नेताओं की कथित अनदेखी के सवाल को ये कहकर टाल देते हैं कि इस तरह के फ़ैसले पार्टी की उच्चाधिकार समिति में तय किए जाते हैं, न कि किसी एक व्यक्ति के कहने पर.

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने अपने सहयोगी दल 'अपना दल (एस)' को दो सीटें दी हैं जबकि सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) और हाल ही में एनडीए में शामिल निषाद पार्टी के साथ अब तक सीटों का तालमेल नहीं हो सका है.

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source: bbc.com/hindi

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