Monday, September 23, 2019
ई-टेंडर घोटाला :वरिष्ठ आईएएस मनीष रस्तोगी से डीजी EOW ने की विस्तृत चर्चा

ई-टेंडर घोटाला :वरिष्ठ आईएएस मनीष रस्तोगी से डीजी EOW ने की विस्तृत चर्चा

मीडियावाला.इन।

भोपाल। ई-टेंडर घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी से डेढ़ घंटे तक सवाल किए। इस दौरान उनसे घोटाले की प्रारंभिक जांच के बिंदुओं को जाना। वहीं, घोटाले से जुड़ी बेंगलुरु की एंट्रस सिस्टम्स लिमिटेड कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट मनोहर एनएम से जांच टीम ने लंबी पूछताछ की। कंपनी के कुछ और अधिकारियों से भी पूछताछ होनी है।

सूत्रों के मुताबिक ई-टेंडर मामले में ईओडब्ल्यू द्वारा जल निगम, लोक निर्माण विभाग, सड़क विकास निगम, जल संसाधन जैसे विभागों से टेंडरों की जानकारी मांगी गई है। सरकारी विभागों से 2015 के बाद हुए टेंडरों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

करीब एक साल पहले जब ई-टेंडर घोटाला सामने आया तब राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के एमडी रहे मनीष रस्तोगी को ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को बयान देने के लिए बुलाया था। उनसे घोटाले की जांच कर रही टीम ने पूछताछ नहीं की, बल्कि ईओडब्ल्यू के महानिदेशक केएन तिवारी ने करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की।

सूत्र बताते हैं कि रस्तोगी से घोटाले के पकड़े जाने से लेकर उनके द्वारा प्रकरण में की गई जांच और उसमें पाए गए तथ्यों के बारे में तिवारी ने सवाल किए। साथ ही यह भी पूछा कि घोटाला सामने आ जाने के बाद निगम के एमडी होने के नाते उन्होंने क्या कार्रवाई की? सूत्र बताते हैं कि रस्तोगी ने ईओडब्ल्यू को बताया है कि घोटाला सामने आने के बाद जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी थी और जिन नौ टेंडरों के साथ छेड़छाड़ सामने आई थी, उन्हंे निरस्त कर दिया था। 

वाइस प्रेसीडेंट को दिए सवाल

सूत्रों ने बताया कि ई-टेंडर घोटाले में आरोपी एंट्रस सिस्टम्स लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों में से वाइस प्रेसीडेंट मनोहर एनएम आज ईओडब्ल्यू पहुंचे। उनके साथ दो अन्य साथी भी थे। घोटाले की जांच कर रही टीम ने सुबह उनसे पूछताछ की, इसके बाद उन्हें कुछ सवाल दिए हैं, जिनके जवाब मांगे गए हैं। वाइस प्रेसीडेंट और उनके साथी शाम तक ईओडब्ल्यू मुख्यालय में उन सवालों के जवाब तैयार करते रहे।

ये सवाल कंपनी के अधिकारी से पूछे

- ई-टेंडर में शामिल होने वाली कंपनियों से किस फार्मेट में टेंडर लिए जाते थे।

उन टेंडरों को कोई बाहरी व्यक्ति खोलकर देख सकता था या नहीं।

- अगर बाहरी व्यक्ति खोलकर देख सकता था तो उसके लिए उसे किस-किस की मदद की जरूरत पड़ती।

ई-टेंडर सिस्टम की ट्रेनिंग के लिए क्या व्यवस्था की गई। 

- सेम्युलेटर के माध्यम से सिस्टम की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

 

भोज विवि की भी शिकायत

ईओडब्ल्यू में मंगलवार को भोज मुक्त विश्वविद्यालय में हुई गड़बड़ियों को लेकर भी एक शिकायत की गई। ईओडब्ल्यू के महानिदेशक केएन तिवारी ने बताया कि विवि में हुई अनियमितताओं को लेकर 943 पेज की शिकायत की गई है, जिसमें कई दस्तावेज भी पेश किए गए हैं। खरीदी से लेकर डिग्रियों तक में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। विधि की डिग्रियों में भी फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। तिवारी ने कहा कि शिकायत का परीक्षण करने के बाद उस पर कोई कार्रवाई की जाएगी। 

 

रस्तोगी से पूछा, क्या-क्या कदम उठाए

रस्तोगी जब इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के एमडी थे, तब यह मामला सामने आया था। उनसे यह पूछा गाय कि उन्होंने गड़बड़ी सामने आने के बाद क्या-क्या कदम उठाए और मामले में क्या कार्रवाई की। 

 

- केएन तिवारी, महानिदेशक, ईओडब्ल्यू

बातचीत के लिए बुलाया था

ई-टेंडर घोटाले की जांच के लिए मुझे बातचीत के लिए बुलाया गया था। आगे अगर पूछताछ के लिए बुलाएंगे तो मैं आऊंगा। आज पूछताछ के लिए नहीं बुलाया था। 

- मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव, राजस्व

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