Wednesday, July 24, 2019
सपाक्स पार्टी लोकसभा की 60 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, नीतिगत विरोध के साथ मोदी,राहुल,दिग्विजय,शिवराज के खिलाफ प्रत्याशी- हीरालाल त्रिवेदी

सपाक्स पार्टी लोकसभा की 60 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, नीतिगत विरोध के साथ मोदी,राहुल,दिग्विजय,शिवराज के खिलाफ प्रत्याशी- हीरालाल त्रिवेदी

मीडियावाला.इन।

मंदसौर से घनश्याम बटवाल

पूर्व वरिष्ठ आई ए एस एवं सपाक्स पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी ने आज मंदसौर में घोषणा करते हुए बताया कि जातिगत आरक्षण के विरोध में देश भर में चुनिंदा लोकसभा सीटों पर 60 से अधिक प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे । 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से , कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से , पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह के खिलाफ भोपाल से और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ गांधीनगर से , पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान जहां से लड़ेंगे इन सबके खिलाफ पार्टी दमदार उम्मीदवार के साथ चुनाव लड़ेगी ।
अपने एक दिवसीय प्रवास पर मंदसौर आये त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में 15 सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी ।
देश के 11 राज्यों में समान विचारों के घटक दलों ने मिलकर समानता मोर्चे का गठन किया है ।
अखिल विश्व क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे एस भदौरिया ने सपाक्स पार्टी का समर्थन किया है ।
            श्री त्रिवेदी ने माना कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी को सफलता नहीं मिल पाई परंतु पार्टी की दमदार उपस्थिति प्रथम बार में ही दर्ज हुई । चुनाव चिन्ह विलंब से मिलना और तैयारी पूरी तरह नहीं होने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले पर अब पार्टी और समान विचारों वाले दल देश भर में तैयार हैं ।
हम जितने के लिए लड़ेंगे और लोकसभा में निर्णायक भूमिका में होंगे ।
एक प्रश्न के उत्तर में आपने कहा केन्द्र में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा । सपाक्स पार्टी और समानता मोर्चा मिलकर नीतिगत आधार पर निर्णायक सिद्ध होगी ।
आपने कहा  एनडीए सरकार हर मोर्चे पर असफल रही है , मोदी सरकार ने जातिवादी व्यवस्था को पोषित कर सामाजिक विषमताओं को बढ़ावा दिया है । यूपीए कांग्रेस नीत गठबंधन की भी यही नीति रही , तुष्टिकरण करते हुए समाज को बांट कर राज किया । 
वर्तमान में एट्रोसिटी एक्ट का विरोध देश भर में हो रहा है । जरूरत एक देश - एक झंडा - एक कानून की है । जाति , धर्म , भाषा और क्षेत्र के नाम विभाजित न होकर एक राष्ट्र के रूप में काम करना होगा ।
श्री त्रिवेदी ने कहा शिक्षा - स्वास्थ्य - तकनीकी क्षेत्र - सुरक्षा - संवेदनशील पदों पर आरक्षण की नहीं उपयुक्त नियुक्ति होना चाहिए । चाहे वह किसी भी वर्ग का हो ।
आपने खुलासा किया कि स्वयं ने पार्टी फ़ोरम पर प्रस्ताव दिया है कि उन्हें भोपाल से दिग्विजय सिंह के विरुद्ध प्रत्याशी बनाया जाए.

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