Monday, October 22, 2018
मुरैना जिले में संबल योजना में 221 नए संदेही मिले, 2 करोड़ रुपए के बिल माफ

मुरैना जिले में संबल योजना में 221 नए संदेही मिले, 2 करोड़ रुपए के बिल माफ

मीडियावाला.इन। मुरैना। संबल योजना में श्रमिकों और गरीब परिवारों के बिल माफ करने के लिए कर्मचारियों ने मोटा पैसा ऐंठा है। यही वजह है कि बिजली कंपनी के अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच में लगातार ऐसे संदेही उपभोक्ता सामने आ रहे हैं, जिन्हें गलत कागजों के आधार पर गलत तरीके से लाभ दिया गया है।

पहले 197 उपभोक्ताओं के नाम सामने आए थे और अब फिर 221 नए संदेही बिजली कंपनी को मिले हैं। जिन्होंने कर्मचारियों से मिलीभगत कर 2 करोड़ रुपए तक के बिल माफ करवा दिए हैं। कंपनी को जांच में कुछ आउट सोर्सिंग कंपनी के कर्मचारियों की वॉयस रिकॉर्डिंग भी मिली हैं, जिससे यह मिलीभगत साफ हुई है।

संबल योजना में अचानक से हजारों लोगों ने अपने बिल माफ कराने के लिए कंपनी को आवेदन दिए थे। इसकी एक निर्धारित प्रकिया थी, जिसमें सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने पर ही उपभोक्ता को योजना का लाभ मिलना था। अधिकारियों के आईडी पासवर्ड का दुरुपयोग कर कुछ आउट सोर्स कंपनी के कर्मचारियों ने बड़ी गड़बड़ियां कर कंपनी को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया।

करीब 15 दिन पहले कंपनी को 197 ऐसे लोग मिले थे, जिन्होंने मुरैना के बाहर के वितरण केंद्रों के आईडी पासवर्ड से लाभ लिया था। इसके बाद कंपनी ने 7 दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की थी। इसके बाद पुलिस को कंपनी ने एफआईआर के लिए आवेदन भी दिया था। इसके बाद कंपनी का शक और गहराया।


113 लोग ऐसे जिनके पास न बीपीएल न श्रमिक कार्ड

कंपनी को जांच में 113 ऐसे संदेही मिले हैं, जिन्हें संबल योजना के तहत 68 लाख 60 हजार रुपए के बिल माफी का लाभ मिला है। योजना में इन उपभोक्ताओं को ही श्रमिक कार्डधारी और बीपीएल कार्ड धारी दर्शाया गया है, लेकिन हकीकत में जो श्रमिक कार्ड और बीपीएल कार्ड हैं। वे किसी दूसरे के नाम पर हैं।

88 उपभोक्ताओं ने लगाए दूसरों के श्रमिक कार्ड

जांच में अधिकारियों को 88 ऐसे उपभोक्ता मिले हैं, जिन्होंने अपने कनेक्शन पर बिल माफ कराने के लिए जिन लोगों के श्रमिक कार्ड और बीपीएल कार्ड लगाए हैं। वे समग्र आईडी में दिए गए परिवार के सदस्यों की जानकारी में घर के सदस्य हैं ही नहीं। ऐसे में इन लोगों को कर्मचारियों ने कैसे लाभ दे दिया, इसकी जांच की जा रही है।

इनका कहना है

करीब 221 संदिग्ध लाभ लेने वाले उपभोक्ता चिन्हित किए हैं। इन्हें दूसरे के नाम के श्रमिक कार्ड पर लाभ दिया गया है। कुछ प्रमाणों के आधार पर दो आउट सोर्सिंग वर्करों को हटाया गया है। सभी उपभोक्ताओं को नोटिस दिए गए हैं कि वे अपने दस्तावेजों को प्रमाणित करें। ऐसा न करने वाले उपभोक्ताओं से माफ किया गया पैसा वसूला जाएगा।

नईदुनिया से साभार
 

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