Wednesday, October 16, 2019
आज जारी होगी कांग्रेस की सूची; सीईसी ने 222 सीटों को दी मंजूरी

आज जारी होगी कांग्रेस की सूची; सीईसी ने 222 सीटों को दी मंजूरी

मीडियावाला.इन।

  • गुरुवार को जारी होनी थी सूची, दिग्विजय-सिंधिया के बीच विवाद से दो दिन टल गई थी 
  • भाजपा में शामिल हुए गुड्डू का सीईसी में आया था सिंगल नाम, नाथ बोले- ये बड़े नेता
  • राहुल बोले - प्रेमचंद गुड्डू का पिछला रिकार्ड भी तो देख लें 

भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की पहली सूची आज जारी होगी। केंद्रीय चुनाव समिति ने शुक्रवार को आखिरी मंथन के बाद 222 सीटों पर प्रत्याशियों को मंजूरी दे दी है। असल में, केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच बहस के चलते सूची जारी नहीं की गई थी। खबर थी कि राहुल गांधी के सामने ही सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों भिड़ गए थे। इसे लेकर राहुल गांधी ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। 


सीईसी में प्रेमचंद गुड्डू का सिंगल नाम भी आया : केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक में शुक्रवार को आलोट से सिंगल नाम पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू का आया। उनके नाम पर विचार के दौरान राहुल गांधी ने पूछा कि स्क्रीनिंग कमेटी में और कोई दूसरे नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि गुड्डू बड़े नेता हैं, इसलिए सिंगल नाम ही सामने आया, तब राहुल ने कहा कि इनका पिछला रिकाॅर्ड भी देख लें। इस तरह गुड्डू का नाम आलोट से कटने की खबर बाहर आ गई और उन्होंने नई दिल्ली में भाजपा का दामन थाम लिया। 
 
पार्टी में शामिल होते ही भाजपा की सूची में संशोधन : उधर, गुड्डू के भाजपा में आते ही भाजपा ने कुछ घंटे पहले जारी सूची में तुरंत संशोधन कर दिया। घटिया से पहले अशोक मालवीय को टिकट दिया गया था, इसे रिक्त कर दिया गया। इससे साफ है कि इस सीट से  गुड्डू या उनका बेटा प्रत्याशी हो सकते हैं। भाजपा सूत्रों की मानें तो गुड्डू को लाने में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की अहम भूमिका रही। पिछले 2013 के विधानसभा चुनाव में  आलोट विधानसभा से गुड्डू के बेटे अजीत बौरासी ने चुनाव  लड़ा था और वे चुनाव हार गए थे। उस दौरान कांग्रेस के तय मापदंडों के अनुसार नेता पुत्रों को टिकट दिए जाने की मनाही थी। 

गुड्डू पर लगा था बेटे को टिकट दिलाने का आरोप : गुड्डू पर आरोप था कि सांसद रहते गुड्डू ने अपने प्रभाव के चलते नजदीकी पप्पू बौरासी को टिकट दिलवा दिया था, लेकिन बी फार्म में गड़बड़ी कर अजीत बौरासी का नाम लिखकर चुनाव लड़वा दिया। यह शिकायत कांग्रेस आलाकमान के पास भी पहुंची थी। आलोट समेत उज्जैन जिले की बाकी सीटों पर टिकट दिलवाया वे भी चुनाव हार गए। इसके साथ ही महिदपुर से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ उनके कट्टर समर्थक दिनेश जैन को बागी खड़ा कर पार्टी की फजीहत करवा दी थी। 

इधर, नागदा चर्चा में : अभी केंद्र में सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गेहलोत नागदा शहर से ही हैं। उनकी मर्जी से नागदा के तीन निवासियों जिनमें उनके पुत्र आलोट से जितेंद्र गेहलोत, नागदा से दिलीप सिंह शेखावत एवं घट्टिया से अशोक मालवीय को भाजपा ने टिकट दिया है। वहीं, महिंदपुर से विधायक बहादुर सिंह चौहान का टिकट होल्ड कर नागदा से पूर्व विधायक रहे लाल सिंह राणावत को टिकट दिए जाने की चर्चा है। चूंकि गुड्डू के भाजपा में शामिल होने से इन सीटों के समीकरण बदलने की संभावना है। 
 

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